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मुआवजा आवेदन में 15 करोड़ का झूठ
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 08 Mar 2016 02:08 AM IST
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जाट आरक्षण
- फोटो : भव्य नरेश
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जाट आरक्षण आंदोलन के बाद हुए उपद्रव में हुए नुकसान के मुआवजे के लिए किए गए आवेदन में 15 करोड़ का झूठ पकड़ा गया है। इस झूठ की जांच के चक्कर में पीड़ितों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल उपद्रव के दौरान दुकान, शोरूम और मॉल में हुई लूटपाट और आगजनी के बाद मिलने वाले मुआवजे को लेकर कुछ लोग इसमें अपना फायदा तलाश रहे। मुआवजे के आवेदन में ऐसे में लोगों ने बढ़ा चढ़ाकर नुकसान दिखाया है। अब जब प्रशासन ने 25 फीसदी मुआवजा देने के बाद जांच कराई तो सच्चाई खुलकर सामने आ गई। यहां ऐसा लगभग 15 करोड़ का मामला सामने आया है।
जिले में जगह-जगह हुए उपद्रव में 1016 संपत्ति चिह्नित की गई थी, जिनमें तोड़फोड़ के अलावा आगजनी या लूटपाट की गई। इनमें रोहतक में 634, कलानौर में 281 और महम में 101 संपत्ति है। जिनमें मकान, दुकान, शोरूम, होटल या बैक्वेट हॉल, पेट्रोल पंप शामिल हैं। इनके लिए 249 करोड़ के मुआवजे का दावा किया गया था। वहीं स्कूल, कालेज, फैक्ट्री, सरकारी भवन इन सभी से अलग है और उनकी संख्या 111 है।
इनमें 145.55 करोड़ का नुकसान बताया गया है। इनमें से निजी संपत्तियों के लिए लगभग 15 करोड़ का मुआवजा पीड़ितों के खातों में पहुंच चुका है। जिसके बाद जांच कमेटी गठित की गई और बाकी मुआवजा जांच के बाद ही दिया जाएगा। इसके लिए कमेटियां जांच कर रही है और वह रिपोर्ट जल्द सौंप देंगी जिससे पीड़ितों मुआवजा मिल सके।
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25 लाख के नुकसान को दिखाया 60 लाख
कमेटी जांच में फर्जी तरीके से फर्जी तरीके से ज्यादा मुआवजा आवेदन में भरना बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। ऐसे में पीड़ित लोगों को भी इन झूठे तरीके से मुआवजा लेने के वालों की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा। अधिकारियों की मानें तो जांच में अब तक 15 करोड़ रुपये के मुआवजे का दावा फर्जी मिला है। बताया गया कि किसी का मुआवजा 25 लाख का है तो उसने 60 लाख रुपये का आवेदन किया हुआ है। आवेदन में शक होने पर जांच के लिए संबंधित कागजात मांगे गए तो सच्चाई सामने आई। इसके बाद टीम ने नुकसान होने वाली जगह जाकर खुद नुकसान का आंकलन किया।
पीड़ितों को उठाना पड़ सकता है नुकसान
उपद्रव के बाद जिस तरह से गलत आवेदन किए गए है, उससे कुछ लोगों को फायदा जरूर हो सकता है। लेकिन इससे सबसे बड़ा नुकसान उन पीड़ितों को उठाना पड़ सकता है, जिनका बड़ा नुकसान हुआ है। अगर उनके पास भी मुआवजे के दावे से संबंधित कागजात नहीं मिलते हैं तो उनका भी आंकलन होगा। जिससे उनका मुआवजा भी कम हो सकता है।
जांच के बाद कमेटी आवेदन करा रही ठीक
मुआवजे के दावे आने के बाद टीम जांच के साथ-साथ पीड़ितों के आवेदन फार्म को भी ठीक कराकर मदद कर रही है। जिनकी दुकान और भवन दोनों में नुकसान हुआ है, उन लोगों ने एक ही जगह आवेदन कर दिया है। ठीक तरह से आवेदन न होने से टीम ने दुकान और भवन का अलग-अलग आवेदन कराया। टीम की मानें तो कई दुकानें ऐसी हैं जो भवनों में किराए पर हैं, उनके भी आवेदन कराए जा रहे हैं।
घर ले गया सामान, मुआवजे में दिखाया नुकसान
उपद्रव के बाद लोगों ने मुआवजे के लिए आवेदन करना शुरू किया तो उसी समय अधिकारियों के पास शिकायत आने लगी थी। इस समय तक ऐसी लगभग 50 शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें मुआवजे के लिए फर्जी आवेदन करने का आरोप लगाया गया है। उन शिकायतों में आरोप लगाए गए है कि कोई सामान को निकालकर अपने घर ले गया और उसने भी मुआवजे के लिए आवेदन कर दिया। वहीं ऐसी भी शिकायत आयी है कि किसी का कम नुकसान हुआ है और उसने ज्यादा मुआवजे का आवेदन कर दिया है। उन शिकायतों पर भी जांच कराई जा रही है।
लगभग 15 करोड़ का आवेदन फर्जी किया गया है। कई ऐसे मामले सामने आए है, जिनमें मुआवजे के लिए ज्यादा आवेदन किया गया है। जिसका आवेदन ज्यादा लग रहा है, उनसे संबंधित कागजात मांगे जा रहे हैं। लेकिन वह नहीं दिखाते हैं तो उसका आंकलन भी किया जाता है। इसके लिए टीम में अन्य कई विभागों के अधिकारी लगाए गए है।
- दलबीर सिंह फौगाट, एसडीएम
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जिले में जगह-जगह हुए उपद्रव में 1016 संपत्ति चिह्नित की गई थी, जिनमें तोड़फोड़ के अलावा आगजनी या लूटपाट की गई। इनमें रोहतक में 634, कलानौर में 281 और महम में 101 संपत्ति है। जिनमें मकान, दुकान, शोरूम, होटल या बैक्वेट हॉल, पेट्रोल पंप शामिल हैं। इनके लिए 249 करोड़ के मुआवजे का दावा किया गया था। वहीं स्कूल, कालेज, फैक्ट्री, सरकारी भवन इन सभी से अलग है और उनकी संख्या 111 है।
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इनमें 145.55 करोड़ का नुकसान बताया गया है। इनमें से निजी संपत्तियों के लिए लगभग 15 करोड़ का मुआवजा पीड़ितों के खातों में पहुंच चुका है। जिसके बाद जांच कमेटी गठित की गई और बाकी मुआवजा जांच के बाद ही दिया जाएगा। इसके लिए कमेटियां जांच कर रही है और वह रिपोर्ट जल्द सौंप देंगी जिससे पीड़ितों मुआवजा मिल सके।
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25 लाख के नुकसान को दिखाया 60 लाख
कमेटी जांच में फर्जी तरीके से फर्जी तरीके से ज्यादा मुआवजा आवेदन में भरना बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। ऐसे में पीड़ित लोगों को भी इन झूठे तरीके से मुआवजा लेने के वालों की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा। अधिकारियों की मानें तो जांच में अब तक 15 करोड़ रुपये के मुआवजे का दावा फर्जी मिला है। बताया गया कि किसी का मुआवजा 25 लाख का है तो उसने 60 लाख रुपये का आवेदन किया हुआ है। आवेदन में शक होने पर जांच के लिए संबंधित कागजात मांगे गए तो सच्चाई सामने आई। इसके बाद टीम ने नुकसान होने वाली जगह जाकर खुद नुकसान का आंकलन किया।
पीड़ितों को उठाना पड़ सकता है नुकसान
उपद्रव के बाद जिस तरह से गलत आवेदन किए गए है, उससे कुछ लोगों को फायदा जरूर हो सकता है। लेकिन इससे सबसे बड़ा नुकसान उन पीड़ितों को उठाना पड़ सकता है, जिनका बड़ा नुकसान हुआ है। अगर उनके पास भी मुआवजे के दावे से संबंधित कागजात नहीं मिलते हैं तो उनका भी आंकलन होगा। जिससे उनका मुआवजा भी कम हो सकता है।
जांच के बाद कमेटी आवेदन करा रही ठीक
मुआवजे के दावे आने के बाद टीम जांच के साथ-साथ पीड़ितों के आवेदन फार्म को भी ठीक कराकर मदद कर रही है। जिनकी दुकान और भवन दोनों में नुकसान हुआ है, उन लोगों ने एक ही जगह आवेदन कर दिया है। ठीक तरह से आवेदन न होने से टीम ने दुकान और भवन का अलग-अलग आवेदन कराया। टीम की मानें तो कई दुकानें ऐसी हैं जो भवनों में किराए पर हैं, उनके भी आवेदन कराए जा रहे हैं।
घर ले गया सामान, मुआवजे में दिखाया नुकसान
उपद्रव के बाद लोगों ने मुआवजे के लिए आवेदन करना शुरू किया तो उसी समय अधिकारियों के पास शिकायत आने लगी थी। इस समय तक ऐसी लगभग 50 शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें मुआवजे के लिए फर्जी आवेदन करने का आरोप लगाया गया है। उन शिकायतों में आरोप लगाए गए है कि कोई सामान को निकालकर अपने घर ले गया और उसने भी मुआवजे के लिए आवेदन कर दिया। वहीं ऐसी भी शिकायत आयी है कि किसी का कम नुकसान हुआ है और उसने ज्यादा मुआवजे का आवेदन कर दिया है। उन शिकायतों पर भी जांच कराई जा रही है।
लगभग 15 करोड़ का आवेदन फर्जी किया गया है। कई ऐसे मामले सामने आए है, जिनमें मुआवजे के लिए ज्यादा आवेदन किया गया है। जिसका आवेदन ज्यादा लग रहा है, उनसे संबंधित कागजात मांगे जा रहे हैं। लेकिन वह नहीं दिखाते हैं तो उसका आंकलन भी किया जाता है। इसके लिए टीम में अन्य कई विभागों के अधिकारी लगाए गए है।
- दलबीर सिंह फौगाट, एसडीएम