‘धर्मराज’ के सिर सजा सुपवा के कुलपति का ताज: अभिनेता गजेंद्र चौहान को तीन साल तक के लिए मिली जिम्मेदारी
कुलाधिपति एवं राज्यपाल भंडारू दत्तात्रेय ने अभिनेता गजेंद्र चौहान को तीन साल तक के लिए सुपवा कुलपति की जिम्मेदारी दी है।
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हरियाणा के रोहतक में पंडित लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) को महाभारत के धर्मराज युधिष्ठिर अभिनेता गजेंद्र चौहान के रूप में नया कुलपति मिल गया है। विवि के कुलाधिपति एवं राज्यपाल भंडारू दत्तात्रेय ने उन्हें तीन साल तक के लिए कुलपति पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
राज्यपाल की ओर से जारी पत्र में विवि के कुलपति का नाम जारी किया गया है। अभिनय की दुनिया खासकर महाभारत से अपनी खास पहचान बनाने वाले गजेंद्र चौहान बतौर कुलपति विवि का कार्यभार संभालेंगे। उन्हें तुरंत प्रभाव से कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है।
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बुधवार को नए कुलपति के अपना कार्यभार ग्रहण करने के लिए विवि परिसर पहुंचने की उम्मीद है। इसे लेकर विवि प्रशासन ने भी तैयारी कर ली है। अब तक एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह इसका अतिरिक्त कार्यभार संभाले हुए थे।
कौन हैं गजेंद्र चौहान
गजेंद्र सिंह चौहान हिंदी फिल्मों के नामी अभिनेता हैं। इनका जन्म 10 अक्तूबर 1956 को दिल्ली में हुआ। इन्हें व्यावसायिक रूप से गजेंद्र चौहान के नाम से जाना जाता है। भारतीय टेलीविजन व फिल्म अभिनेता ऐतिहासिक टेलीविजन शृंखला महाभारत (1988-90) में युधिष्ठिर के पात्र के चित्रण से चर्चा में आए। इसी से इन्हें अलग व नई पहचान मिली। वर्ष 2015 में उन्हें फिल्म व टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। यहां इन्होंने अध्यापक का कार्य भी किया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से रेडियोग्राफी में डिप्लोमा किया। अभिनय के लिए मुंबई गए। यहां उन्होंने रोशन तनेजा के संचालित स्कूल में अभिनय का अध्ययन किया।
वर्ष 2014 में अस्तित्व में आई सुपवा
पंडित लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स 5 अगस्त 2014 को अस्तित्व में आई। इसमें चार सरकारी तकनीकी संस्थानों, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स (एसआईएफए), स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एसआईएफए), स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (एसआईएफटी) व स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसआईयूपीए) को एकीकृत किया गया है। विश्वविद्यालय की परिकल्पना उच्च शिक्षा के उभरते क्षेत्रों में अध्ययन व अनुसंधान को बढ़ावा देने, डिजाइन, ललित कला, फिल्म, टेलीविजन, शहरी नियोजन और वास्तुकला के नए क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने और इन क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए की गई है।
ये कोर्स करा रहा है विवि
वर्तमान में सुपवा में चार संकाय हैं। इनमें 14 स्नातक डिग्री स्तर के कार्यक्रम शामिल हैं। ललित कला संकाय में चार, डिजाइन संकाय में चार, फिल्म और टेलीविजन संकाय में पांच व शहरी नियोजन और वास्तुकला संकाय में वास्तुकला कार्यक्रम में स्नातक के अलावा, सत्र 2019-2020 से प्रत्येक संकाय में चार स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। ये नए पाठ्यक्रम मास्टर इन फैशन डिजाइन, मास्टर ऑफ एप्लाइड आर्ट्स, मास्टर इन मास कम्युनिकेशन (मीडिया प्रोडक्शन) और मास्टर ऑफ प्लानिंग (शहरी और क्षेत्रीय) से जुड़े हैं।