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केस रद्द करवाने व थाना प्रभारी को बदलने की मांग को कलायत के लोग लामबंद
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल
Updated Thu, 10 Mar 2016 12:04 AM IST
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रोष
- फोटो : bureau
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पुलिस द्वारा दर्जन भर लोगों पर केस रद्द करवाने और एसएचओ के तबादले की मांग को लेकर कलायत में मामला बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर थाने के बाहर रोष जताया। मामला बढ़ता देख एसपी लोगों के बीच पहुंचे और आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
बुधवार की सुबह कलायत के लोग एवं दुकानदार प्रजापति चौपाल में एकत्रित हुए। जहां से सभी लोग एक जलूस की शक्ल में थाना परिसर में पहुंचे। नगर के लोगों के एकत्रित होने की खबर चलते ही पुलिस कप्तान सुमित कुमार पुलिस स्टेशन पहुंच गए व नगर के लोगों की बातों को सुना। रोष जताते हुए लोगों ने कहा कि जब तक निर्दोष लोगों पर किए गए दर्ज मामले वापस नहीं लिए जाएंगे तथा उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई व तुरंत थाना प्रभारी का तबादला नहीं किया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा। एसपी सुमित कुमार के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए।
नगर के लोगों ने एसपी सुमित कुमार को बताया कि 20 फरवरी को सैकड़ों लोगों ने यहां जमकर तोड़फोड़ लोगों के साथ मारपीट व आगजनी की। जिसमें एक की मौत भी हो गई थी। उपद्रवियों ने 45 लोगों की दुकानों में लूटपाट व आगजनी की गई तथा झगड़े में नगर के 16 लोगों को गंभीर चोटें आई थी।
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एसएचओ का रवैया रहा तानाशाह
पुलिस स्टेशन में जमा लोगों ने एसपी के सामने आरोप लगाए कि कलायत थाना प्रभारी तानाशाह बने हुए हैं। बलजीत सिंह नायक, ओमप्रकाश पतलान, राजू कौशिक आदी ने आरोप लगाया कि उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसा पर कार्रवाई को लेकर नगर के लोग कई बार पुलिस स्टेशन आए, लेकिन थाना प्रभारी सुभाष श्योकंद ने लोगों को डरा धमकाकर वापस भेजते रहे। यही नहीं जिन लोगों को गंभीर चोटें आई व जिन दुकानदारों की दुकानों को नुकसान हुआ उनकी तरफ से तो कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि कलायत के ही गणमान्य लोगों पर ही झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। इसीलिए उनकी मांग है कि निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मामले वापिस लिए जाएं तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मामले की होगी निष्पक्ष जांच
एसपी सुमित कुमार ने एकत्रित लोगों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच समिति का गठन किया जा रहा है, जो पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने का मतलब दोषी होना नही है। एफआईआर के बाद पूरी तफतीस बाकी है जिसे पूरी पारदर्शिता, नेकनीयती व इमानदारी द्वारा करवाया जाएगा। पुलिस किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मामले में नही फंसाएगी हां उपद्रवियों, आगजनी व लूटपाट करने वालों को बख्शेगी नहीं।
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि प्रदेश व कलायत क्षेत्र में अमन चैन लाने के लिए सभी को मिल कर कार्य करना होगा। सबसे पहले तो चाहे वह पुलिस, प्रशासन या आपस में बने अविश्वास को दूर करना है। अफवाहों को पूरी तरह से दफन किया जाए ताकि प्रदेश में भाईचारे की स्थापना हो सके।
थानेदार को बदला
लोगों में विश्वास बहाली व मांग को पूरा करते हुए कलायत के थाना प्रभारी सुभाष श्योकंद को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह देवेंद्र कुमार को कलायत का थाना प्रभारी बनाया गया है। आंदोलन के दौरान की शिकायतों के लिए डीएसपी सतीश गौतम को जिम्मेवारी दी गई है।
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बुधवार की सुबह कलायत के लोग एवं दुकानदार प्रजापति चौपाल में एकत्रित हुए। जहां से सभी लोग एक जलूस की शक्ल में थाना परिसर में पहुंचे। नगर के लोगों के एकत्रित होने की खबर चलते ही पुलिस कप्तान सुमित कुमार पुलिस स्टेशन पहुंच गए व नगर के लोगों की बातों को सुना। रोष जताते हुए लोगों ने कहा कि जब तक निर्दोष लोगों पर किए गए दर्ज मामले वापस नहीं लिए जाएंगे तथा उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई व तुरंत थाना प्रभारी का तबादला नहीं किया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा। एसपी सुमित कुमार के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए।
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नगर के लोगों ने एसपी सुमित कुमार को बताया कि 20 फरवरी को सैकड़ों लोगों ने यहां जमकर तोड़फोड़ लोगों के साथ मारपीट व आगजनी की। जिसमें एक की मौत भी हो गई थी। उपद्रवियों ने 45 लोगों की दुकानों में लूटपाट व आगजनी की गई तथा झगड़े में नगर के 16 लोगों को गंभीर चोटें आई थी।
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एसएचओ का रवैया रहा तानाशाह
पुलिस स्टेशन में जमा लोगों ने एसपी के सामने आरोप लगाए कि कलायत थाना प्रभारी तानाशाह बने हुए हैं। बलजीत सिंह नायक, ओमप्रकाश पतलान, राजू कौशिक आदी ने आरोप लगाया कि उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसा पर कार्रवाई को लेकर नगर के लोग कई बार पुलिस स्टेशन आए, लेकिन थाना प्रभारी सुभाष श्योकंद ने लोगों को डरा धमकाकर वापस भेजते रहे। यही नहीं जिन लोगों को गंभीर चोटें आई व जिन दुकानदारों की दुकानों को नुकसान हुआ उनकी तरफ से तो कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि कलायत के ही गणमान्य लोगों पर ही झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। इसीलिए उनकी मांग है कि निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मामले वापिस लिए जाएं तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मामले की होगी निष्पक्ष जांच
एसपी सुमित कुमार ने एकत्रित लोगों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच समिति का गठन किया जा रहा है, जो पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने का मतलब दोषी होना नही है। एफआईआर के बाद पूरी तफतीस बाकी है जिसे पूरी पारदर्शिता, नेकनीयती व इमानदारी द्वारा करवाया जाएगा। पुलिस किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मामले में नही फंसाएगी हां उपद्रवियों, आगजनी व लूटपाट करने वालों को बख्शेगी नहीं।
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि प्रदेश व कलायत क्षेत्र में अमन चैन लाने के लिए सभी को मिल कर कार्य करना होगा। सबसे पहले तो चाहे वह पुलिस, प्रशासन या आपस में बने अविश्वास को दूर करना है। अफवाहों को पूरी तरह से दफन किया जाए ताकि प्रदेश में भाईचारे की स्थापना हो सके।
थानेदार को बदला
लोगों में विश्वास बहाली व मांग को पूरा करते हुए कलायत के थाना प्रभारी सुभाष श्योकंद को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह देवेंद्र कुमार को कलायत का थाना प्रभारी बनाया गया है। आंदोलन के दौरान की शिकायतों के लिए डीएसपी सतीश गौतम को जिम्मेवारी दी गई है।