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सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन खत्म : मलिक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 22 Mar 2017 01:45 AM IST
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जसिया धरने पर
- फोटो : amar ujala
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जसिया धरने पर पहुंचे यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार ने उन्हें मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। इसलिए अब धीरे-धीरे कुछ धरनों को खत्म कर दिया जाएगा, जबकि कुछ धरने सांकेतिक तौर पर चलते रहेंगे, लेकिन वहां भीड़ कम रहेगी। मलिक ने सरकार के खिलाफ चल रहे असहयोग आंदोलन को खत्म करने की घोषणा की। साथ ही सरकार को चेताया कि यदि उसने धोखा दिया तो जाट समाज एक घंटे में दिल्ली कूच कर देंगे।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे जसिया धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों को दिल्ली में सरकार से हुई वार्ता की विस्तार से जानकारी दी। मलिक ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने की प्रक्रिया में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन सरकार ने आश्वासन दिया है कि 15 दिन में घायलों को मुआवजा मिल जाएगा। आंदोलन के दौरान मारे गए युवकों के परिजन को 60 दिन में सरकारी नौकरी और जेलों में बंद युवा जल्द बाहर आ जाएंगे। सरकार के आश्वासन के बाद जिन जिलों में दो धरने चल रहे हैं उन्हें धीरे-धीरे खत्म करा दिया जाएगा।
जसिया समेत कई स्थानों का धरना सांकेतिक तौर पर जारी रहेगा, लेकिन भीड़ कम रहेगी। आगामी निर्णय के लिए 26 मार्च को जींद में कार्यकारिणी की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार है। इसलिए असहयोग आंदोलन को खत्म कर दिया जाए। सभी लोग पहले की भांति बिजली-पानी के बिल भरें। उन्होंने सरकार को चेताया कि आश्वासन के बाद धरनों को कम किया जा रहा है, लेकिन यदि मांग पूरी नहीं हुई तो जाटों के ट्रैक्टर-ट्रॉली तैयार हैं। एक घंटे के अंदर दिल्ली कूच कर देंगे। इसके बाद न कोई वार्ता होगी न ही समझौता। मलिक ने सांसद राजकुमार सैनी पर भी निशाना साधा। भीड़ ने हाथ उठाकर मलिक की बातों का समर्थन किया। इस दौरान पाक्समा गांव के लोगों ने सड़क हादसे में मारे गए सुनारिया निवासी विजय के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी।
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रोहतक-पानीपत हाईवे रहा बंद, जाम से जूझे लोग
जसिया धरनास्थल पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने रोहतक-पानीपत हाईवे को बंद कर दिया था। वाहनों को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया गया। इसके बावजूद धरने पर भीड़ पहुंचने के कारण हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन आड़े-तिरछे खड़े होने की वजह से लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
वार्ता को बताया जाटों की जीत, आतिशबाजी कर मनाई खुशी
दिल्ली में हुई वार्ता के बाद धरने पर बैठे लोगों में खुशी का माहौल है। कुछ युवा ढोल-नगाड़ों पर नाचते हुए धरनास्थल पर पहुंचे तो कुछ ने आतिशबाजी कर खुशी मनाई। धरनास्थल कमेटी की तरफ से रामपाल के समर्थकों का आभार जताया गया। आश्वासन दिया कि भविष्य में जहां जरूरत होगी उनके साथ खड़े रहेंगे।
फतेहाबाद की घटना में पुलिस जिम्मेदार
फतेहाबाद में हुई घटना पर यशपाल मलिक ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि जो घटना हुई उसमें जितने भी आंदोलनकारी घायल हुए हैं संगठन की तरफ से उनकी मदद की जाएगी।
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे जसिया धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों को दिल्ली में सरकार से हुई वार्ता की विस्तार से जानकारी दी। मलिक ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने की प्रक्रिया में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन सरकार ने आश्वासन दिया है कि 15 दिन में घायलों को मुआवजा मिल जाएगा। आंदोलन के दौरान मारे गए युवकों के परिजन को 60 दिन में सरकारी नौकरी और जेलों में बंद युवा जल्द बाहर आ जाएंगे। सरकार के आश्वासन के बाद जिन जिलों में दो धरने चल रहे हैं उन्हें धीरे-धीरे खत्म करा दिया जाएगा।
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जसिया समेत कई स्थानों का धरना सांकेतिक तौर पर जारी रहेगा, लेकिन भीड़ कम रहेगी। आगामी निर्णय के लिए 26 मार्च को जींद में कार्यकारिणी की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार है। इसलिए असहयोग आंदोलन को खत्म कर दिया जाए। सभी लोग पहले की भांति बिजली-पानी के बिल भरें। उन्होंने सरकार को चेताया कि आश्वासन के बाद धरनों को कम किया जा रहा है, लेकिन यदि मांग पूरी नहीं हुई तो जाटों के ट्रैक्टर-ट्रॉली तैयार हैं। एक घंटे के अंदर दिल्ली कूच कर देंगे। इसके बाद न कोई वार्ता होगी न ही समझौता। मलिक ने सांसद राजकुमार सैनी पर भी निशाना साधा। भीड़ ने हाथ उठाकर मलिक की बातों का समर्थन किया। इस दौरान पाक्समा गांव के लोगों ने सड़क हादसे में मारे गए सुनारिया निवासी विजय के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी।
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रोहतक-पानीपत हाईवे रहा बंद, जाम से जूझे लोग
जसिया धरनास्थल पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने रोहतक-पानीपत हाईवे को बंद कर दिया था। वाहनों को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया गया। इसके बावजूद धरने पर भीड़ पहुंचने के कारण हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन आड़े-तिरछे खड़े होने की वजह से लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
वार्ता को बताया जाटों की जीत, आतिशबाजी कर मनाई खुशी
दिल्ली में हुई वार्ता के बाद धरने पर बैठे लोगों में खुशी का माहौल है। कुछ युवा ढोल-नगाड़ों पर नाचते हुए धरनास्थल पर पहुंचे तो कुछ ने आतिशबाजी कर खुशी मनाई। धरनास्थल कमेटी की तरफ से रामपाल के समर्थकों का आभार जताया गया। आश्वासन दिया कि भविष्य में जहां जरूरत होगी उनके साथ खड़े रहेंगे।
फतेहाबाद की घटना में पुलिस जिम्मेदार
फतेहाबाद में हुई घटना पर यशपाल मलिक ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि जो घटना हुई उसमें जितने भी आंदोलनकारी घायल हुए हैं संगठन की तरफ से उनकी मदद की जाएगी।