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फर्जी दस्तावेज देकर बनवाई बुढ़ापा पेंशन, विभाग को दो साल बाद चला पता
Updated Thu, 08 Jun 2017 07:39 PM IST
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फर्जी दस्तावेज देकर बनवाई बुढ़ापा पेंशन
यमुनानगर। जिला समाज कल्याण विभाग में फर्जी दस्तावेज देकर एक व्यक्ति ने बुढ़ापा पेंशन बनवा ली। आरोपी दो साल तक व्यक्ति बुढ़ापा पेंशन लेता रहा, लेकिन विभाग को इसका पता नहीं चल पाया। दो साल बाद फर्जी दस्तावेज की जानकारी मिलने पर विभाग अधिकारी ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश संधु ने साढौरा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव झंडा निवासी तारा चंद ने फरवरी 2015 में फर्जी दस्तावेज दिखाकर अपनी बुढ़ापा पेंशन लगवा ली। आरोपी व्यक्ति जनवरी 2017 तक योजना का लाभ लेता रहा। कुछ दिन पहले उन्हें शिकायत मिली थी कि तारा चंद ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर बुढ़ापा पेंशन बनवाई है। फर्जी दस्तावेजों में ताराचंद की उम्र 60 साल से अधिक दिखाई गई है। जबकि वास्तविक उसकी उम्र 60 साल से कम है। शिकायत के आधार पर जब उन्होंने आरोपी व्यक्ति के दस्तावेजों की गहनता से जांच कराई गई तो वे फर्जी पाए गए। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी व्यक्ति ताराचंद के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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यमुनानगर। जिला समाज कल्याण विभाग में फर्जी दस्तावेज देकर एक व्यक्ति ने बुढ़ापा पेंशन बनवा ली। आरोपी दो साल तक व्यक्ति बुढ़ापा पेंशन लेता रहा, लेकिन विभाग को इसका पता नहीं चल पाया। दो साल बाद फर्जी दस्तावेज की जानकारी मिलने पर विभाग अधिकारी ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश संधु ने साढौरा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव झंडा निवासी तारा चंद ने फरवरी 2015 में फर्जी दस्तावेज दिखाकर अपनी बुढ़ापा पेंशन लगवा ली। आरोपी व्यक्ति जनवरी 2017 तक योजना का लाभ लेता रहा। कुछ दिन पहले उन्हें शिकायत मिली थी कि तारा चंद ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर बुढ़ापा पेंशन बनवाई है। फर्जी दस्तावेजों में ताराचंद की उम्र 60 साल से अधिक दिखाई गई है। जबकि वास्तविक उसकी उम्र 60 साल से कम है। शिकायत के आधार पर जब उन्होंने आरोपी व्यक्ति के दस्तावेजों की गहनता से जांच कराई गई तो वे फर्जी पाए गए। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी व्यक्ति ताराचंद के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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