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Rohtak News: दिवाली पर पटाखों से 40 झुलसे, चार की हालत गंभीर

Tue, 14 Nov 2023 02:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 14 Nov 2023 02:21 AM IST
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40 burnt due to firecrackers on Diwali, condition of four critical
रोहतक।
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दिवाली पर आतिशबाजी करते समय करीब 40 लोग झुलस गए। रोहतक व आसपास के जिलों से पीजीआईएमएस में लाए गए इन घायलों में 30 को देर रात ही इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। इनमें से 10 को गंभीर हालत के चलते भर्ती कर लिया गया। इनमें से चार की हालत नाजुक बताई गई है। इनके सोमवार को ऑपरेशन कर आंखों की रोशनी बचाने का प्रयास किया गया।
दिवाली की रात ट्रामा सेंटर में 40 मरीज पटाखों से झुलस कर आए। इनमें से 30 को देर रात ही इलाज के बाद घर भेज दिया गया। पीजीआईएमएम के नेत्र रोग विभाग में दिवाली की रात पटाखों से झुलसे 10 मरीजों को इलाज दिया गया। इनमें से एक बच्चा है। इन चारों की हालत नाजुक है। चिकित्सकों की टीम ने एक मरीज की आंख की सफाई कर उसकी रोशनी बचाने का प्रयास किया। जबकि तीन मरीजों के कॉर्निया को रिपेयर करना पड़ा। इन मरीजों की आंखों की रोशन जाने की आशंका है। पटाखे से निकली चिंगारी आंख में लगने से यह स्थिति बनी। चिकित्सक इलाज में हर संभव प्रयास कर रहे हैं। गंभीर रूप से घायलों में बच्चे के अलावा विजेंद्र, सचिन व मोहित शामिल है। मोहित पानीपत का निवासी है। इसकी उम्र 28 वर्ष है।
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रविवार शाम को पटाखे चलाते समय चिंगारियां उसकी आंखों में चली गई। इसके चलते उसे पानीपत के अस्पताल ले गए। यहां से उसे पीजीआईएमएस रेफर कर दिया गया। सोमवार सुबह उसका ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद घायल की आंख की रोशनी लौटना मुश्किल बताया जा रहा है।
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मोहित, पानीपत।

पटाखों से झुलसे पीड़ितों में 10 नवंबर को झज्जर निवासी विजेंद्र पहला मरीज रहा। शुक्रवार को भाई विजेंद्र पटाखे चला रहा था। लापरवाही के कारण उसका चेहरा व शरीर का ऊपरी हिस्सा आग में झुलस गया। इसका इलाज चल रहा है। हालत गंभीर बनी हुई है।

श्रीभगवान, झज्जर।

दिवाली की रात ट्रामा सेंटर में 40 मरीज आए। पटाखों से झुलसे इन घायलों में से 30 को देर रात ही इलाज देकर घर भेज दिया गया। जबकि 10 को भर्ती करना पड़ा। इनमें से चार मरीज गंभीर हैं। इनका ऑपरेशन किया है। इनकी रोशनी लौटने की संभावना कम है। फिर भी हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. आरएस चौहान, अध्यक्ष, क्षेत्रीय नेत्र रोग संस्थान।
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