{"_id":"6a5b662b1386b6f36f08414d","slug":"bail-plea-of-rejected-rohtak-news-c-17-roh1020-890162-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: बहन की हत्या करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: बहन की हत्या करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
Sun, 19 Jul 2026 05:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 19 Jul 2026 05:09 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। इंदिरा कॉलोनी में 24 फरवरी 2025 को अपनी बहन रितु की हत्या करने के आरोपी योगेश की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार दुग्गल की अदालत ने कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार योगेश ने बहन की हत्या करने के बाद खुद ही डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी थी। जांच में आरोपी ने बताया कि उनकी बहन पिछले कई वर्षों से मानसिक रूप से परेशान रहती थी। परिवार के सदस्यों से अक्सर विवाद करती थी।
घटना वाले दिन भी मां से झगड़े के बाद वह घर पहुंचा। जहां बहन से कहासुनी हुई और उसने वारदात को अंजाम दे दिया। मृतका के सिर और चेहरे पर कई गंभीर चोटें मिली थीं तथा वारदात घर के अंदर हुई थी।
विज्ञापन
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि शिकायतकर्ता सहित निजी गवाह अभियोजन के पक्ष में नहीं रहे हैं। आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह फरवरी 2025 से जेल में बंद है इसलिए उसे जमानत दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
रोहतक। इंदिरा कॉलोनी में 24 फरवरी 2025 को अपनी बहन रितु की हत्या करने के आरोपी योगेश की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार दुग्गल की अदालत ने कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार योगेश ने बहन की हत्या करने के बाद खुद ही डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी थी। जांच में आरोपी ने बताया कि उनकी बहन पिछले कई वर्षों से मानसिक रूप से परेशान रहती थी। परिवार के सदस्यों से अक्सर विवाद करती थी।
विज्ञापन
घटना वाले दिन भी मां से झगड़े के बाद वह घर पहुंचा। जहां बहन से कहासुनी हुई और उसने वारदात को अंजाम दे दिया। मृतका के सिर और चेहरे पर कई गंभीर चोटें मिली थीं तथा वारदात घर के अंदर हुई थी।
विज्ञापन
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि शिकायतकर्ता सहित निजी गवाह अभियोजन के पक्ष में नहीं रहे हैं। आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह फरवरी 2025 से जेल में बंद है इसलिए उसे जमानत दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।