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Rewari News: श्रीराम ने खाए शबरी के जूठे बेर
Sat, 17 Oct 2026 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 17 Oct 2026 11:26 PM IST
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रावण दरबार के दृश्य का मंचन करते कलाकार। स्त्रोत: आयोजक
रेवाड़ी। श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला के मंच पर शुक्रवार की रात सीता हरण से लेकर बाली वध तक की लीला का मंचन किया गया। शबरी के बेर खाने का दृश्य देख दर्शक भक्तिमग्न हो गए। कलाकारों ने गंदगी रूपी रावण का दहन करने की अपील की।
रामलीला में दिखाया गया कि नाक कटने के बाद शूर्पणखा रावण के दरबार में पहुंचती है। यह देख रावण क्रोधित हो जाता है और मामा मारीच के साथ मिलकर सीता हरण का षड्यंत्र रचता है। मारीच स्वर्ण हिरण का रूप धारण करता है। इसके बाद रावण सीता का हरण कर लेता है।
सीता की तलाश में वन-वन भटक रहे भगवान राम और लक्ष्मण की मुलाकात घायल जटायु से होती है। जटायु उन्हें सीता हरण की जानकारी देकर प्राण त्याग देते हैं।
श्रीराम शबरी के आश्रम पहुंचते हैं, जहां शबरी वर्षों के इंतजार के बाद भगवान राम को अपने झूठे बेर खिलाती हैं। आगे हनुमान जी की मुलाकात राम से होती है और वह उन्हें सुग्रीव से मिलवाते हैं। सुग्रीव अपने भाई बाली से परेशान होते हैं।
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राम सुग्रीव की सहायता करने का वचन देते हैं, जबकि सुग्रीव सीता की खोज में सहयोग करने की शपथ लेते हैं। इसके बाद राम द्वारा बाली वध की लीला का मंचन किया गया। सचिव याद के. सुगंध ने बताया कि संदीप यादव ने रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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रामलीला में दिखाया गया कि नाक कटने के बाद शूर्पणखा रावण के दरबार में पहुंचती है। यह देख रावण क्रोधित हो जाता है और मामा मारीच के साथ मिलकर सीता हरण का षड्यंत्र रचता है। मारीच स्वर्ण हिरण का रूप धारण करता है। इसके बाद रावण सीता का हरण कर लेता है।
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सीता की तलाश में वन-वन भटक रहे भगवान राम और लक्ष्मण की मुलाकात घायल जटायु से होती है। जटायु उन्हें सीता हरण की जानकारी देकर प्राण त्याग देते हैं।
श्रीराम शबरी के आश्रम पहुंचते हैं, जहां शबरी वर्षों के इंतजार के बाद भगवान राम को अपने झूठे बेर खिलाती हैं। आगे हनुमान जी की मुलाकात राम से होती है और वह उन्हें सुग्रीव से मिलवाते हैं। सुग्रीव अपने भाई बाली से परेशान होते हैं।
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राम सुग्रीव की सहायता करने का वचन देते हैं, जबकि सुग्रीव सीता की खोज में सहयोग करने की शपथ लेते हैं। इसके बाद राम द्वारा बाली वध की लीला का मंचन किया गया। सचिव याद के. सुगंध ने बताया कि संदीप यादव ने रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।