{"_id":"6ad131094c3dd27be706f527","slug":"protest-enters-20th-day-over-procurement-of-pearl-millet-bajra-at-msp-rewari-news-c-198-1-rew1001-247231-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: एमएसपी पर बाजरे की खरीद को लेकर 20वें दिन भी धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: एमएसपी पर बाजरे की खरीद को लेकर 20वें दिन भी धरना
Fri, 16 Oct 2026 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:31 AM IST
विज्ञापन
कोसली अनाज मंडी का दौरा करते किसान। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। बाजरे की सरकारी खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर जय किसान आंदोलन का अनिश्चितकालीन धरना 20वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता अभय सिंह फिदेड़ी ने की, जबकि नेतृत्व जिला अध्यक्ष पृथ्वी सिंह ने किया।
आंदोलनकारियों ने रेवाड़ी और कोसली अनाज मंडियों का दौरा कर बाजरे की बिक्री व्यवस्था का जायजा लिया और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानियां। कार्यकर्ताओं के अनुसार, मंडियों में बाजरा लगभग 2300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा है।
भावांतर योजना के तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल का अंतर मिलने पर किसानों को कुल 2900 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से राशि मिल सकती है।
आंदोलन के नेता चौधरी सतपाल मिलकपुर ने कहा कि एक अक्तूबर से बाजरा बेच चुके किसानों को अभी तक जे-फॉर्म नहीं मिला है। दुकानदारों के अनुसार, जे-फॉर्म का पोर्टल नहीं खुला है। उन्होंने प्रशासन से पोर्टल जल्द शुरू करवाने की मांग की, ताकि किसान फसल का विवरण दर्ज कराकर भावांतर योजना का लाभ ले सकें।
विज्ञापन
रेवाड़ी विधानसभा अध्यक्ष बाबूलाल ने कहा कि किसानों को बाजरे का उचित मूल्य दिलाने के लिए संगठन लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
विज्ञापन
आंदोलनकारियों ने रेवाड़ी और कोसली अनाज मंडियों का दौरा कर बाजरे की बिक्री व्यवस्था का जायजा लिया और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानियां। कार्यकर्ताओं के अनुसार, मंडियों में बाजरा लगभग 2300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा है।
विज्ञापन
भावांतर योजना के तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल का अंतर मिलने पर किसानों को कुल 2900 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से राशि मिल सकती है।
आंदोलन के नेता चौधरी सतपाल मिलकपुर ने कहा कि एक अक्तूबर से बाजरा बेच चुके किसानों को अभी तक जे-फॉर्म नहीं मिला है। दुकानदारों के अनुसार, जे-फॉर्म का पोर्टल नहीं खुला है। उन्होंने प्रशासन से पोर्टल जल्द शुरू करवाने की मांग की, ताकि किसान फसल का विवरण दर्ज कराकर भावांतर योजना का लाभ ले सकें।
विज्ञापन
रेवाड़ी विधानसभा अध्यक्ष बाबूलाल ने कहा कि किसानों को बाजरे का उचित मूल्य दिलाने के लिए संगठन लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।