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Rewari News: सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं पर खर्च होगी ग्रांट, नवंबर तक करना होगा उपयोग

Tue, 03 Nov 2026 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 03 Nov 2026 12:39 AM IST
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The grant will be spent on basic facilities in government schools; it must be utilized by November.
रेवाड़ी। जिले के सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने बजट जारी किया है। बजट की राशि विद्यालयों में शौचालय, पेयजल और भवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर खर्च की जाएगी। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर स्कूलों को ग्रांट आवंटित की है।
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जारी बजट का उपयोग नवंबर माह तक करना अनिवार्य किया गया है। विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार ग्रांट को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें कुल बजट का 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता संबंधी कार्यों पर खर्च करना होगा।
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वहीं, 20 प्रतिशत राशि टीचर लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) की खरीद और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी सामग्री पर खर्च की जाएगी। इसके अलावा शेष 70 प्रतिशत राशि अन्य आवश्यक कार्यों पर खर्च की जा सकेगी।
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इसमें स्कूलों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग ने विद्यालय प्रभारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार बजट का समय पर उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।

सूचना पट्ट पर लिखा होगा खर्च का ब्योरा
विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर स्कूलों को बजट जारी किया है। इसके तहत एक से 30 विद्यार्थियों वाले स्कूलों को 10 हजार रुपये, 31 से 100 विद्यार्थियों तक 25 हजार रुपये, 101 से 250 विद्यार्थियों तक 50 हजार रुपये, 251 से 1000 विद्यार्थियों तक 75 हजार रुपये और 1000 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। इस राशि से स्कूलों में शौचालयों की सफाई और मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, बिजली-पानी की सुविधाएं, शिक्षण सामग्री, लैब उपकरण और भवन की छोटी-मोटी मरम्मत कराई जा सकेगी। बजट खर्च करने से पहले स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में चर्चा करना अनिवार्य होगा। बैठक में यह तय किया जाएगा कि किस मद में कितनी राशि खर्च की जाएगी। खरीदी गई वस्तुओं की एंट्री समग्र शिक्षा की कैश बुक और स्टॉक रजिस्टर में करनी होगी। साथ ही कराए गए कार्य और खर्च की गई राशि का पूरा ब्योरा स्कूल के सूचना पट पर लिखना अनिवार्य होगा।

छोटी जरूरतों के लिए नहीं लेनी होगी मंजूरी
बजट जारी होने के बाद स्कूलों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए मुख्यालय से मंजूरी लेने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जारी राशि से स्कूल भवन और परिसर की छोटी-मोटी मरम्मत, फर्नीचर, किचन और हाउसहोल्ड उपकरणों की मरम्मत, स्टेशनरी, बिजली-पानी और इंटरनेट के बिलों का भुगतान किया जा सकेगा। इससे स्कूलों को स्थानीय स्तर पर ही जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त कराने में सहूलियत मिलेगी।


वर्जन
छात्र संख्या के आधार पर विभाग की ओर से स्कूलों को बजट जारी किया गया है। इसके साथ ही राशि खर्च करने के लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है। स्कूल इस बजट का उपयोग कर अपनी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर सकेंगे और विद्यार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बना सकेंगे।-राजेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी
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