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Haryana: फूट के बाद बिखर रहे इनेलो को नए सिरे से खड़ा कर रहे थे राठी, अभय चौटाला बोले- परिवार का सदस्य खो दिया

Sun, 25 Feb 2024 10:07 PM IST
भूपेंद्र सिंह विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 25 Feb 2024 10:07 PM IST
सार

नफे सिंह राठी की हत्या के बाद इनेलो को बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने एक कद्दावर नेता को खो दिया है। पार्टी के बड़े नेता अभय सिंह चौटाला ने इसपर दुख प्रकट किया है और उनको अपने भाई के समान बताया है।

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Nafe Singh Rathi was rebuilding INLD which was disintegrating after the split
अभय चौटाला के साथ नफे सिंह राठी। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा की राजनीति का केंद्र रहे जाटलैंड में इनेलो ने नफे सिंह राठी (66) के तौर पर बड़ा नेता खो दिया। राठी न केवल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे, बल्कि रोहतक, सोनीपत व झज्जर जिले में दोबारा से पार्टी को खड़ा कर रहे थे। राठी न केवल दो बार बहादुरगढ़ से विधायक रहे, बल्कि 2009 के लोकसभा चुनाव में रोहतक सीट से 1 लाख 39 हजार वोट हासिल की थी।

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अभय चौटाला बोले- मांगी थी सुरक्षा
इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक नफे सिंह जी हमारे बीच नहीं रहें। उन पर हुए कायराना हमले से पूरा इनेलो परिवार स्तब्ध है, नफे सिंह हमारी पार्टी ही नहीं हमारे परिवार का हिस्सा थे वो मेरे भाई समान थे। नफे सिंह ने हाल ही में सीएम, गृहमंत्री, डीजीपी और कमिश्नर को खुद पर होने वाले हमले की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। उस समय तो सरकार ने राजनीति की और सुरक्षा नहीं दी। क्या सरकार इस में बराबर दोषी नहीं है?
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राजनीति के अंदर प्रदेश को चार भागों में बांटा जाता है। पंचकूला से लेकर पानीपत तक के क्षेत्र को जीटी रोड बेल्ट कहा जाता है, जबकि जाट बाहुल्य रोहतक, सोनीपत व झज्जर देशवाली बेल्ट में आते हैं। गुरुग्राम से लेकर महेंद्रगढ़ तक का एरिया यादव बाहुल्य है, जिसे अहीरवाल कहा जाता है। भिवानी, हिसार, सिरसा व फतेहाबाद बागड़ी बेल्ट में आते हैं।

जींद, कैथल व कुरुक्षेत्र को बांगर बेल्ट में शामिल किया जाता है। 1966 में चाहे प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बेरी से पंडित भगवत दयाल शर्मा बने, लेकिन लंबे समय तक बंसीलाल, भजनलाल व ताऊ देवीलाल का कार्यकाल रहा, जो बांगड़ी बेल्ट से आते थे। रोहतक से भूपेंद्र सिंह हुड्डा 2004 से 2014 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। रोहतक की चौधर का उस समय नारा भी चला। अब पिछले 9 साल से मनोहर लाल मुख्यमंत्री हैं। चाहे मनोहरलाल करनाल से विधायक हैं, लेकिन उनका जन्म रोहतक के गांव निंदाना में हुआ और बचपन बनियानी गांव में बीता।


इनेलो में फूट के बाद बिखर गई इनेलो, नए सिरे से खड़ा कर रहे थे राठी
2019 के चुनाव से पहले इनेलो बिखर गई। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अजय चौटाला के नेतृत्व में जजपा बनी, जिसके नेता दुष्यंत चौटाला प्रदेश के उप मुख्यमंत्री हैं। वहीं, दूसरे बेटे अभय चौटाला इनेलो को फिर से खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बहादुरगढ़ से दो बार विधायक रहे नफे सिंह राठी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। राठी की हत्या से पार्टी के लिए रोहतक, सोनीपत व झज्जर में कद्दावर नेताओं की कमी हो गई है।

भाजपा, कांग्रेस व जजपा में जा चुके हैं पार्टी के कई नेता
ताऊ देवीलाल के समय जाटलैंड में इनेलो का दबदबा रहा है। ताऊ देवीलाल न केवल महम से विधायक रहे, बल्कि तीन बार रोहतक लोकसभा चुनाव लड़ा। लोकसभ में रोहतक के साथ झज्जर जिला व रेवाड़ी का हल्का कोसली भी आता है। पार्टी के नेता बलवंत मायना हसनगढ़ व बाली पहलवान महम से कई बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि सोनीपत से पार्टी नेता पदम सिंह दहिया कांग्रेस, गोहाना से केसी बांगड़ जजपा, रोहतक में सतीश नांदल भाजपा में जा चुके हैं।

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