{"_id":"6ad92ccfb01c787d870b0cf9","slug":"chants-resounded-at-the-mata-bhimeshwari-devi-rohtak-news-c-195-1-jjr1001-141565-2026-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में हुआ जयघोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में हुआ जयघोष
विज्ञापन
21jjrp27- बेरी में आयोजित धार्मिक यात्रा में शामिल साधु संत। संवाद
- फोटो : samvad
बेरी। माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में पूर्व परंपरा के अनुसार ब्रह्मलीन संतों को भोज दिया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए ब्रह्मलीन संतों को नमन किया और उनके जयघोष लगाए।
परंपरा के अनुसार यह धार्मिक यात्रा मंदिर के अंदर स्थित भवन से शुरू हुई। इसके बाद यात्रा माता भीमेश्वरी देवी मंदिर के बाहर वाले मंदिर के पास समाधि स्थल पर पहुंची, जहां धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन संतों की स्मृति में जयघोष लगाए और सभी के सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की।इस पावन अवसर पर बाबा देवी पुरी, बाबा खूबी पुरी, बाबा हरदेव पुरी, बाबा बख्तावर पुरी, बाबा भगवत पुरी, बाबा नारायण पुरी, बाबा शुक्र पुरी, बाबा बुधपुरी, बाबा सेवापुरी एवं बाबा रामानंद पुरी जी के जयघोष लगाए गए। श्रद्धालुओं ने संतों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनकी परंपरा और धार्मिक विरासत को नमन किया।
यह धार्मिक कार्यक्रम क्षेत्र की प्राचीन आस्था और परंपराओं का प्रतीक रहा। श्रद्धालुओं ने माता भीमेश्वरी देवी से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। इस आयोजन के माध्यम से ब्रह्मलीन संतों के प्रति सम्मान और श्रद्धा की परंपरा को आगे बढ़ाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
परंपरा के अनुसार यह धार्मिक यात्रा मंदिर के अंदर स्थित भवन से शुरू हुई। इसके बाद यात्रा माता भीमेश्वरी देवी मंदिर के बाहर वाले मंदिर के पास समाधि स्थल पर पहुंची, जहां धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन संतों की स्मृति में जयघोष लगाए और सभी के सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की।इस पावन अवसर पर बाबा देवी पुरी, बाबा खूबी पुरी, बाबा हरदेव पुरी, बाबा बख्तावर पुरी, बाबा भगवत पुरी, बाबा नारायण पुरी, बाबा शुक्र पुरी, बाबा बुधपुरी, बाबा सेवापुरी एवं बाबा रामानंद पुरी जी के जयघोष लगाए गए। श्रद्धालुओं ने संतों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनकी परंपरा और धार्मिक विरासत को नमन किया।
विज्ञापन
यह धार्मिक कार्यक्रम क्षेत्र की प्राचीन आस्था और परंपराओं का प्रतीक रहा। श्रद्धालुओं ने माता भीमेश्वरी देवी से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। इस आयोजन के माध्यम से ब्रह्मलीन संतों के प्रति सम्मान और श्रद्धा की परंपरा को आगे बढ़ाया गया।
विज्ञापन