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Rohtak News: डेस्क जॉब, फास्ट फूड व नशा बिगाड़ रहा शुक्राणुओं की गुणवत्ता
Wed, 03 Jun 2026 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:23 AM IST
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रोहतक। आधुनिक जीवनशैली में डेस्क जॉब पर आठ से 10 घंटे लगातार बैठे रहने, फास्ट फूड व नशे से पुरुषों का यौन स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। इससे पुरुषों में स्पर्म की गुणवत्ता कम होना, बांझपन, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्याएं भी पनपने लगी हैं।
पीजीआई के गायनी विभाग की विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी चौहान ने बताया कि हर माह संतान न होेने की समस्या लेकर करीब 40 मरीज पहुंच रहे हैं। 10 साल पहले इनकी संख्या लगभग 15 थी। वर्तमान में जागरूकता के कारण भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।
ऐसे में महिला के साथ पुरुषों में के स्पर्म (शुक्राणु) की भी जांच कराई जाती है। पुरुष शुक्राणुओं की गिनती, आकार व गर्भधारण क्षमता देखकर इलाज किया जा रहा है। युवाओें में फास्ट फूड का चलन बढ़ गया है। इसमें उपस्थित फैट शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। इससे गर्भधारण के लिए उपयोगी शुक्राणुओं का आकार, गिनती व डीएनए भी खराब हो जाता है। संवाद
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पीजीआई के गायनी विभाग की विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी चौहान ने बताया कि हर माह संतान न होेने की समस्या लेकर करीब 40 मरीज पहुंच रहे हैं। 10 साल पहले इनकी संख्या लगभग 15 थी। वर्तमान में जागरूकता के कारण भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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ऐसे में महिला के साथ पुरुषों में के स्पर्म (शुक्राणु) की भी जांच कराई जाती है। पुरुष शुक्राणुओं की गिनती, आकार व गर्भधारण क्षमता देखकर इलाज किया जा रहा है। युवाओें में फास्ट फूड का चलन बढ़ गया है। इसमें उपस्थित फैट शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। इससे गर्भधारण के लिए उपयोगी शुक्राणुओं का आकार, गिनती व डीएनए भी खराब हो जाता है। संवाद
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