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अब हर घर पहुंचेगा फिल्टर पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 12 Aug 2015 02:25 AM IST
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हुडा की कॉलोनी में रहने वाले लोगों को जल्द ही एक सौगात मिलने वाली है।
अब कॉलोनियों में गंदे पानी की समस्या खत्म हो जाएगी।
इसके लिए हुडा सेक्टर- 34 में कंप्यूटराइज्ड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगा रहा है।
यह 30 करोड़ 88 लाख रुपये का प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के तहत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने से लेकर पानी की लाइन तक बिछाई जानी है।
प्लांट में जेएलएन और बीएसबी से पानी लिया जाएगा, जिसे फिल्टर करके घरों तक पहुंचाया जाएगा। यही नहीं नहर से आने वाला पानी कितना अशुद्ध है और घरों में जाने वाला पानी कितना शुद्ध ये भी कंप्यूटर में फीड होता रहेगा।
साथ ही किस कालोनी में कितना पानी कब पहुंचा, यह भी प्लांट में लगे कंप्यूटर में खुद ही फीड हो जाएगा।
हुडा का वाटर ट्रीटमेंट प्लान सेक्टर-34 में 28 एमएलडी (मिलियन लीटर/डेली) का होगा, जो 91 एकड़ जमीन पर लगाया जा रहा है। यह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अगले तीन महीने के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा।
इससे सेक्टर 4 एक्सटेंशन, 5, 6, 7, 34, 35, 36, 37, सनसिटी और अन्य नई बनने वाली कॉलोनियों को पानी सप्लाई किया जाएगा। हुडा के जेई राजसिंह हुड्डा बताते है कि ट्रीटमेंट प्लांट के पास से गुजर रही जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू नहर) और बीएसबी (भालौट सब ब्रांच) से पानी लिया जाएगा, जिसे फिल्टर करके आगे सप्लाई किया जाएगा।
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24 करोड़ का केवल प्लांट
हुडा के जेई राजसिंह हुड्डा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर कुल 30 करोड़ 88 लाख रुपया खर्च होगा। इसमें 24 करोड़ रुपया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का खर्च है। वहीं पाइप लाइन बिछाने के लिए छह करोड़ 88 लाख रुपये खर्च होने हैं। यह पाइप लाइन 9 किमी तक बिछाई जाएगी, जिसमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से कुछ नियमित दूरी तक 1200 एमएम होगी और उसके बाद पूरी पाइप लाइन 1000 एमएम की होगी।
इस तरह होगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में सबसे पहले ओपन वाटर स्टोरेज टैंक होगा जिससे बारिश का पानी भी एकत्रित किया जाएगा। इस स्टोरेज टैंक में इतना पानी स्टोर रहेगा, जिससे नहर में पानी नहीं आने की स्थिति में लगभग एक सप्ताह तक सप्लाई हो सके। उसके बाद फिल्टर टैंक होगा और फिर मिक्सर टैंकर बनाया जाएगा। इन सभी के बाद फिल्टर वाटर टैंक होगा, जिससे सप्लाई लाइन को जोड़ा जाएगा।
ऐसे फिल्टर होगा पानी
नहर से पानी को स्टोरेज टैंक में लाया जाएगा फिर फिल्टर किया जाएगा। वह केवल सामान्य फिल्टर होगा और उसे अगले टैंक में लेकर क्लोरिन गैस मिलाई जाएगी। अगले टैंक में पानी जाएगा तो उसमें बैक्टीरिया खत्म किया जाएगा। यह सब कुछ मैन्युअल की जगह कंप्यूटराइज्ड होगा। पानी फिल्टर करने के साथ वह सभी बैक्टीरिया खत्म किए जाएंगे जो लोगों के पेट में जाकर बीमारी पैदा करते हैं।
पानी की सप्लाई भी डिजिटल तरीके से होगी
फिल्टर करने के साथ पानी की शुद्धियां और अशुद्धियां जानने के लिए सिस्टम को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। इसके साथ ही पानी की सप्लाई भी डिजिटल रहेगी, जिससे यह तय होगा कि कितने पानी की रोजाना किस जगह की लाइन में खपत होती है और वहां उतना पानी भेजना जरूरी है। इससे रोजाना का डाटा तैयार किया जाएगा, जिससे किसी भी जगह पानी की किल्लत नहीं हो सके।
वर्जन.....
फिल्टर पानी के लिए बनाया जा रहा 28 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जल्द ही शुरू होगा। इसके लिए तेजी से काम किया जा रहा है। ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने के बाद लोगों को अपने घरों में अलग से वाटर फिल्टर लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि हुडा की ओर से सप्लाई किया जाने वाला पानी बेहतर होगा।
- राजकुमार, कार्यकारी अभियंता, हुडा
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अब कॉलोनियों में गंदे पानी की समस्या खत्म हो जाएगी।
इसके लिए हुडा सेक्टर- 34 में कंप्यूटराइज्ड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगा रहा है।
यह 30 करोड़ 88 लाख रुपये का प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के तहत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने से लेकर पानी की लाइन तक बिछाई जानी है।
प्लांट में जेएलएन और बीएसबी से पानी लिया जाएगा, जिसे फिल्टर करके घरों तक पहुंचाया जाएगा। यही नहीं नहर से आने वाला पानी कितना अशुद्ध है और घरों में जाने वाला पानी कितना शुद्ध ये भी कंप्यूटर में फीड होता रहेगा।
साथ ही किस कालोनी में कितना पानी कब पहुंचा, यह भी प्लांट में लगे कंप्यूटर में खुद ही फीड हो जाएगा।
हुडा का वाटर ट्रीटमेंट प्लान सेक्टर-34 में 28 एमएलडी (मिलियन लीटर/डेली) का होगा, जो 91 एकड़ जमीन पर लगाया जा रहा है। यह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अगले तीन महीने के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा।
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इससे सेक्टर 4 एक्सटेंशन, 5, 6, 7, 34, 35, 36, 37, सनसिटी और अन्य नई बनने वाली कॉलोनियों को पानी सप्लाई किया जाएगा। हुडा के जेई राजसिंह हुड्डा बताते है कि ट्रीटमेंट प्लांट के पास से गुजर रही जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू नहर) और बीएसबी (भालौट सब ब्रांच) से पानी लिया जाएगा, जिसे फिल्टर करके आगे सप्लाई किया जाएगा।
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24 करोड़ का केवल प्लांट
हुडा के जेई राजसिंह हुड्डा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर कुल 30 करोड़ 88 लाख रुपया खर्च होगा। इसमें 24 करोड़ रुपया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का खर्च है। वहीं पाइप लाइन बिछाने के लिए छह करोड़ 88 लाख रुपये खर्च होने हैं। यह पाइप लाइन 9 किमी तक बिछाई जाएगी, जिसमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से कुछ नियमित दूरी तक 1200 एमएम होगी और उसके बाद पूरी पाइप लाइन 1000 एमएम की होगी।
इस तरह होगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में सबसे पहले ओपन वाटर स्टोरेज टैंक होगा जिससे बारिश का पानी भी एकत्रित किया जाएगा। इस स्टोरेज टैंक में इतना पानी स्टोर रहेगा, जिससे नहर में पानी नहीं आने की स्थिति में लगभग एक सप्ताह तक सप्लाई हो सके। उसके बाद फिल्टर टैंक होगा और फिर मिक्सर टैंकर बनाया जाएगा। इन सभी के बाद फिल्टर वाटर टैंक होगा, जिससे सप्लाई लाइन को जोड़ा जाएगा।
ऐसे फिल्टर होगा पानी
नहर से पानी को स्टोरेज टैंक में लाया जाएगा फिर फिल्टर किया जाएगा। वह केवल सामान्य फिल्टर होगा और उसे अगले टैंक में लेकर क्लोरिन गैस मिलाई जाएगी। अगले टैंक में पानी जाएगा तो उसमें बैक्टीरिया खत्म किया जाएगा। यह सब कुछ मैन्युअल की जगह कंप्यूटराइज्ड होगा। पानी फिल्टर करने के साथ वह सभी बैक्टीरिया खत्म किए जाएंगे जो लोगों के पेट में जाकर बीमारी पैदा करते हैं।
पानी की सप्लाई भी डिजिटल तरीके से होगी
फिल्टर करने के साथ पानी की शुद्धियां और अशुद्धियां जानने के लिए सिस्टम को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। इसके साथ ही पानी की सप्लाई भी डिजिटल रहेगी, जिससे यह तय होगा कि कितने पानी की रोजाना किस जगह की लाइन में खपत होती है और वहां उतना पानी भेजना जरूरी है। इससे रोजाना का डाटा तैयार किया जाएगा, जिससे किसी भी जगह पानी की किल्लत नहीं हो सके।
वर्जन.....
फिल्टर पानी के लिए बनाया जा रहा 28 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जल्द ही शुरू होगा। इसके लिए तेजी से काम किया जा रहा है। ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने के बाद लोगों को अपने घरों में अलग से वाटर फिल्टर लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि हुडा की ओर से सप्लाई किया जाने वाला पानी बेहतर होगा।
- राजकुमार, कार्यकारी अभियंता, हुडा