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जांच अधिकारी की अपील सुनवाई योग्य नहीं, मंत्री पर केस दर्ज करे पुलिस

Fri, 26 Jul 2019 02:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jul 2019 02:33 AM IST
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Police officers register case against minister
लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन काठमंडी के बूथ पर सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर और कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के बीच झड़प मामले में सेशन कोर्ट ने पुलिस की अपील खारिज कर दी है। सेशन कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में लिखा है कि जांच अधिकारी को निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करने की बजाए आदेशों का पालन करना चाहिए था। घटनाक्रम को लेकर दो एफआईआर पहले दर्ज हैं, इसमें तीसरी भी दर्ज हो सकती थी। ऐसे में पुलिस की अपील सुनवाई योग्य नहीं है। अदालत 4 अगस्त को दी गई स्टे हटाते हुए निचली कोर्ट के आदेशों का पालन करने की पुलिस को हिदायत देती है।
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वहीं शिकायतकर्ता एवं बार प्रधान लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो ने कहा कि शुक्रवार सुबह तक पुलिस मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे, नहीं तो कोर्ट की अवमानना की याचिका दाखिल करेंगे। उधर, मामले के अब तक जांच अधिकारी रहे शिवाजी कालोनी थाने के इंस्पेक्टर कमलदीप का शिवाजी कालोनी थाने से महम थाना प्रभारी के तौर पर तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई अदालत के फैसले से पहले की गई थी। अब इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह शिवाजी कॉलोनी थाने के प्रभारी हैं। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश की मूल कापी अभी नहीं मिली है। कापी मिलते ही कोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी।
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बता दें कि लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन 12 मई को रोहतक शहर विधानसभा के काठमंडी के बूथ पर सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर और कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के बीच बूथ के अंदर जाने को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बोहर निवासी रमेश लोहार व उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। रमेश लोहार के खिलाफ पहले भी कई संगीन मामले दर्ज रहे हैं। हालांकि अब वह कई मामलों में बरी हो चुका है और भाजपा के टिकट पर नगर निगम के वार्ड नंबर 9 से चुनाव भी लड़ा था। इतना ही नहीं, उसे मंत्री का करीबी समर्थक माना जाता है। इसी बीच बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो ने जेएमआईसी विवेक सिंह की कोर्ट में अर्जी दाखिल की कि पुलिस ने मामले में सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। उसकी शिकायत पर मामला दर्ज करने की बजाए मनमाने तरीके से कार्रवाई की है। मामले में सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व रमेश लोहार सहित अन्य के खिलाफ 420, 483, 188, 171सी, 171एफ, 166ए, 511, 506, 34, 120बी, आर्म्स एक्ट और 135 रिप्रजेंटिव एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए। कोर्ट ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन जांच अधिकारी ने सेशन कोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी। अब सेशन कोर्ट ने जांच अधिकारी की अर्जी को खारिज कर दिया है।
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अब आगे क्या
अदालत के फैसले के बाद अब पुलिस व आरोपी पक्ष के पास तीन रास्ते बचे हैं। पुलिस हाईकोर्ट में सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील कर सकती है। अगर पुलिस एफआईआर दर्ज करती है तो आरोपी पक्ष हाईकोर्ट में एफआईआर को खत्म करने की मांग याचिका दाखिल कर सकता है। तीसरा, पुलिस एफआईआर दर्ज कर जांच रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर एफआईआर को रद्द करने की मांग कर सकती है।

- एडवोकेट दीपक भारद्वाज, पूर्व बार सचिव
शुक्रवार सुबह तक अगर शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने सहकारिता मंत्री और रमेश लोहार के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की तो वे पुलिस के खिलाफ अदालत में अवमानना की याचिका दाखिल करेेंगे।
- लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो, बार प्रधान एवं शिकायतकर्ता
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