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Haryana: सीएम सैनी ने बजट को सराहा, बोले- ये बजट विकसित भारत के निर्माण में एक नया अध्याय लिखेगा
Tue, 23 Jul 2024 06:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 23 Jul 2024 06:31 PM IST
सार
Union Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश कर दिया। बजट में सरकार ने एक करोड़ युवाओं को अगले पांच साल में टॉप-500 कंपनियों में इंटर्नशिप देने की घोषणा की है।
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हरियाणा के सीएम नायब सैनी
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने बजट पर कहा कि यह बजट विकसित भारत के निर्माण में एक नया अध्याय लिखेगा। इस बजट में कृषि को अधिक लाभकारी बनाने, अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने का विजन दिखाई देता है।
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#WATCH चंडीगढ़: हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने बजट पर कहा, "यह बजट विकसित भारत के निर्माण में एक नया अध्याय लिखेगा। इस बजट में कृषि को अधिक लाभकारी बनाने, अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने का विज़न दिखाई देता है..." pic.twitter.com/g9bpxTcxV4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 23, 2024विज्ञापन
सीएम ने कहा कि किसानों के लिए बजट में कईं प्रावधान हैं, जो कृषि प्रधान हरियाणा के लिए लाभदायक होगा। रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। रोजगार पर कईं काम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी बजट साबित होगा। देश को मजबूती मिलेगी। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी बधाई दी।
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जीएसटी परिषद की बैठक में सुझाए गए बदलावों का प्रस्तावित करता है ये बजट : अजय शर्मा
"वित्त विधेयक 2024, विशेषकर जीएसटी और अप्रत्यक्ष करों के संबंध में, करदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। यह विधेयक हाल ही में आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक में सुझाए गए बदलावों का प्रस्तावित करता है। इसमें 2017-18 से 2019-20 की अवधि के लिए कर मांगों पर ब्याज और जुर्माने की माफी मुख्य आकर्षण है।
इसके अलावा, यह उन करदाताओं को भी राहत प्रदान करता है जिन्होंने जीएसटी की प्रारंभिक अवधि, विशेष रूप से 2017-18 से 2020-21 के दौरान, टैक्स क्रेडिट का दावा समय सीमा के भीतर नहीं किया था। ये लंबे समय से प्रतीक्षित बदलाव करदाताओं के लिए राहत की सांस हैं।
सरकार ने कर मांग के नोटिस देने की समय सीमा तथा कुछ समानय व्यापार प्रणाली पर कर माफी और अपील दायर करने के लिए जमा की जाने वाली कर राशि को कम करने से संबंधित अन्य प्रावधानों को भी तर्कसंगत बनाया है।
कुल मिलाकर, यह वित्त विधेयक/बजट उद्योग के लिए राहत अधिक है और जीएसटी लागू करने की अवधि के दौरान उत्पन्न अनुचित कर विवादों को कम करने के सरकार के इरादे को दर्शाता है। हालाँकि, प्रस्ताव के बाद, इस विधेयक का कुशल कार्यान्वयन काफी महत्वपूर्ण होगा। - सीए अजय शर्मा, व्यापार एवम कर सलाहकार, गुरुग्राम