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न नियमित वीसी, न निदेशक, न एमएस, 11 नवंबर को ईसी तय

Sat, 30 Oct 2021 02:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 02:00 AM IST
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Neither regular VC, nor director, nor MS, EC fixed on November 11
प्रदेश के सबसे बडे़ चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस के पास न तो नियमित वीसी है और न ही निदेशक। नियमित एमएस भी विदेश हैं। इसके बावजूद 11 नवंबर को संस्थान में एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक तय कर दी गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि बगैर तीन अहम नियमित अधिकारियों के बैठक में अहम फैसलों पर कौन निर्णय लेगा। पीजीआईएमएस में नियमित निदेशक की भर्ती को लेकर चर्चा तेज है। ऐसे में अब तय ईसी की बैठक को लेकर भी गहमागहमी है। चर्चा यह भी है कि संस्थान की नियमित कुलपति नवंबर माह के बाद आ रही हैं तो उनके आने के पूर्व ही यह बैठक क्यों की जा रही है। गौरतलब है कि ईसी की बैठक में हेल्थ विवि से संबंधित मेडिकल कॉलेजों के अहम फैसले लिए जाते हैं। इसमें कर्मचारियों, डॉक्टरों व अन्य स्टाफ के साथ विद्यार्थियों के लिए मापदंड तय होते हैं। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि ईसी नियमित अधिकारियों के आने से पहले किस प्रयोजन से तय की गई है। हालांकि इस संबंध में मौजूदा अधिकारी कोई पुष्टि करने को तैयार नहीं है।
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मेडिकल मोड़ : अतिक्रमण बन सकता है मरीज की मौत का कारण
एंबुलेंस से पीजीआईएमएस में आने वाले गंभीर मरीजों के लिए मेडिकल मोड़ का जाम कभी भी मौत का कारण बन सकता है। यहां का जाम हटवाने के लिए एक नहीं चार बार पत्राचार हो चुका है, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे हैं। मेडिकल मोड़ पर लगने वाले अतिक्रमण को न तो नगर निगम हटवा पा रहा है और न ही पीजीआईएमएस प्रशासन।
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मुख्य सुरक्षा अधिकारी ईश्वर शर्मा की ओर से पांच अक्तूबर को एस्टेट ऑफिसर को जाम की समस्या से अवगत कराया गया। इसमें विवि के गेट पर लगने वाले जाम को लेकर सवाल उठाया गया। इसके बाद रजिस्ट्रार की ओर से छह अक्तूबर को पीजीआईएमएस थाना पुलिस को पत्र लिखा गया और परिसर में हो रहे अवैध निर्माण को हटवाने के लिए कहा गया है। यही नहीं अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 अक्तूबर को फिर निगमायुक्त को पत्र लिखा और जाम हटवाने के लिए कहा गया है। इसमें बताया गया है कि सड़क किनारे अवैध ढाबे, फल व अन्य सामान की रेहड़ियां, अवैध पार्किंग जाम का कारण बनी हैं। इससे एंबुलेंस के आने-जाने में समस्या होती है। इस दौरान सवाल उठाया गया है कि अवैध रूप से संचालित हो रहे ढाबों को किसने अनुमति दी है।
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मेडिकल मोड़ से ट्रॉमा सेंटर व आपातकालीन विभाग तक मार्ग साफ होना चाहिए। यहां अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। इससे एंबुलेंस के आवागमन में समस्या आती है। इस संबंध में मुख्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से समस्या रखी गई थी। इसके समाधान के लिए पुलिस व निगमायुक्त को पत्र लिखा गया है।
- डॉ. एचके अग्रवाल, रजिस्ट्रार, पीजीआईएमएस
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