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चिड़ियाघर में किंग के स्वागत की तैयारी
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रोहतक। तिलियार पर्यटन केंद्र स्थित लघु चिड़ियाघर में शेर (किंग) के स्वागत की तैयारियां जोरों पर है। यहां जल्दी ही शेर का जोड़ा लाया जाएगा। इससे पहले इस जोड़े के रहने के लिए पिंजरा (एन्क्लोजर) तैयार किया जा रहा है। वन विभाग यहां के वन्य जीवों की सुविधाओं के साथ चिड़ियाघर के सुंदरीकरण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसके तहत वन्य जीवों के लिए हर सुविधा मुहैया कराने पर जोर दिया जा रहा है।
चिड़ियाघर में भ्रमण के लिए जाने वाले पर्यटकों को जल्दी ही यहां सिंह भी नजर आएंगे। यहां सिंह का जोड़ा लाने के लिए प्रयास जारी हैं। सिंहों के आगमन से पहले इनके रहने के लिए पिंजरा तैयार किया जा रहा है। यह लगभग तैयार हो गया है। इसका काम अंतिम चरण पर है। यह मुख्यालय के नियमानुसार खुला व बड़ा पिंजरा होगा। यहां वन जैसा माहौल तैयार किया जाएगा। इससे शेर के जोड़े को किसी तरह की परेशानी न हो। मुख्य वन्य प्राणी वार्डन पंकज गोयल ने भी यहां दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। यहां अधिकारियों को नए वन्य जीवों के आगमन से पहले तैयारियों दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए थे।
बाघ के पिंजरा में बैठने को बनाया लकड़ी का मचान
वन्य प्राणियों को वन सा माहौल देने की दिशा में खास कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बाद चिड़ियाघर में उनके रहने के लिए उसी अनुरूप पिंजरा बनाए जा रहे हैं। पिंजरे में उसके बैठने के लिए लकड़ी का ऊंचा मचान बनाया गया है। यह अपने आपमें आकर्षण का केंद्र है।
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भालू का पिंजरा भी बन कर तैयार
चिड़ियाघर में बाघ, हिरण, शुतुरमुर्ग समेत अन्य वन्य जीव हैं। इनमें से बच्चों को सबसे अधिक भाने वाला कालू (भालू) खास है। पर्यटकों में बच्चों की संख्या अधिक होने के चलते यहां भालू लाने की भी तैयारी की जा रही है। इसका पिंजरा तैयार हो गया है। अब विभाग से इसकी शिफ्टिंग के आदेश का इंतजार है।
वर्जन:
चिड़ियाघर में वन्य प्राणियों की बेहतर देखभाल की जा रही है। सुंदरीकरण को लेकर भी काम जारी है। इसके तहत नए पिंजरे, सड़क व अन्य काम शामिल हैं। भालू व शेर का पिंजरा बन गया है। जल्दी ही इन्हें यहां लाया जाएगा। इसके लिए पत्र व्यवहार किया गया है।
- देंवेद्र हुड्डा, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग।
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चिड़ियाघर में भ्रमण के लिए जाने वाले पर्यटकों को जल्दी ही यहां सिंह भी नजर आएंगे। यहां सिंह का जोड़ा लाने के लिए प्रयास जारी हैं। सिंहों के आगमन से पहले इनके रहने के लिए पिंजरा तैयार किया जा रहा है। यह लगभग तैयार हो गया है। इसका काम अंतिम चरण पर है। यह मुख्यालय के नियमानुसार खुला व बड़ा पिंजरा होगा। यहां वन जैसा माहौल तैयार किया जाएगा। इससे शेर के जोड़े को किसी तरह की परेशानी न हो। मुख्य वन्य प्राणी वार्डन पंकज गोयल ने भी यहां दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। यहां अधिकारियों को नए वन्य जीवों के आगमन से पहले तैयारियों दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए थे।
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बाघ के पिंजरा में बैठने को बनाया लकड़ी का मचान
वन्य प्राणियों को वन सा माहौल देने की दिशा में खास कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बाद चिड़ियाघर में उनके रहने के लिए उसी अनुरूप पिंजरा बनाए जा रहे हैं। पिंजरे में उसके बैठने के लिए लकड़ी का ऊंचा मचान बनाया गया है। यह अपने आपमें आकर्षण का केंद्र है।
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भालू का पिंजरा भी बन कर तैयार
चिड़ियाघर में बाघ, हिरण, शुतुरमुर्ग समेत अन्य वन्य जीव हैं। इनमें से बच्चों को सबसे अधिक भाने वाला कालू (भालू) खास है। पर्यटकों में बच्चों की संख्या अधिक होने के चलते यहां भालू लाने की भी तैयारी की जा रही है। इसका पिंजरा तैयार हो गया है। अब विभाग से इसकी शिफ्टिंग के आदेश का इंतजार है।
वर्जन:
चिड़ियाघर में वन्य प्राणियों की बेहतर देखभाल की जा रही है। सुंदरीकरण को लेकर भी काम जारी है। इसके तहत नए पिंजरे, सड़क व अन्य काम शामिल हैं। भालू व शेर का पिंजरा बन गया है। जल्दी ही इन्हें यहां लाया जाएगा। इसके लिए पत्र व्यवहार किया गया है।
- देंवेद्र हुड्डा, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग।