{"_id":"5dd45ee08ebc3e54ae283f76","slug":"paper-center-not-mobile-phone-rohtak-news-rtk528372334","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षा केंद्र में केंद्र अधीक्षक के अलावा किसी के पास नहीं होगा मोबाइल फोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षा केंद्र में केंद्र अधीक्षक के अलावा किसी के पास नहीं होगा मोबाइल फोन
विज्ञापन
VS 4.jpg
विकास सैनी
रोहतक। परीक्षा में नकल कर मेधावी विद्यार्थियों को पीछे छोड़ने वाले नकलची अब संभल जाएं। ऐसा करेंगे तो भारी पड़ सकता है। एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने नकल के खेल पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए सख्ती बरतने का फैसला लिया है। इसके तहत नवंबर व दिसंबर में होने वाली सेमेस्टर परीक्षा को फुलप्रूफ करते हुए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। विद्यार्थी या स्टाफ कोई भी परीक्षा के दौरान मोबाइल कालेज नहीं ले जा सकेगा। परीक्षा केंद्र में केवल अधीक्षक को ही परीक्षा के दौरान मोबाइल रखने की अनुमति रहेगी। परीक्षा को लेकर विवि ने विद्यार्थियों के अनुक्रमांक जारी कर दिए हैं।
इंटरनल फ्लाइंग बनाएगी नकलचियों की यूएमसी
नकल रहित परीक्षा को लेकर एमडीयू ने खास प्लानिंग बनाई है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों में इंटरनल (कालेज से ही) फ्लाइंग बनाई जाएगी। विवि के आब्जर्वर इनसे संपर्क कर कार्रवाई करेंगे। यही नहीं इंटरनल फ्लाइंग को यूएमसी बनाने का भी अधिकार दिया गया है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की बदलेगी ड्यूटी
सेमेस्टर परीक्षा में कालेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास नजर रहेगी। इसके तहत इनकी ड्यूटी लगातार बदलती रहेगी। इस बार ये एक ही जगह ड्यूटी नहीं दे पाएंगे। यही नहीं यह ड्यूटी भी परीक्षा केंद्र से अलग दूसरी जगहों पर रहेगी। अक्सर विद्यार्थी इनके जरिये नकल बाहर से अंदर मंगवाता है।
विज्ञापन
एमडीयू प्रशासन करेगा पुलिस की व्यवस्था
पहली बार कालेजों को परीक्षा केंद्रों के बाहरी हस्तक्षेप की चिंता नहीं रहेगी। इस बार सेमेस्टर परीक्षा में बाहरी सुरक्षा के लिए एमडीयू प्रशासन व्यवस्था करेगा। इसके लिए एसपी और डीसी से संपर्क कर पुलिस की उचित व्यवस्था कराई जाएगी। अक्सर कालेजों की डिमांड पर पुलिस सुरक्षा कम मिल पाती है। इसलिए कुलपति ने प्राचार्यों को पुलिस सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
पर्यवेक्षक व उड़नदस्ते किए जाएंगे तैयार
कुलपति की देखरेख में हुई प्राचार्यों व निदेशकों की बैठक में परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षक व उड़नदस्ते खासतौर पर तैयार किए जाएंगे। परीक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने भी जरूरी सुझाव दिए हैं। बैठक में जाट महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता दलाल, जीबी डिग्री कॉलेज प्राचार्य डॉ. जेपी शर्मा, सैनी कॉलेज प्राचार्य डॉ. भीम सिंह पंवार, कंडक्ट ब्रांच के उपकुलसचिव राजबीर घनघस, अधीक्षक जयभगवान राणा, सहायक बाल किशन समेत अन्य महाविद्यालयों के प्राचार्य व शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भविष्य में मिलेंगे सकारात्मक परिणाम
परीक्षा के सुचारु संचालन और परीक्षा व्यवस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। मंगलवार को प्राचार्यों और निदेशकों के साथ हुई बैठक में नकल रहित परीक्षा को लेकर कुछ फैसले लिए गए हैं। इनके भविष्य में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। - प्रो. राजबीर सिंह, कुलपति, एमडीयू।
विज्ञापन
रोहतक। परीक्षा में नकल कर मेधावी विद्यार्थियों को पीछे छोड़ने वाले नकलची अब संभल जाएं। ऐसा करेंगे तो भारी पड़ सकता है। एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने नकल के खेल पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए सख्ती बरतने का फैसला लिया है। इसके तहत नवंबर व दिसंबर में होने वाली सेमेस्टर परीक्षा को फुलप्रूफ करते हुए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। विद्यार्थी या स्टाफ कोई भी परीक्षा के दौरान मोबाइल कालेज नहीं ले जा सकेगा। परीक्षा केंद्र में केवल अधीक्षक को ही परीक्षा के दौरान मोबाइल रखने की अनुमति रहेगी। परीक्षा को लेकर विवि ने विद्यार्थियों के अनुक्रमांक जारी कर दिए हैं।
इंटरनल फ्लाइंग बनाएगी नकलचियों की यूएमसी
नकल रहित परीक्षा को लेकर एमडीयू ने खास प्लानिंग बनाई है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों में इंटरनल (कालेज से ही) फ्लाइंग बनाई जाएगी। विवि के आब्जर्वर इनसे संपर्क कर कार्रवाई करेंगे। यही नहीं इंटरनल फ्लाइंग को यूएमसी बनाने का भी अधिकार दिया गया है।
विज्ञापन
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की बदलेगी ड्यूटी
सेमेस्टर परीक्षा में कालेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास नजर रहेगी। इसके तहत इनकी ड्यूटी लगातार बदलती रहेगी। इस बार ये एक ही जगह ड्यूटी नहीं दे पाएंगे। यही नहीं यह ड्यूटी भी परीक्षा केंद्र से अलग दूसरी जगहों पर रहेगी। अक्सर विद्यार्थी इनके जरिये नकल बाहर से अंदर मंगवाता है।
विज्ञापन
एमडीयू प्रशासन करेगा पुलिस की व्यवस्था
पहली बार कालेजों को परीक्षा केंद्रों के बाहरी हस्तक्षेप की चिंता नहीं रहेगी। इस बार सेमेस्टर परीक्षा में बाहरी सुरक्षा के लिए एमडीयू प्रशासन व्यवस्था करेगा। इसके लिए एसपी और डीसी से संपर्क कर पुलिस की उचित व्यवस्था कराई जाएगी। अक्सर कालेजों की डिमांड पर पुलिस सुरक्षा कम मिल पाती है। इसलिए कुलपति ने प्राचार्यों को पुलिस सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
पर्यवेक्षक व उड़नदस्ते किए जाएंगे तैयार
कुलपति की देखरेख में हुई प्राचार्यों व निदेशकों की बैठक में परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षक व उड़नदस्ते खासतौर पर तैयार किए जाएंगे। परीक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने भी जरूरी सुझाव दिए हैं। बैठक में जाट महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता दलाल, जीबी डिग्री कॉलेज प्राचार्य डॉ. जेपी शर्मा, सैनी कॉलेज प्राचार्य डॉ. भीम सिंह पंवार, कंडक्ट ब्रांच के उपकुलसचिव राजबीर घनघस, अधीक्षक जयभगवान राणा, सहायक बाल किशन समेत अन्य महाविद्यालयों के प्राचार्य व शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भविष्य में मिलेंगे सकारात्मक परिणाम
परीक्षा के सुचारु संचालन और परीक्षा व्यवस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। मंगलवार को प्राचार्यों और निदेशकों के साथ हुई बैठक में नकल रहित परीक्षा को लेकर कुछ फैसले लिए गए हैं। इनके भविष्य में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। - प्रो. राजबीर सिंह, कुलपति, एमडीयू।