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कपास की फसल पर हुआ गुलाबी सुंडी का हमला

Thu, 14 Oct 2021 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 14 Oct 2021 12:57 AM IST
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Pink worm attack on cotton crop
Pink worm attack on cotton crop
बारिश और जलभराव के बाद कपास की जो फसल बची थी, उस पर गुलाबी सुंडी ने हमला कर दिया है। इसका प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जिससे किसान परेशानी में आ गए हैं। कृषि विभाग के मुख्यालय से इस संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है। विभागीय अधिकारियों को किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिले में इस बार कपास का रकबा 13,300 हेक्टेयर है। इस साल बारिश और जलभराव ने कपास को काफी नुकसान पहुंचाया। खेतों में पानी भरने के कारण कपास की आधी से ज्यादा फसल पहले ही खराब हो चुकी है। कई किसानों ने तो पानी ज्यादा भरने के बाद कपास की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर धान लगा दिया था। कृषि विभाग के अनुमान के मुताबिक करीब 40 प्रतिशत फसल बच गई थी। अब उस पर गुलाबी सुंडी का हमला हो गया है। अभी तक कपास की सिर्फ एक ही तुड़ाई हुई है, दूसरी तुड़ाई अभी होनी थी, इसी बीच गुलाबी सुंडी का हमला हो गया। विभाग के कहने पर बहुत से किसानों ने तो कीटनाशक का स्प्रे शुरू कर दिया है। लेकिन बहुत से किसान ऐसे हैं जिन्होंने कीटनाशक स्प्रे करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्हें लग रहा है कि अब स्प्रे के बाद जो फूल बनेगा उसकी रुई एक माह बाद मिलेगी। पर फूल खिलेगा भी या नहीं, यह भी पता नहीं। किसान पहले ही कपास पर काफी पैसे खर्च कर चुके हैं, अब लागत और बढ़ेगी। इसलिए वे फसल बचाने की कोशिश ही नहीं कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार करीब 20 वर्षों के बाद गुलाबी सुंडी का हमला हुआ है।
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विभाग के बताए कीटनाशक ही स्प्रे करें
उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. यशपाल दहिया ने कहा कि कपास की फसल पर धीरे-धीरे गुलाबी सुंडी ने हमला करना शुरू कर दिया है। यह सुंडी टिंडे के अंदर घुसकर फसल को नुकसान पहुंचाती है, पहले जलभराव मुसीबत बन चुका है। इस कारण फसल को काफी नुकसान हो सकता है। कृषि विभाग ने एडवाइजरी कर अधिकारियों कर्मचारियों को किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे विभाग द्वारा सिफारिश किए गए कीटनाशक का ही प्रयोग करें
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7500 हेक्टेयर धान की फसल प्रभावित
कृषि विभाग की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार जिले में 7500 हेक्टेयर धान की फसल पर हॉपर का प्रभाव ज्यादा है। धान का कुल रकबा इस बार 61 हजार हेक्टेयर है। कई इलाकों में हॉपर का प्रकोप बढ़ रहा है। कृषि विभाग के अधिकारी लगातार किसानों को कीटनाशक स्प्रे के बारे में जागरूक कर रहे हैं। लेकिन मौसम कीट के लिए अनुकूल है। अभी भी दिन का तापमान ज्यादा बना हुआ है और रात को हल्की ठंड हो जाती है। जिन खेतों में जलभराव है, वहां हॉपर का प्रकोप बढ़ रहा है। अगर दिन का तापमान थोड़ा गिर जाता है तो हॉपर का प्रभाव खुद ही कम हो जाएगा।
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