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Rohtak News: उद्योगपति बोले- जीएसटी 2.0 सुधार भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे

Wed, 17 Sep 2025 01:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:21 AM IST
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Industrialist said- GST 2.0 reforms will give a new direction to India's economy
-फोटो 54 : बैठक में जीएसटी अधिकारियों के साथ उद्योगपति। स्रोत संस्था
बहादुरगढ़। कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें जीएसटी विभाग से अनूप कुमार वर्मा एडिशनल कमिश्नर सीजीएसटी, सत्यपाल मलिक असिस्टेंट कमिश्नर, अमरजीत सुपरिटेंडेंट ,आशीष कुमार सुपरिटेंडेंट व भरत मीना सुपरिटेंडेंट ने विशेष रूप से भाग लिया।
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बैठक में कोबी से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों समेत अन्य उद्यमियों ने भी भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जीएसटी 2.0 के तहत किए गए सुधारों पर उद्योग जगत की प्रतिक्रिया साझा करना और साथ ही कुछ व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करना रहा।
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बैठक में कई उद्यमियों ने कहा कि जीएसटी 2.0 सुधार निश्चित ही भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे लेकिन यदि ये व्यावहारिक सुझाव भी लागू किए जाएं तो एमएसएमई की समस्याएं काफी हद तक हल हो जाएंगी। अनुपालन सरल होगा, भारतीय निर्माताओं की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और मेक इन इंडिया के साथ-साथ ईज आफ डूइंग बिजनेस को भी और मजबूती मिलेगी।
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कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने सभी उद्योगों की ओर से जीएसटी में बदलाव के इस सराहनीय कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग प्रगति करेंगे तो रोजगार बढ़ेगा, राजस्व बढ़ेगा और जल्द ही हमारा देश बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरकर आएगी।
कोषाध्यक्ष अशोक कुमार मित्तल ने उद्योगों, व्यापारियों और करदाताओं की तरफ से विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत जीएसटी 2.0 में किए गए ऐतिहासिक बदलाव से कर प्रणाली सरल हुई है। विवादों में कमी आई है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में ठोस प्रगति हुई है।
उन्होंने अधिकारियों के समक्ष कुछ अहम व्यावहारिक सुझाव भी प्रस्तुत किए। इनमें प्रमुख रूप से यह मांग की गई कि ट्रैक्टर पार्ट्स को 18 प्रतिशत स्लैब में रखा जाए ताकि एमएसएमई निर्माताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की दिक्कत और कार्यशील पूंजी पर दबाव से राहत मिल सके।
इसी तरह पैकेजिंग एवं कॉरगेटेड बॉक्स क्षेत्र को समान 5 प्रतिशत स्लैब में शामिल करने का आग्रह किया गया जिससे छोटे पैकेजिंग उद्योगों को राहत मिलेगी और लाखों नौकरियों की सुरक्षा होगी। एक अन्य महत्वपूर्ण सुझाव सैनिटरी पैड्स से जुड़ा था।
एडिशनल कमिश्नर अनूप कुमार वर्मा ने उद्योगों के सुझावों को बेहद ध्यान पूर्वक सुना और उनके सुझावों पर सहमति जताते हुए कहा की वे उच्च अधिकारियों को ये प्रस्ताव लिखेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों को सहयोग करने के लिए वो स्वयं और उनकी पूरी टीम हमेशा तत्पर है।



बैठक में ये रहे शामिल
इस बैठक में कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग, महासचिव प्रदीप कौल, संयुक्त सचिव सुरेंद्र वशिष्ठ, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार मित्तल के अलावा कार्यकारिणी सदस्य पुरुषोत्तम गोयल, दीपक शर्मा, तिलक राज गर्ग, विकास गुप्ता, श्याम सुंदर चमरिया, अनिल गोयल, नकुल मलकानी, एआर शर्मा, महेश वशिष्ठ, संदीप वशिष्ठ, के तिवारी, जयभगवान, सुनील कुमार, पंकज वशिष्ठ, संदीप जैन, दिनेश पांडे, राजीव सिंघल, यशवीर नारा, अभिजीत, रोबिन मित्तल, सतीश मित्तल, सीए भावना गर्ग सहित कोबी सदस्य और करदाताओं ने हिस्सा लिया।
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