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मंथली केस : धरी रह गई चार्जशीट, पूरण कुमार के गनमैन सुशील को मिली जमानत

Sun, 07 Dec 2025 02:52 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 07 Dec 2025 02:52 AM IST
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Monthly Case: Chargesheet pending, Puran Kumar's gunman Sushil granted bail
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन और शराब कारोबारी से ढाई लाख मंथली मांगने के आरोपी सुशील कुमार की जमानत शनिवार को एडीजे कपिल राठी की कोर्ट ने मंजूर कर ली। हैरानी की बात है कि एसआईटी 13 दिन पहले तैयार हो चुकी चार्जशीट की कमियां दूर कराकर इसे कोर्ट में दाखिल नहीं कर पाई। जमानत का आधार भी यही बना।
शनिवार को ही सुशील कुमार ने अधिवक्ता के माध्यम से एडीजे कपिल राठी की कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। आरोपी पक्ष के वकील जोगिंदर सिंह चंदेला ने कोर्ट में कहा कि हवलदार सुशील कुमार 60 दिन से जेल में बंद है। एसआईटी अभी तक चार्जशीट भी दाखिल नहीं कर पाई है।
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वकील ने दावा किया कि एसआईटी के पास कोई ठोस सबूत नहीं है। होता तो इतना वक्त नहीं लगता और चार्जशीट पहले ही दाखिल कर दी जाती। कोर्ट ने एसआईटी प्रभारी डीएसपी गुलाब सिंह से स्टेटस रिपोर्ट तलब की, जिसमें बताया गया कि अभी जांच पेंडिंग है।
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कोर्ट ने चार्जशीट नहीं आने के आधार सुशील की जमानत मंजूर कर ली। सुशील की पत्नी सोनी देवी ने जेल, प्रशासन और अदालतों को पत्र लिखकर रोहतक की सुनारिया जेल में बंद सुशील की जान को खतरा बताया था। इसके बाद चार नवंबर को उसे अंबाला जेल भेजा गया था। तब से वह वहीं बंद है।
सात अक्तूबर को हुई थी गिरफ्तारी
रोहतक के शराब कारोबारी प्रवीण बंसल ने छह अक्तूबर को अर्बन एस्टेट थाने में गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(3) के तहत मंथली मांगने और न देने पर झूठे केस में फंसाने का मामला दर्ज कराया था। अगले ही दिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। सात अक्तूबर को ही एडीजीपी पूरण कुमार ने चंडीगढ़ में आत्महत्या कर ली थी। बाद में, प्रकरण की जांच डीएसपी गुलाब सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी को सौंपी गई। एसआईटी ने जांच के दौरान सुशील पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 भी जोड़ी।
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13 दिन में 17 पेज की चार्जशीट की आपत्तियां दूर नहीं कर सकी एसआईटी
एसआईटी प्रमुख डीएसपी गुलाब सिंह व अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी नीरज कुमार के हस्ताक्षर युक्त 17 पेज की चार्जशीट 22 नवंबर को तैयार हो गई थी। इसे जांच के लिए कानूनी विशेषज्ञों के पास ले जाया गया। एक्सपर्ट ने कुछ कमियां बताईं और उन्हें दूर करने के लिए कहा। जांच टीम 13 दिन में कमियां दूर कराकर 5 दिसंबर तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी, जबकि टीम को पता था कि ऐसा न होने से आरोपी को जमानत मिल सकती है। जमानत का यही कानूनी आधार भी ब

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कुछ सवालों के जवाब ढूंढने बाकीः एसपी
मंथली मांगने के मामले में आरोपी गनमैन सुशील के खिलाफ अभी जांच जारी है। कुछ सवालों के जवाब अभी आने शेष हैं। इसी कारण दो माह के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं हो सकी है। चार्जशीट के कमजोर बिंदुओं की पहचान करके उन्हें दूर भी कराया जा रहा है।
- सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी रोहतक
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