{"_id":"6ac5506a606425e5bb03422d","slug":"research-papers-presented-at-the-international-conference-held-in-bhutan-rewari-news-c-198-1-rew1001-246697-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: भूटान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किए शोध पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: भूटान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किए शोध पत्र
Wed, 07 Oct 2026 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
भूटान में शोध पत्र प्रस्तुत करते शोधार्थी। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर के वाणिज्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप पुरवा, शोध छात्रा सुप्रिया और होटल एवं पर्यटन प्रबंधन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार ने भूटान के पारो में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन का विषय हार्मोनाइजिंग नेचर, इकोनॉमी एंड सोसाइटी पाथवेज फॉर इनक्लूसिव एंड रेजिलिएंट डेवलपमेंट रहा।
डॉ. संदीप पुरवा और शोध छात्रा सुप्रिया ने पर्यावरणीय, सामाजिक एवं सुशासन रिपोर्टिंग भारतीय परिदृश्य में एक दृष्टिकोण विषय पर शोध प्रस्तुत किया। अध्ययन में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की शीर्ष 30 कंपनियों और 13 औद्योगिक क्षेत्रों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
शोध में सेबी के बिजनेस रिस्पांसिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग ढांचे के तहत शीर्ष भारतीय कंपनियों में शत-प्रतिशत अनुपालन पाया गया। शोध में रिपोर्टिंग व्यवस्था को बड़ी व मध्यम गैर-सूचीबद्ध कंपनियों तक बढ़ाने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन देने की सिफारिश की गई।
विज्ञापन
वहीं डॉ. पवन कुमार ने अतिथि देवो भव की भारतीय परंपरा और सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता के दर्शन को टिकाऊ आतिथ्य प्रबंधन से जोड़ते हुए शोध प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक मूल्यों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक कल्याण और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी, कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह, डीन प्रो. अदिति शर्मा और विभागाध्यक्ष प्रो. रवींद्र ने शोधकर्ताओं को बधाई दी।
विज्ञापन
डॉ. संदीप पुरवा और शोध छात्रा सुप्रिया ने पर्यावरणीय, सामाजिक एवं सुशासन रिपोर्टिंग भारतीय परिदृश्य में एक दृष्टिकोण विषय पर शोध प्रस्तुत किया। अध्ययन में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की शीर्ष 30 कंपनियों और 13 औद्योगिक क्षेत्रों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
विज्ञापन
शोध में सेबी के बिजनेस रिस्पांसिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग ढांचे के तहत शीर्ष भारतीय कंपनियों में शत-प्रतिशत अनुपालन पाया गया। शोध में रिपोर्टिंग व्यवस्था को बड़ी व मध्यम गैर-सूचीबद्ध कंपनियों तक बढ़ाने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन देने की सिफारिश की गई।
विज्ञापन
वहीं डॉ. पवन कुमार ने अतिथि देवो भव की भारतीय परंपरा और सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता के दर्शन को टिकाऊ आतिथ्य प्रबंधन से जोड़ते हुए शोध प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक मूल्यों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक कल्याण और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी, कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह, डीन प्रो. अदिति शर्मा और विभागाध्यक्ष प्रो. रवींद्र ने शोधकर्ताओं को बधाई दी।