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वेतन कम करने के खिलाफ लामबंद हुए एमडीयू के कर्मचारी, हड़ताल
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 20 Aug 2016 01:39 AM IST
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एमडीयू के 1500 गैर शिक्षक कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का किया ऐलान
- फोटो : amar ujala
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सहायक कर्मचारियों का वेतन कम करने के खिलाफ एमडीयू के गैर शिक्षक कर्मचारी लामबंद हुए। शुक्रवार को यूनिवर्सिटी के करीब 1500 गैर शिक्षक कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया। कर्मचारियों ने यूनिवर्सिटी प्रशासक के साथ प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि जब तक आदेश वापस नहीं लिए जाते, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। वहीं, हड़ताल की वजह से दूर से आए छात्रों को बैंरग लौटना पड़ा।
शुक्रवार को परीक्षा सदन पर गेट मीटिंग के लिए यूनिवर्सिटी के सभी विभागों के गैर शिक्षक कर्मचारी एकजुट हुए। गेट मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रधान रणधीर सिंह कटारिया ने कहा कि सरकार ने सहायक कर्मचारियों का वेतन सचिवालय के कर्मचारियों के बराबर नहीं करने का फैसला लिया है, इसलिए ग्रेड पे 3600 से कम करते हुए 3200 रुपये का सर्कुलर भी कुरुक्षेत्र और एमडीयू के कुलपति को जारी कर दिया है। इसी मामले में हाइकोर्ट में भी केस चल रहा है, जिसमें अगली सुनवाई सितंबर में होगी और सरकार को छह माह का समय दिया गया है। रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार ने यूनिवर्सिटी प्रशासकों को ग्रेड कम करने का नोटिस जारी करते हुए कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार यह आदेश वापस नहीं लेती है, तब तक परीक्षा सदन और अन्य विभागों के गैर शिक्षक कर्मचारी काम नहीं करेंगे और हड़ताल रहेगी। कटारिया ने कहा कि सोमवार को सुबह 9 बजे परीक्षा सदन में इसी मामले में कर्मचारियों की फिर से बैठक होगी। संघ की मांग है कि छुट्टी वाले दिन जिस कर्मचारी को काम पर बुलाया जाए, उसे एक दिन का वेतन दिया जाए। साथ ही, अतिरिक्त समय काम करने वाले कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया जाए। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भर्ती में 20 फीसदी का कोटा दिया जाए।
हड़ताल में सहयोग नहीं देने वालों की करेंगे निंदा
कटारिया ने कहा कि अगर वीसी या रजिस्ट्रार के निजी स्टाफ में कार्यरत गैर शिक्षक कर्मचारियों ने हड़ताल में सहयोग नहीं दिया तो निंदा प्रस्ताव पास किया जाएगा।
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शुक्रवार को परीक्षा सदन पर गेट मीटिंग के लिए यूनिवर्सिटी के सभी विभागों के गैर शिक्षक कर्मचारी एकजुट हुए। गेट मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रधान रणधीर सिंह कटारिया ने कहा कि सरकार ने सहायक कर्मचारियों का वेतन सचिवालय के कर्मचारियों के बराबर नहीं करने का फैसला लिया है, इसलिए ग्रेड पे 3600 से कम करते हुए 3200 रुपये का सर्कुलर भी कुरुक्षेत्र और एमडीयू के कुलपति को जारी कर दिया है। इसी मामले में हाइकोर्ट में भी केस चल रहा है, जिसमें अगली सुनवाई सितंबर में होगी और सरकार को छह माह का समय दिया गया है। रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार ने यूनिवर्सिटी प्रशासकों को ग्रेड कम करने का नोटिस जारी करते हुए कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार यह आदेश वापस नहीं लेती है, तब तक परीक्षा सदन और अन्य विभागों के गैर शिक्षक कर्मचारी काम नहीं करेंगे और हड़ताल रहेगी। कटारिया ने कहा कि सोमवार को सुबह 9 बजे परीक्षा सदन में इसी मामले में कर्मचारियों की फिर से बैठक होगी। संघ की मांग है कि छुट्टी वाले दिन जिस कर्मचारी को काम पर बुलाया जाए, उसे एक दिन का वेतन दिया जाए। साथ ही, अतिरिक्त समय काम करने वाले कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया जाए। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भर्ती में 20 फीसदी का कोटा दिया जाए।
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हड़ताल में सहयोग नहीं देने वालों की करेंगे निंदा
कटारिया ने कहा कि अगर वीसी या रजिस्ट्रार के निजी स्टाफ में कार्यरत गैर शिक्षक कर्मचारियों ने हड़ताल में सहयोग नहीं दिया तो निंदा प्रस्ताव पास किया जाएगा।
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