{"_id":"5e88e5298ebc3e767940dbc2","slug":"now-that-time-maximum-call-for-corona-suspected-rohtakcity-news-rtk549578811","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस के पास अपराध के कम कोरोना संदिग्धों के लिए आ रहे अधिक फोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस के पास अपराध के कम कोरोना संदिग्धों के लिए आ रहे अधिक फोन
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रोहतक। कोरोना वायरस की महामारी के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम नंबर पर आ रही सूचनाओं में सर्वाधिक कोरोना संदिग्ध की हैं। पुलिस सड़कों पर मुस्तैद है, वहीं लोग घरों में कैद हैं। इसका असर आपराधिक घटनाओं पर दिख रहा है। लोगों के सड़कों पर कम निकलने से दुर्घटनाएं भी कम हो रही हैं। चोरी व चेन स्नैचिंग से परेशान शहरवासियों को राहत मिली है। हालात ऐसे हैं कि जहां पहले अपराधियों को पकड़ने में पुलिस हलकान रहती थी तो वहीं अब कोरोना संदिग्धों को दबोचने में व्यस्त है। जिले को लॉकडाउन हुए 13 दिन बीते हैं। प्रदेश के सात जिलों में 23 फरवरी को सबसे पहले लॉकडाउन किया गया था। इसमें रोहतक भी शामिल है। लॉकडाउन के बाद जिले के 14 थानों में 204 केस दर्ज हुए हैं। इनमें धारा 144 की उल्लंघन करने के 105 केस शामिल है। लॉकडाउन के पहले के दिनों में जिले के थानों में करीब 35 से 40 मामले दर्ज होते थे, वहीं लॉकडाउन के तेरह दिन के भीतर यह आंकड़ा औसतन 15 के अंदर सिमट गया है।
अपराधी भी हो गए भूमिगत
सूत्रों का कहना है कि शहर में लॉकडाउन के पहले की तुलना में गंभीर अपराध दर्ज नहीं हुए हैं। एक सप्ताह पूर्व तक शहर के सभी थानों में अपराध के करीब 25 से 30 मामले दर्ज हो रहे थे। वहीं अब करीब समाप्त हो गए हैं। इसमें मारपीट, गुमशुदगी, चोरी और कुछ छिटपुट वारदात शामिल हैं। कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन से शहर में जगह-जगह पुलिस फोर्स की तैनाती से शातिर अपराधियों के हौसले भी पस्त नजर आ रहे हैं। पुलिस की जगह-जगह पर नाकेबंदी को देखते हुए रातों में घूमने-वाले आपराधिक किस्म के युवक फिलहाल भूमिगत हो गए हैं।
जमीन माफिया हुए सक्रिय
लॉकडाउन के चलते कोर्ट बंद होने का सबसे अधिक फायदा जमीन माफिया उठा रहे हैं। विवादित जमीनों को लेकर दबंगों द्वारा रातों रात निर्माण कराया जा रहा है। कोर्ट से स्टे न होने के कारण ऐसे मामलों में पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों व लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उनकी सूची तैयार कर जमीन माफियाओं पर शिकंजा करने की तैयारी चल रही है।
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कोरोना वायरस की महामारी को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय है। पूरे शहर में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। शहर में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। डायल 112 की सूचनाओं में वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा सूचनाएं कोरोना वायरस के संदिग्ध लोगों की आ रही है। लोगों से अपील है कि घर में रहे सुरक्षित रहे।
-गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय
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अपराधी भी हो गए भूमिगत
सूत्रों का कहना है कि शहर में लॉकडाउन के पहले की तुलना में गंभीर अपराध दर्ज नहीं हुए हैं। एक सप्ताह पूर्व तक शहर के सभी थानों में अपराध के करीब 25 से 30 मामले दर्ज हो रहे थे। वहीं अब करीब समाप्त हो गए हैं। इसमें मारपीट, गुमशुदगी, चोरी और कुछ छिटपुट वारदात शामिल हैं। कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन से शहर में जगह-जगह पुलिस फोर्स की तैनाती से शातिर अपराधियों के हौसले भी पस्त नजर आ रहे हैं। पुलिस की जगह-जगह पर नाकेबंदी को देखते हुए रातों में घूमने-वाले आपराधिक किस्म के युवक फिलहाल भूमिगत हो गए हैं।
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जमीन माफिया हुए सक्रिय
लॉकडाउन के चलते कोर्ट बंद होने का सबसे अधिक फायदा जमीन माफिया उठा रहे हैं। विवादित जमीनों को लेकर दबंगों द्वारा रातों रात निर्माण कराया जा रहा है। कोर्ट से स्टे न होने के कारण ऐसे मामलों में पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों व लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उनकी सूची तैयार कर जमीन माफियाओं पर शिकंजा करने की तैयारी चल रही है।
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कोरोना वायरस की महामारी को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय है। पूरे शहर में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। शहर में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। डायल 112 की सूचनाओं में वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा सूचनाएं कोरोना वायरस के संदिग्ध लोगों की आ रही है। लोगों से अपील है कि घर में रहे सुरक्षित रहे।
-गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय