पीजीआई थाने से फरार फर्जी डॉक्टर भिवानी से गिरफ्तार, तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच शुरू
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पीजीआई में मरीजों से ठगी करने के आरोपी फर्जी डॉक्टर को पुलिस ने शनिवार को भिवानी में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को ठगी का यह आरोपी पूछताछ के लिए थाने में लाने के बाद कहीं गायब हो गया था। उसके थाने से भाग जाने की कंट्रोल रूम में वीटी कराई गई।
पुलिस आरोपी को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी। वहीं आरोपी डॉक्टर का दावा है कि मैं तो समाजसेवा करता हूं। भिवानी से अपनी गाड़ी में मरीज पीजीआई लेकर आता था। वहीं पीजीआई थाना परिसर से शुक्रवार को आरोपी पवन के गायब होने के मामले में महकमे के तीन जवानों पर गाज गिर सकती है।
शनिवार को पुलिस ने ठगी के आरोपी पवन की तलाश में कई जगह छापामारी की। दोपहर बाद पुलिस ने फर्जी डॉक्टर को भिवानी की लाजपत नगर कालोनी में उसके घर से गिरफ्तार किया। अब उसे रविवार को न्यायाधीश के सामने पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। फिलहाल इस मामले में पुलिस अन्य कोई भी जानकारी साझा करने से परहेज बरत रही है।
थाने के तीन जवानों की होगी विभागीय जांच
पीजीआई थाना परिसर से शुक्रवार को आरोपी पवन के गायब होने के मामले में उस समय थाने में मौजूद तीन पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ एसपी ने विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि शाम को इन तीन कर्मचारियों के निलंबन की भी चर्चा गर्माई रही। इस बारे में थाना प्रभारी ने साफ इनकार किया है। डीएसपी गौरखपाल ने बताया कि तीन जवानों की विभागीय जांच के निर्देश जारी हो गए हैं। इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।
फोटो लेकर आरोपी को तलाशती रही पुलिस
पीजीआई थाना से आरोपी के गायब होने के बाद पुलिस उसे फोटो लेकर तलाश करती रही। थाने पहुंचने से पहले पीजीआई में लिए गए फोटो मोबाइल पर दिखाकर पुलिस ने लोगों से आरोपी का पता लगाने का प्रयास किया। उसके फोटो भिवानी पुलिस के पास व्हाट्सएप पर भी भेजे गए। इसी फोटो के सहारे पुलिस लाजपत नगर पहुंची।
यह है मामला
पीजीआईएमएस में शुक्रवार को मरीजों के काम कराने के बहाने रुपये ऐंठने के आरोप में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया था। पूछताछ में आरोपी की पहचान भिवानी की लाजपत नगर कॉलोनी निवासी पवन के रूप में हुई। डॉक्टर का एप्रेन पहन कर गले में स्टेथोस्कोप लटकाए इस आरोपी के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के आसपास घूमने की सूचना मिली थी।
पीजीआईएमएस संस्थान के डीएमएस एवं नोडल अधिकारी लिटिगेशन डॉ. संदीप ने चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से आरोपी को पकड़ा और पीजीआई थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया यह आरोपी मौका देखकर लघु शंका के बहाने वहां से निकल भागा। पुलिस ने रातभर इसकी तलाश में छापामारी अभियान चलाया। शनिवार को यह पुलिस को अपने घर पर मिला। इसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह भिवानी में अपने घर पर मिला। गुप्त सूचना के आधार पर इसे काबू किया। अब इसे रविवार को न्यायाधीश के समक्ष पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस इससे पूछताछ कर रही है। स्टाफ के निलंबन की जानकारी नहीं है। - अनिल कुमार, एसएचओ, पीजीआईएमएस थाना।