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Rewari News: खरखड़ा में खुले में कचरा डालने पर बीडीपीओ पर 25 हजार का जुर्माना
Fri, 16 Oct 2026 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:34 AM IST
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धारूहेड़ा। गांव खरखड़ा में खुले में कचरा डालने और एचएसवीपी की ग्रीन बेल्ट में गंदा पानी छोड़ने के मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बीडीपीओ धारूहेड़ा पर 25 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया है। बोर्ड ने सात दिन के भीतर राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, ग्राम पंचायत के सरपंच को ग्रीन बेल्ट में गंदा पानी छोड़ने पर तत्काल रोक लगाने को कहा गया है।
बोर्ड के फील्ड ऑफिसर ने 7 अक्तूबर को मौके का निरीक्षण किया था। इस दौरान खुले में ठोस कचरा फेंके जाने और गांव का बरसाती व गंदा पानी एचएसवीपी की ग्रीन बेल्ट में छोड़े जाने के साक्ष्य मिले। इसके बाद बोर्ड की ओर से कार्रवाई की गई।
बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रेवाड़ी की ओर से जारी आदेश में बीडीपीओ धारूहेड़ा को सात दिन के भीतर 25 हजार रुपये पर्यावरण मुआवजे के रूप में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 और एनजीटी के निर्देशों का हवाला देते हुए कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है। नियमों की पालना नहीं होने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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खरखड़ा में कचरा प्रबंधन को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
खुले में कचरा डालने और कचरा प्रबंधन से जुड़ा मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ में विचाराधीन है। अगली सुनवाई 2 दिसंबर को निर्धारित है।
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बोर्ड के फील्ड ऑफिसर ने 7 अक्तूबर को मौके का निरीक्षण किया था। इस दौरान खुले में ठोस कचरा फेंके जाने और गांव का बरसाती व गंदा पानी एचएसवीपी की ग्रीन बेल्ट में छोड़े जाने के साक्ष्य मिले। इसके बाद बोर्ड की ओर से कार्रवाई की गई।
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बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रेवाड़ी की ओर से जारी आदेश में बीडीपीओ धारूहेड़ा को सात दिन के भीतर 25 हजार रुपये पर्यावरण मुआवजे के रूप में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 और एनजीटी के निर्देशों का हवाला देते हुए कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है। नियमों की पालना नहीं होने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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खरखड़ा में कचरा प्रबंधन को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
खुले में कचरा डालने और कचरा प्रबंधन से जुड़ा मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ में विचाराधीन है। अगली सुनवाई 2 दिसंबर को निर्धारित है।