{"_id":"6ad1218225fe6200940155f8","slug":"the-next-hearing-in-the-ramp-construction-case-will-take-place-on-november-18-rewari-news-c-198-1-rew1001-247246-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: रैंप निर्माण मामले में 18 नवंबर को होगी अगली सुनवाई,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: रैंप निर्माण मामले में 18 नवंबर को होगी अगली सुनवाई,
Fri, 16 Oct 2026 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:24 AM IST
विज्ञापन
भिवाड़ी। सोहना-पलवल हाईवे पर अलवर बाइपास के निकट जलभराव का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया है। हरियाणा सरकार ने अदालत में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि रैंप का निर्माण किस विभाग या एजेंसी ने कराया, इसका कोई प्रमाणिक रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजों में उपलब्ध नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।
भिवाड़ी निवासी हवा सिंह व अन्य की सिविल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 19 अगस्त को सरकार से रैंप के निर्माण के कानूनी आधार और प्राधिकरण के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। इसके जवाब में अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया है।
अदालत द्वारा नियुक्त स्थानीय आयुक्त ने 4 जून को मौके का निरीक्षण किया था। रिपोर्ट के अनुसार, रैंप की ऊंचाई करीब 3.05 फीट, चौड़ाई 13.50 मीटर और लंबाई लगभग 49 मीटर दर्ज की गई थी। निरीक्षण के दौरान भिवाड़ी की तरफ करीब एक फीट पानी जमा मिला था।
विज्ञापन
अलवर बाइपास पर जलभराव के कारण वाहन चालकों को जाम और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों से काला और रसायनयुक्त पानी छोड़े जाने के आरोप भी लगते रहे हैं।
सरकार के अनुसार केवल सड़क किनारे नालियां बनाने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए हरियाणा और राजस्थान की जल निकासी व्यवस्था, पानी के अंतिम निकास और पंपिंग क्षमता को ध्यान में रखते हुए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार करना जरूरी है। अब अगली सुनवाई में मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
भिवाड़ी निवासी हवा सिंह व अन्य की सिविल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 19 अगस्त को सरकार से रैंप के निर्माण के कानूनी आधार और प्राधिकरण के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। इसके जवाब में अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया है।
विज्ञापन
अदालत द्वारा नियुक्त स्थानीय आयुक्त ने 4 जून को मौके का निरीक्षण किया था। रिपोर्ट के अनुसार, रैंप की ऊंचाई करीब 3.05 फीट, चौड़ाई 13.50 मीटर और लंबाई लगभग 49 मीटर दर्ज की गई थी। निरीक्षण के दौरान भिवाड़ी की तरफ करीब एक फीट पानी जमा मिला था।
विज्ञापन
अलवर बाइपास पर जलभराव के कारण वाहन चालकों को जाम और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों से काला और रसायनयुक्त पानी छोड़े जाने के आरोप भी लगते रहे हैं।
सरकार के अनुसार केवल सड़क किनारे नालियां बनाने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए हरियाणा और राजस्थान की जल निकासी व्यवस्था, पानी के अंतिम निकास और पंपिंग क्षमता को ध्यान में रखते हुए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार करना जरूरी है। अब अगली सुनवाई में मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।