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Rohtak News: पेयजल किल्लत पर लोग बोले- आश्वासन मिला, समाधान का इंतजार
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रोहतक। जल संकट के समय शहर की कॉलोनियों में दूषित पेयजल की समस्याएं हैं। स्थानीय लोगोंं का कहना है कि तीन-तीन साल से दूषित जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है। सीवरेज ओवरफ्लो हो जाते हैं, लीकेज होने कारण दूषित पानी घरों तक पहुंचता है। कई इलाकों में पानी पहुंचता तक नहीं। इन्हीं समाधान के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की 22 टीम फील्ड में उतरी हैं। जन समस्याओं को जानने के साथ-साथ विभाग की टीम पानी की गुणवत्ता और उपलब्धता का निरीक्षण कर रही है।
शहर की कई कॉलानियों में काफी समय से जलापूर्ति की समस्या है। दो समय मिलने वाला पानी भी केवल एक समय ही मिल रहा है। ऊंचे इलाकों में पानी न के बराबर ही पहुंच रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से टैंकरों से सप्लाई की जा रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति के हालात अगले तीन दिन बाद सुधर जाएंगे। दूसरी ओर पंचकूला मुख्यालय से पहुंची अधिकारियों की टीम फील्ड में है। नगर निगम के अधीन सभी वार्डों की कॉलोनियों में निरीक्षण कर रही है। मुख्य अधिकारियों के नेतृत्व में 22 टीमों ने शनिवार तक करीब 40 से अधिक कॉलानियों में दौरा किया। जनस्वास्थ्य विभाग की जिला सलाहकार अमरजीत कौर ने बताया कि विभाग का लक्ष्य है कि सभी को पानी मिले व शुद्ध मिले। उन्होंने बताया कि मुख्य अभियंता दिनेश सैनी, दो अधीक्षक अभियंता, दो एक्सईएन व छह एसडीओ सहित पूरी टीम लगातार निगरानी कर रही है। इसके अलावा चार रसायनज्ञ, मोबाइल टेस्टिंग लैब वैन भी मौके पर पानी की गुणवत्ता को जांच रही है। वहीं, कॉलोनीवासियों का कहना है कि विभाग की टीम पानी का जांच कर आश्वासन तो दे रही है लेकिन समाधान कब तक होगा इसका इंतजार है।
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सीवरेज की लीकेज से हो रही दूषित जलापूर्ति
मुख्यालय से पहुंचे मुख्य रसायनज्ञ अमित सिंह ने बताया कि काफी समय से रोहतक से शिकायत आ रही थी कि पानी की कमी व दूषित जलापूर्ति सप्लाई हो रही है। उन्होंने बताया कि मोबाईल टेस्टिंग वैन से मौके पर ही क्लोरिन की मात्रा जांची जा रही है। जहां क्लोरिन मिलती है, वहां साफ साफ हो जाएगा। सीवरेज की लीकेज व मोटर भी कई बार गंदा पानी खींच लेने के कारण दूषित जलापूर्ति की सप्लाई होती है।
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इन कॉलोनियों में की टेस्टिंग :
जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को दुर्गा कॉलोनी, अमृत नगर, रेवेन्यू कॉलोनी, कमल कॉलोनी, तिलक नगर, हुड्डा कॉम्लेक्स, रामनगर, घनीपुरा, जगदीश कॉलोनी, रविदास नगर, आर्य नगर, देव कॉलोनी, कैलाश कॉलोनी, प्रेम नगर, कन्हेली, पहरावर, बलियाणा, खेड़ी साध, फ्रेंडस कॉलोनी, माजारा व बोहर आदि में पानी की गुणवत्ता व उपलब्धता की जांच की।
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वर्जन
शहर में मुख्यालय अधिकारियों के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। कहीं भी किसी की समस्या मिलती है, उसकी समीक्षा कर जल्द ही सुधार किया जाएगा।
- अनिल रोहिला, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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ये बोले स्थानीय लोग :
फोटो संख्या :
करीब तीन साल से दूषित पेयजल सप्लाई हो रहा है। इसको लेकर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अभी विभाग ने सैंपलिंग ली है और सुधार कार्य के लिए आश्वासन दिया है। 400 मीटर में आठ इंची पाइप लाइन दबाने की बात कही है। बस अब इंतजार है।
- वीरेंद्र राठी, दुर्गा कॉलोनी।
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फोटो संख्या :
नहर में जब तक पानी नहीं था, तब तक नलों से गंदा पानी सप्लाई हो रहा था। अब जैसे ही नहर में जलापूर्ति शुरू हुई तो पानी साफ होने लगा आने लगा। हालांकि एक पाइप लाइन भी पुरानी थी जिससे पानी गंदा आता था। विभाग ने वह भी बदलवा दिया है। शुरूआत में एक बार पानी गंदा आता है।
- प्रवीन कुमार, तिलक नगर निवासी।
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शहर की कई कॉलानियों में काफी समय से जलापूर्ति की समस्या है। दो समय मिलने वाला पानी भी केवल एक समय ही मिल रहा है। ऊंचे इलाकों में पानी न के बराबर ही पहुंच रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से टैंकरों से सप्लाई की जा रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति के हालात अगले तीन दिन बाद सुधर जाएंगे। दूसरी ओर पंचकूला मुख्यालय से पहुंची अधिकारियों की टीम फील्ड में है। नगर निगम के अधीन सभी वार्डों की कॉलोनियों में निरीक्षण कर रही है। मुख्य अधिकारियों के नेतृत्व में 22 टीमों ने शनिवार तक करीब 40 से अधिक कॉलानियों में दौरा किया। जनस्वास्थ्य विभाग की जिला सलाहकार अमरजीत कौर ने बताया कि विभाग का लक्ष्य है कि सभी को पानी मिले व शुद्ध मिले। उन्होंने बताया कि मुख्य अभियंता दिनेश सैनी, दो अधीक्षक अभियंता, दो एक्सईएन व छह एसडीओ सहित पूरी टीम लगातार निगरानी कर रही है। इसके अलावा चार रसायनज्ञ, मोबाइल टेस्टिंग लैब वैन भी मौके पर पानी की गुणवत्ता को जांच रही है। वहीं, कॉलोनीवासियों का कहना है कि विभाग की टीम पानी का जांच कर आश्वासन तो दे रही है लेकिन समाधान कब तक होगा इसका इंतजार है।
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सीवरेज की लीकेज से हो रही दूषित जलापूर्ति
मुख्यालय से पहुंचे मुख्य रसायनज्ञ अमित सिंह ने बताया कि काफी समय से रोहतक से शिकायत आ रही थी कि पानी की कमी व दूषित जलापूर्ति सप्लाई हो रही है। उन्होंने बताया कि मोबाईल टेस्टिंग वैन से मौके पर ही क्लोरिन की मात्रा जांची जा रही है। जहां क्लोरिन मिलती है, वहां साफ साफ हो जाएगा। सीवरेज की लीकेज व मोटर भी कई बार गंदा पानी खींच लेने के कारण दूषित जलापूर्ति की सप्लाई होती है।
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इन कॉलोनियों में की टेस्टिंग :
जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को दुर्गा कॉलोनी, अमृत नगर, रेवेन्यू कॉलोनी, कमल कॉलोनी, तिलक नगर, हुड्डा कॉम्लेक्स, रामनगर, घनीपुरा, जगदीश कॉलोनी, रविदास नगर, आर्य नगर, देव कॉलोनी, कैलाश कॉलोनी, प्रेम नगर, कन्हेली, पहरावर, बलियाणा, खेड़ी साध, फ्रेंडस कॉलोनी, माजारा व बोहर आदि में पानी की गुणवत्ता व उपलब्धता की जांच की।
वर्जन
शहर में मुख्यालय अधिकारियों के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। कहीं भी किसी की समस्या मिलती है, उसकी समीक्षा कर जल्द ही सुधार किया जाएगा।
- अनिल रोहिला, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
ये बोले स्थानीय लोग :
फोटो संख्या :
करीब तीन साल से दूषित पेयजल सप्लाई हो रहा है। इसको लेकर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अभी विभाग ने सैंपलिंग ली है और सुधार कार्य के लिए आश्वासन दिया है। 400 मीटर में आठ इंची पाइप लाइन दबाने की बात कही है। बस अब इंतजार है।
- वीरेंद्र राठी, दुर्गा कॉलोनी।
फोटो संख्या :
नहर में जब तक पानी नहीं था, तब तक नलों से गंदा पानी सप्लाई हो रहा था। अब जैसे ही नहर में जलापूर्ति शुरू हुई तो पानी साफ होने लगा आने लगा। हालांकि एक पाइप लाइन भी पुरानी थी जिससे पानी गंदा आता था। विभाग ने वह भी बदलवा दिया है। शुरूआत में एक बार पानी गंदा आता है।
- प्रवीन कुमार, तिलक नगर निवासी।