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Rohtak News: एमडीयू अधिकारियों के लेटर वार में दबीं 400 फाइलें, एमडीयू में रजिस्ट्रार से लिया एकेडमिक कार्य एक प्रोफेसर को सौंपा

Sat, 25 Oct 2025 01:50 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Oct 2025 01:50 AM IST
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400 files buried in letter war between MDU officials
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। एमडीयू के अधिकारियों के बीच पिछले कुछ समय से लेटर वार चल रहा है। कुलपति व कुलसचिव के बीच चल रहे इस लेटर वार में कर्मचारियों की करीब 400 से ज्यादा फाइलें दबकर रह गई हैं। कुलपति की ओर से प्लीज स्पीक लिखी फाइलें उनसे चर्चा के बाद ही आगे बढ़ पाएंगी। इनमें तीन माह के बाद साल भर पुरानी फाइलें भी शामिल हैं। ये फाइलें कब खुलेंगी, यह कोई नहीं जानता है।
एमडीयू में पिछले कुछ दिनों से चल रहा लेट वार अब कैंपस में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके तहत कुलपति ने शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कुलसचिव के अवकाश पर जाने की स्थिति में प्रो. बी नरसिम्हन को कुलसचिव की जिम्मेदारी निभाने का पत्र जारी कर दिया। वीरवार को जारी पत्र में दो विभागों का विलय करने की बात कही गई है। यही नहीं, अब कुलसचिव से शैक्षणिक कार्यभार भी ले लिया गया है। इस पत्र में एक प्रोफेसर को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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अटकी हैं छोटे-छोटे काम की फाइलें
अधिकारी अपने ही कर्मचारियों की फाइलें रोक रहे हैं। प्लीज स्पीक लिखी फाइलों का ढेर लगा है। कर्मचारियों के छोटे-छोटे कामों की फाइलें अटकी हुई हैं। यह जांच का विषय है।
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- अनिल मल्होत्रा, प्रधान, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ

छीना जा रहा है कुलसचिव से काम
विवि में अधिकारियों के बीच पत्र व्यवहार चलता रहा है। पहली बार यह लड़ाई की तरह नजर आ रहा है। फाइलें रोकी जा रही हैं। कुलसचिव से उनका काम छीना जा रहा है। उनसे शैक्षणिक कार्य भी ले लिया गया है। यह गलत है।

- डॉ. विकास सिवाच, अध्यक्ष, एचफुक्टो

वर्जन
एमडीयू में प्रशासनिक कार्यों की सुगमता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के लिए कुलपति ने विश्वविद्यालय के कार्यों को निर्बाध रूप से संचालित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। निर्णय लिया है कि रजिस्ट्रार के अवकाश पर रहने या किसी कारणवश अनुपस्थित होने की स्थिति में उनके कर्तव्यों का निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। यह प्रक्रिया सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में भी प्रचलित है। रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत ने भी बैठक की। इसमें कार्यकुशलता और अनुशासन बढ़ाने पर जोर दिया गया। - प्रो. आशीष दहिया, निदेशक जनसंपर्क एवं प्रवक्ता, एमडीयू
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