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Rewari News: आबादी बढ़ी पर पानी की कमी से अभी भी जूझ रहा शहर
Fri, 22 Mar 2024 02:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 22 Mar 2024 02:20 AM IST
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रेवाड़ी। दिल्ली रोड स्थित सूखी पड़ी जवाहर लाल नेहरू नहर। संवाद
रेवाड़ी। शहर की आबादी हर साल बढ़ती जा रही है, लेकिन पानी की उचित व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है। दरअसल पौने 3 लाख आबादी को 16 दिनों से एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा है। गर्मी के दस्तक देने के साथ शहर में 20 एमएलडी से बढ़कर रोजाना 25 एमएलडी (मिलियन लाख लीटर) पानी की मांग बढ़ गई है। इसे पूरा करने के लिए विभाग ने अभी तक पेयजल आपूर्ति के समय में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। पानीपत स्थित खूबडू से रेवाड़ी तक जवाहरलाल नेहरू कैनाल के माध्यम से पानी पहुंचता है। इस दौरान नहरी पानी को 18 बार लिफ्ट करना पड़ता है। रेवाड़ी में नहरी पानी की मात्रा करीब 770 क्यूसेक निर्धारित की गई है, लेकिन जिले को महज 510 क्यूसेक पानी ही मिल पाता है। वहीं दूसरी ओर नहरी पानी रेवाड़ी में महज 15 दिन ही चल पाता है। बता दें कि शहर के 31 वार्डों की कॉलोनियों में पब्लिक हेल्थ विभाग रोजाना सुबह और शाम को एक दिन छोड़कर एक दिन करीब एक घंटे तक पानी की आपूर्ति दे रहा है। जबकि गर्मी के दस्तक देने के साथ ही पानी की मांग भी बढ़ चुकी है। नहरों में पानी 31 मार्च के बाद ही आएगा।
शहर में नहरी पानी पर पेयजल सप्लाई आधारित है। नहर के पानी को कालका और लिसाना में बने वाटर टैंक में स्टोरेज किया जाता है। वहां से बूस्टिंग स्टेशन के माध्यम से शहर में पानी की सप्लाई होती है। पिछली बार मानसून में लोगों को पानी की समस्या से राहत मिली थी। इसके बाद सर्दी में भी पानी का संकट गहरा गया था। नहर में पानी आने तक पूरे शहर में पानी की नियमित आपूर्ति रख पाने में भी पब्लिक हेल्थ अधिकारियों के पसीने छूटेंगे। प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग भी शहरवासियों पर त्योहारी सीजन के दौरान पानी की बर्बादी नहीं कर जल बचाने का संदेश देने में जुटा है।
इंसेट
20 हजार कैंपर की रोजाना होती है आपूर्ति
शहर की आबादी करीब 3 लाख तक पहुंच चुकी है। पीने के पानी के लिए उचित व्यवस्था न होने की वजह से लोगों को रोजाना जेब ढीली करनी पड़ती है। दरअसल शहर में लोग कैंपर का पानी इस्तेमाल करते हैं। शहर में करीब 35 कैंपर विक्रेता हैं। प्रत्येक विक्रेता 500 से 600 लोगों को कैंपर उपलब्ध करवाते हैं। शहर में करीब 20 हजार कैंपर की रोजाना आपूर्ति होती है। यदि नहर का पानी ठीक होता तो लोग इसे पीने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते थे।
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वर्जन
जवाहर लाल नेहरू नहर में 31 मार्च के बाद पानी आएगा। शहर में राशनिंग सिस्टम है। इस वजह से यह व्यवस्था बनाई गई है।-- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी
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शहर में नहरी पानी पर पेयजल सप्लाई आधारित है। नहर के पानी को कालका और लिसाना में बने वाटर टैंक में स्टोरेज किया जाता है। वहां से बूस्टिंग स्टेशन के माध्यम से शहर में पानी की सप्लाई होती है। पिछली बार मानसून में लोगों को पानी की समस्या से राहत मिली थी। इसके बाद सर्दी में भी पानी का संकट गहरा गया था। नहर में पानी आने तक पूरे शहर में पानी की नियमित आपूर्ति रख पाने में भी पब्लिक हेल्थ अधिकारियों के पसीने छूटेंगे। प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग भी शहरवासियों पर त्योहारी सीजन के दौरान पानी की बर्बादी नहीं कर जल बचाने का संदेश देने में जुटा है।
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इंसेट
20 हजार कैंपर की रोजाना होती है आपूर्ति
शहर की आबादी करीब 3 लाख तक पहुंच चुकी है। पीने के पानी के लिए उचित व्यवस्था न होने की वजह से लोगों को रोजाना जेब ढीली करनी पड़ती है। दरअसल शहर में लोग कैंपर का पानी इस्तेमाल करते हैं। शहर में करीब 35 कैंपर विक्रेता हैं। प्रत्येक विक्रेता 500 से 600 लोगों को कैंपर उपलब्ध करवाते हैं। शहर में करीब 20 हजार कैंपर की रोजाना आपूर्ति होती है। यदि नहर का पानी ठीक होता तो लोग इसे पीने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते थे।
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जवाहर लाल नेहरू नहर में 31 मार्च के बाद पानी आएगा। शहर में राशनिंग सिस्टम है। इस वजह से यह व्यवस्था बनाई गई है।