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Rohtak News: किसान खेत मजदूर संगठन ने 14 फसलों की कम एमएसपी पर जताया विरोध
Mon, 02 Jun 2025 05:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 02 Jun 2025 05:16 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने केंद्र सरकार द्वारा 14 फसलों के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का विरोध किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल और सचिव जयकरण मांडौठी ने बताया कि सीसीईए की ओर से घोषित एमएसपी स्वामीनाथन आयोग की सी-2 प्लान 50 प्रतिशत की सिफारिश पर आधारित नहीं है।
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार धान के लिए सी-2 प्लस 50 प्रतिशत दर 3135 रुपये प्रति क्विंटल है। सीसीईए द्वारा घोषित धान का एमएसपी 2369 रुपये प्रति क्विंटल है, जो 766 रुपये प्रति क्विंटल कम है। भारत में धान का औसत उत्पादन 25-30 क्विंटल प्रति एकड़ है। एक एकड़ उत्पादन पर किसान को होने वाला नुकसान 19150 रुपये से 22980 रुपये के बीच होगा।
हमारा संगठन और देश भर के अन्य किसान संगठन लगातार प्रधानमंत्री से मांग कर रहे हैं कि वे 2014 के आम चुनाव में भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुसार गारंटीकृत खरीद के साथ एमएसपी लागू करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लगातार 12वें साल भी एमएसपी न बढ़ाकर किसानों को धोखा दे रही है।
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किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मोदी राज में भारत में हर दिन 31 किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
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रोहतक। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने केंद्र सरकार द्वारा 14 फसलों के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का विरोध किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल और सचिव जयकरण मांडौठी ने बताया कि सीसीईए की ओर से घोषित एमएसपी स्वामीनाथन आयोग की सी-2 प्लान 50 प्रतिशत की सिफारिश पर आधारित नहीं है।
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार धान के लिए सी-2 प्लस 50 प्रतिशत दर 3135 रुपये प्रति क्विंटल है। सीसीईए द्वारा घोषित धान का एमएसपी 2369 रुपये प्रति क्विंटल है, जो 766 रुपये प्रति क्विंटल कम है। भारत में धान का औसत उत्पादन 25-30 क्विंटल प्रति एकड़ है। एक एकड़ उत्पादन पर किसान को होने वाला नुकसान 19150 रुपये से 22980 रुपये के बीच होगा।
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हमारा संगठन और देश भर के अन्य किसान संगठन लगातार प्रधानमंत्री से मांग कर रहे हैं कि वे 2014 के आम चुनाव में भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुसार गारंटीकृत खरीद के साथ एमएसपी लागू करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लगातार 12वें साल भी एमएसपी न बढ़ाकर किसानों को धोखा दे रही है।
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किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मोदी राज में भारत में हर दिन 31 किसान आत्महत्या कर रहे हैं।