रिटायर्ड शिक्षक दंपती से बड़ी ठगी: 14 दिन रहे हाउस अरेस्ट, डर के मारे भतीजे के आने पर भी नहीं खोला गेट
साइबर ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक दंपती को 14 दिन तक हाउस अरेस्ट रखा और 1.33 करोड़ रुपये खातों में ट्रांसफर करा लिए। हाउस अरेस्ट कर ठगों ने इस बड़ी ठगी को अंजाम दिया। डिटेल में पढ़ें खबर...
विस्तार
सीबीआई टीम बताकर साइबर ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक दंपती को 14 दिन तक हाउस अरेस्ट रखा और 1.33 करोड़ रुपये खातों में ट्रांसफर करा लिए। अमेरिका में रह रहे बेटों के फोन नहीं उठने पर दूसरे परिजन घर गए तो इसका खुलासा हुआ। पुलिस ने बंगलूरू निवासी एस. मंजेश को गिरफ्तार कर छह दिन की रिमांड पर लिया है।
व्हाट्सएप पर आई थी कॉल
शहर के सेक्टर-एक निवासी रमेशचंद ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया है कि वह दिल्ली टीजीटी व उनकी पत्नी जनक दुलारी हरियाणा टीजीटी पद से रिटायर हैं। बेटे विशाल व विकास सपरिवार अमेरिका में रहते हैं। 14 दिन पहले अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) से बोल रहा हूं। आपका मोबाइल नंबर दो घंटे बंद रहेगा क्योंकि यह आपराधिक केस में शामिल है। आपका नंबर पुलिस को ट्रांसफर कर रहा हूं। पुलिस वर्दी में मौजूद व्यक्ति ने कहा कि वह सीबीआई अफसर है।
बकौल रमेशचंद, उसने मेरे आधार कार्ड की प्रति दिखाते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल करके मुंबई के केनरा बैंक में खाता खुलवाया गया है। उसमें 650 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। उसका 10 प्रतिशत आपको कमीशन मिला है। आपको बचाने के लिए बड़े अधिकारियों से बात करता हूं।इस बहाने उसने कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करके फोटो मंगवाए। यह देने के बाद ठगों ने कहा कि जब तक केस की जांच नहीं हो जाती, तब तक हाउस अरेस्ट रहेंगे। किसी को केस के बारे में हुई बात नहीं बताएंगे। बैंक खातों की रकम एक खाते में करो।
ठगों ने बैंक जाते समय किसी से बात न करने की हिदायत दी। धमकाया कि आपके ऊपर पूरी नजर है। इसके बाद खाते से रकम ट्रांसफर कराते हुए कहा कि एक हफ्ते की जांच के बाद रकम लौटा देंगे। तब तक किसी से बात नहीं करनी है। बाहर से कोई आया तो हमें पता लग जाएगा। साइबर पुलिस की जांच में रमेश चंद ने बताया कि साइबर ठगों ने कहा कि पैसे नहीं दिए तो गिरफ्तारी की जाएगी। उन्हें सात साल की कैद होगी। इससे वह डर गए। साइबर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि बंगलूरू निवासी एस. मंजेश को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। जल्द ही पूरे गैंग का पर्दाफाश होगा।
डाकखाने से निकलवाए 23 लाख, जेवर रखवाए गिरवी
साइबर ठगों ने कहा कि आपके दूसरे अकाउंट में अब भी पैसा बचा हुआ है। यह सुनकर दंपती और घबरा गए क्योंकि डाकखाने के खाते में 23 लाख रुपये जमा थे। यह राशि भी दंपती ने बताए गए खाते में भेज दी। इसके बाद सोने के जेवर का लोन करवाकर उससे मिले 14.87 लाख रुपये भी खाते में डलवा लिए।
भतीजा आया तो डर के मारे गेट नहीं खोला
मम्मी-पापा के 14 दिन तक फोन नहीं उठाने पर अमेरिका में रह रहे बेटों ने रोहतक में ही रह रहे ताऊ हरचरण को फोन किया। उन्होंने अपने बेटे विकास आहूजा को बहू के साथ घर भेजा। दहशतजदा दंपती ने उन्हें देखकर भी गेट नहीं खोला। साइबर ठग उन्हें व्हाट्सएप कॉल पर जोड़े हुए थे। लौटकर विकास ने परिजनों को असलियत बताई। इसके बाद पोता कर्ण घर गया। उसे दंपती ने बताया कि सीबीआई अधिकारी ने कॉल करके कहा है कि किसी से बात नहीं करनी है। पोते ने समझाया कि सीबीआई अधिकारी कॉल नहीं करते। यह ठग करते हैं। इसके बाद उन्हें ठगी होने का पता चला और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।