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बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतें निपाटएंगे ठेकेदार, लोस कम होने से मिलेगी ज्यादा बिजली सप्लाई
Updated Thu, 17 May 2018 03:32 AM IST
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उपभोक्ताओं की शिकायतें निपटाएंगे ठेकेदार, लॉस कम होने से ज्यादा मिलेगी बिजली
- फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत कॉन्ट्रैक्टर को अपने फीडर देगा बिजली निगम, लॉस कम करने पर रेवेन्यू होगा शेयर
विकास सैनी
रोहतक।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब उनकी शिकायतें फीडर स्तर पर ही सुलझाई जाएंगी। यह काम ठेकेदार करेगा। निगम ने अपना लॉस कम करने व उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत फीडर प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर को दिए जाएंगे। लॉस कम होने पर उपभोक्ताओं को ज्यादा बिजली मिलेगी।
निगम के फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत फीडर कॉन्ट्रैक्टरों को दिए जाएंगे। कॉन्ट्रैक्टर ही अपने फीडर के उपभोक्ताओं की शिकायतें लेगा व उनका निदान करेगा। इसके बदले निगम कॉन्ट्रैक्टर को हर महीने एक गांव के लिए 30 हजार रुपये देगा। निगम लॉस कम करने पर कॉन्ट्रैक्टर से रेवेन्यू शेयर भी करेगा। यह कम किए गए लॉस के प्रतिशत के हिसाब से सालान रहेगा।
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद बनाया मॉडल
यह पायलट प्रोजेक्ट नारनौल में चलाया गया था। इसके तहत चार फीडर कॉन्ट्रैक्टर पर दिए गए। इनका परिणाम सकारात्मक आने पर अब रोहतक में इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में प्रोजेक्ट तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है।
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क्यों पड़ी फ्रेंचाइजी मॉडल की जरूरत
निगम ने अपना लॉस कम करने के लिए म्हारा गांव जगमग गांव योजना लागू की थी। इसके तहत रोहतक में बेहतर परिणाम नहीं आए। उपभोक्ता न तो बिजली चोरी से बाज आ रहे हैं और न ही मीटर घर के बाहर लगवाने को तैयार हैं। ऐसे में निगम ने अपना लॉस कम करने के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने की योजना बनाई है।
निगम में फिलहाल 34.8 प्रतिशत लॉस है। यह प्रतिशत टेक्निकल व कॉमर्शियल सप्लाई का है। निगम लॉस कम करने के लिए म्हारा गांव जगमग गांव योजना ला चुका है। इसके बेहतर परिणाम नहीं आने के चलते अब फ्रेंचाइजी मॉडल लाया जा रहा है। इसके तहत फीडर कॉन्ट्रैक्टर को दिए जाएंगे।
एसके बंसल, एसई, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम।
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- फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत कॉन्ट्रैक्टर को अपने फीडर देगा बिजली निगम, लॉस कम करने पर रेवेन्यू होगा शेयर
विकास सैनी
रोहतक।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब उनकी शिकायतें फीडर स्तर पर ही सुलझाई जाएंगी। यह काम ठेकेदार करेगा। निगम ने अपना लॉस कम करने व उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत फीडर प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर को दिए जाएंगे। लॉस कम होने पर उपभोक्ताओं को ज्यादा बिजली मिलेगी।
निगम के फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत फीडर कॉन्ट्रैक्टरों को दिए जाएंगे। कॉन्ट्रैक्टर ही अपने फीडर के उपभोक्ताओं की शिकायतें लेगा व उनका निदान करेगा। इसके बदले निगम कॉन्ट्रैक्टर को हर महीने एक गांव के लिए 30 हजार रुपये देगा। निगम लॉस कम करने पर कॉन्ट्रैक्टर से रेवेन्यू शेयर भी करेगा। यह कम किए गए लॉस के प्रतिशत के हिसाब से सालान रहेगा।
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पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद बनाया मॉडल
यह पायलट प्रोजेक्ट नारनौल में चलाया गया था। इसके तहत चार फीडर कॉन्ट्रैक्टर पर दिए गए। इनका परिणाम सकारात्मक आने पर अब रोहतक में इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में प्रोजेक्ट तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है।
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क्यों पड़ी फ्रेंचाइजी मॉडल की जरूरत
निगम ने अपना लॉस कम करने के लिए म्हारा गांव जगमग गांव योजना लागू की थी। इसके तहत रोहतक में बेहतर परिणाम नहीं आए। उपभोक्ता न तो बिजली चोरी से बाज आ रहे हैं और न ही मीटर घर के बाहर लगवाने को तैयार हैं। ऐसे में निगम ने अपना लॉस कम करने के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने की योजना बनाई है।
निगम में फिलहाल 34.8 प्रतिशत लॉस है। यह प्रतिशत टेक्निकल व कॉमर्शियल सप्लाई का है। निगम लॉस कम करने के लिए म्हारा गांव जगमग गांव योजना ला चुका है। इसके बेहतर परिणाम नहीं आने के चलते अब फ्रेंचाइजी मॉडल लाया जा रहा है। इसके तहत फीडर कॉन्ट्रैक्टर को दिए जाएंगे।
एसके बंसल, एसई, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम।