फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   pgims rohtak news

पीजीआई प्रदेश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान और टीकाकरण में पीछे

Tue, 26 Jan 2021 01:41 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jan 2021 01:41 AM IST
विज्ञापन
pgims rohtak news
रोहतक। पीजीआईएमएस रोहतक को एक ओर प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान का गौरव प्राप्त है। वहीं दूसरी ओर सोमवार को देशभर में चले महा टीकाकरण अभियान में 225 लोगों को ही टीका लगाया गया। पिछले दिनों टीकाकरण का आंकड़ा अर्ध शतक भी पार नहीं कर पाया था। वर्तमान में अधिकारियों के प्रयास के चलते सोमवार को यह संख्या 200 पार कर पाई। टीकाकरण में संस्थान का आगे ना आना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग को दी गई लिस्ट में पीजीआईएमएस में 9 हजार से अधिक लाभार्थी बताए गए हैं। जबकि टीका लगवाने यहां अधिकांश लोग नहीं आ रहे हैं। यह स्थिति उस समय है जब कुलपति, निदेशक, रजिस्ट्रार व एमएस स्वयं टीका लगवा चुके हैं। सोमवार को टीकाकरण अभियान में 670 गार्डों को जागरूक करने के लिए मुख्य सुरक्षा अधिकारी मेजर नीरज शर्मा व उनके साथ 16 गार्डों ने स्वयं को वैक्सीन लगवाई। इसके बावजूद अधिकांश में टीका लगवाने को लेकर संशय बना रहा। संस्थान में कई सीनियर डॉक्टर वैक्सीन लगवा चुके हैं, इसके बावजूद यहां जूनियर डॉक्टर टीका लगवाने से बच रहे हैं। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस कोरोना की कौवैक्सीन की रिसर्च का हिस्सा भी रहा है और पहले दो चरण में रिकार्ड वॉलंटियरों को रिसर्च में शामिल किया। अब स्वयं टीकाकरण कराने में यहां की टीम पीछे चल रही है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने इस संबंध में बताया कि हम तो सभी को जागरूक ही कर सकते हैं किसी को इसके लिए दबाव नहीं दिया जा सकता है। हेल्थ वर्कर को स्वयं टीका लगवाना चाहिए और अन्य को भी इसके लिए जागरूक करना चाहिए।
विज्ञापन

सभी को टीका लगवाना चाहिए, इससे कोरोना से सुरक्षा तय होगी। जब हेल्थ वर्कर सुरक्षित होंगे तो ही हम मरीजों का सही ढंग से उपचार कर सकेंगे। कोरोना महामारी को रोकने के लिए हमें लोगों को जागरूक भी करना है। यदि स्वयं टीकाकरण नहीं कराएंगे तो लोगों को कैसे जागरूक करेंगे। वैक्सीन किसी तरह से नुकसानदायक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- डॉ. जसबीर परमार, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन
डेंटल कॉलेज का कोई भी स्टाफ बिना टीकाकरण के नहीं रहेगा। हम सभी को जागरूक कर रहे हैं और पूरे स्टाफ में वैक्सीन को लेकर उत्साह भी बना हुआ है। डेंटल कॉलेज के स्टाफ को टीका लगवाने की अधिक जरूरत है, यहां मरीज का मास्क हटवा कर जांच करनी पड़ती है। यदि टीका लगा रहेगा तो खतरा न के बराबर होगा।

- डॉ. संजय तिवारी, प्रिंसिपल, पीजीआईडीएस
संस्थान के सुरक्षा गार्ड सबसे अधिक और सबसे पहले मरीजों के संपर्क में आते हैं। किसी को नहीं पता होता कि सामने वाला व्यक्ति किस बीमारी का मरीज है। इसलिए जरूरी है कि गार्ड पहले स्वयं का संक्रमण से बचाव करें। इसके लिए टीका लगवाना बहुत जरूरी है। टीका लगवाने से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। किसी को कुछ पूछना है तो बात कर सकता है।
- मेजर नीरज शर्मा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी
सिर्फ ये नहीं लगवा सकते टीका
- जिन्हें किसी से एलर्जी की समस्या है
- जो गर्भवती हैं
- जो बच्चे को दूध पिला रही हैं
- जिन्होंने दो सप्ताह से पहले कोई वैक्सीन लगवाई हो या अगले दो सप्ताह में वैक्सीन लगवानी हो
- किसी ड्रग से रिएक्शन होता हो
- हार्ट के मरीज जिनको रक्त पतला करने की दवा लेनी होती हो
- ब्लडिंग डिसआर्डर वाले
नोट : डॉ. आरबी जैन के अनुसार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed