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किसानों की मांगों को पूरा करे सरकार : उमेद सिंह
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रोहतक। किसान-मजदूर संगठन हरियाणा किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए शंभू बार्डर पर जाएगा। बुलावे का इंतजार किया जा रहा है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उमेद सिंह रिठाल ने कहा कि वे शहीद भगत सिंह यूनियन अंबाला के संपर्क में हैं। फिलहाल आंदोलन पर पूरी नजर बनाए हुए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि केंद्र सरकार ने दो साल पहले किसानों की मांगों को माना था, लेकिन अब तक पूरा नहीं किया। मांगे याद दिलाने के लिए दोबारा आंदोलन शुरू किया गया है। 9 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार से बातचीत में सहमति बनी थी कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लेकर एक कमेटी बनेगी, जिसमें किसानों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। लागत राशि का 50 प्रतिशत मुआवजा देने का फार्मूले पर विचार होगा। एमएसपी पर फसल की खरीद को लेकर कानून बनाया जाएगा, आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा मिलेगा, बिजली बिल 2020 रद्द होगा और पराली को लेकर किसानों के खिलाफ केस दर्ज नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि दो साल सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए सरकार को मांग पत्र याद दिलाने के लिए दोबारा आंदोलन शुरू किया गया है।
रोहतक में अभी कोई बैठक नहीं
किसान नेता ने बताया कि रोहतक में अभी आंदोलन को लेकर किसी तरह की बैठक नहीं होगी। शंभू बार्डर के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अगर बार्डर से बुलाया आया तो संगठन धरने पर जाएगा।
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प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि केंद्र सरकार ने दो साल पहले किसानों की मांगों को माना था, लेकिन अब तक पूरा नहीं किया। मांगे याद दिलाने के लिए दोबारा आंदोलन शुरू किया गया है। 9 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार से बातचीत में सहमति बनी थी कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लेकर एक कमेटी बनेगी, जिसमें किसानों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। लागत राशि का 50 प्रतिशत मुआवजा देने का फार्मूले पर विचार होगा। एमएसपी पर फसल की खरीद को लेकर कानून बनाया जाएगा, आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा मिलेगा, बिजली बिल 2020 रद्द होगा और पराली को लेकर किसानों के खिलाफ केस दर्ज नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि दो साल सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए सरकार को मांग पत्र याद दिलाने के लिए दोबारा आंदोलन शुरू किया गया है।
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रोहतक में अभी कोई बैठक नहीं
किसान नेता ने बताया कि रोहतक में अभी आंदोलन को लेकर किसी तरह की बैठक नहीं होगी। शंभू बार्डर के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अगर बार्डर से बुलाया आया तो संगठन धरने पर जाएगा।
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