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छात्र का नाम काटने पर कोर्ट ने मांगा आईटीआई प्रबंधन से जवाब
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हसनगढ़ आईटीआई में पढ़ रहे छात्र का गैरहाजिर होने के चलते नाम काटने पर अदालत ने शिक्षण संस्थान के प्रबंधन से जवाब मांगा है। छात्र काठ मंडी निवासी योगित को सात माह पहले वैश्य कॉलेज के स्टेडियम में हुई हत्या के मामले की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके चलते वह न्यायिक हिरासत के चलते सुनारिया जेल में बंद है।
याचिकाकर्ता के वकील प्रवीण ने बताया कि काठ मंडी निवासी योगित हसनगढ़ स्थित आईटीआई में कोर्स कर रहा था। सात माह पहले मई में वैश्य कॉलेज के स्टेडियम में दिल्ली निवासी अंकुश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में योगित को भी गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि वह न केवल वारदात की साजिश में शामिल रहा, बल्कि आरोपी को बाइक भी दी थी। तभी से योगित जेल में बंद है। वारदात से पहले वह आईटीआई में पढ़ रहा था। उसके जेल जाने के बाद आईटीआई प्रबंधन को अवगत कराया गया। इसके बावजूद उसे गैरहाजिर दिखाकर नाम काट दिया गया। इसके चलते अदालत में याचिका दायर की गई। अदालत को बताया गया कि छात्र को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने आईटीआई प्रबंधन से छह दिसंबर तक जवाब देने के लिए कहा है, क्योंकि 13 दिसंबर से छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।
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याचिकाकर्ता के वकील प्रवीण ने बताया कि काठ मंडी निवासी योगित हसनगढ़ स्थित आईटीआई में कोर्स कर रहा था। सात माह पहले मई में वैश्य कॉलेज के स्टेडियम में दिल्ली निवासी अंकुश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में योगित को भी गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि वह न केवल वारदात की साजिश में शामिल रहा, बल्कि आरोपी को बाइक भी दी थी। तभी से योगित जेल में बंद है। वारदात से पहले वह आईटीआई में पढ़ रहा था। उसके जेल जाने के बाद आईटीआई प्रबंधन को अवगत कराया गया। इसके बावजूद उसे गैरहाजिर दिखाकर नाम काट दिया गया। इसके चलते अदालत में याचिका दायर की गई। अदालत को बताया गया कि छात्र को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने आईटीआई प्रबंधन से छह दिसंबर तक जवाब देने के लिए कहा है, क्योंकि 13 दिसंबर से छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।
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