फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   No solution found even after 9 rounds of talks and the loss of more than 100 farmers: Dependra

9 दौर की वार्ता और 100 से ज्यादा किसानों की जान जाने के बाद भी नहीं निकला कोई समाधान : दीपेंद्र

Sat, 16 Jan 2021 01:41 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2021 01:41 AM IST
विज्ञापन
No solution found even after 9 rounds of talks and the loss of more than 100 farmers: Dependra
बहादुरगढ़। राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा शुक्रवार को फिर बहादुरगढ़-दिल्ली स्थित टीकरी बार्डर धरने पर पहुंचे और वहां पानी, शौचालय व्यवस्था, साफ-सफाई, लंगर व चिकित्सा व्यवस्था का मुआयना किया और जरूरी इंतजाम बढ़ाने के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने धरनारत किसानों से मिलकर उनका हाल-चाल भी पूछा। इस दौरान उनके साथ बहादुरगढ़ के स्थानीय विधायक राजेन्द्र जून व नगरपालिका चैयरमैन शीला राठी मौजूद रहीं। ज्ञात हो कि बहादुरगढ़ का इलाका उनके लोकसभा चुनाव क्षेत्र के तहत आता है और वे निरंतर जाकर किसानों से मिलते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करते हैं। इस काम में उन्होंने स्थानीय विधायक व नगर पालिका चेयरमैन को भी इंतजामों के देखरेख की जिम्मेदारी सौंप रखी है।
विज्ञापन

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आंदोलनरत किसान संगठनों और सरकार के बीच 9 दौर की वार्ता और 100 से ज्यादा किसानों की जान जाने के बावजूद समाधान न निकलने पर गहरी चिंता और दु:ख प्रकट किया। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि लम्बी-लम्बी मीटिंग के बाद नतीजा जीरो है। सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये की वजह से ही आंदोलन में इतनी बड़ी संख्या में किसानों की जान जा रही है। लगातार किसानों की हो रही मौतों के लिये सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के निर्देश पर किसान आन्दोलन में जान कुर्बान करने वाले हरियाणा के प्रत्येक किसान के परिवार को कांग्रेस विधायक दल द्वारा अपनी ओर से 2-2 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा अभी तक कोई भी पीड़ित किसान परिवारों की मदद के लिये आगे नहीं आया। उन्होंने सरकार से मांग रखी कि किसान संघर्ष में जान गंवाने वाले किसानों के परिवार को सरकार ज्यादा से ज्यादा आर्थिक मदद एवं नौकरी दे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सरकार के असंवेदनशील रवैये से स्पष्ट है कि वो किसानों को टरका रही है और बातचीत के नाम पर टाईम पास कर रही है। सरकार की ये सोच है कि किसानों को इतना परेशान कर दो कि वो सर्दी व बरसात से दुखी होकर बिना मांगों को मनवाये खुद ही पीछे हट जाएं। लेकिन ये सरकार की गलतफहमी है। देश का अन्नदाता तीनों कृषि कानून वापस कराने और एमएसपी की कानूनी गारंटी की अपनी मांग पर अडिग है। किसान अपनी जायज मांगों से पीछे नहीं हटने वाले। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार का अमानवीय चेहरा पूरी तरह से सबके सामने आ गया है। सरकार को न तो किसानों की जान जाने की फिक्र हो रही है न ही वह उनकी मांगों को मानने के प्रति कोई सकारात्मक रुख दिखा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed