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Rewari News: हनुमान ने लंका में लगाई आग
Sat, 17 Oct 2026 11:25 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 17 Oct 2026 11:25 PM IST
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हनुमानजी को बंदी बनाकर रावण के दरबार में लाते मेघनाद व सैनिक। स्त्रोत: आयोजक
रेवाड़ी। रेलवे कॉलोनी स्थित श्रीराम मंदिर रेलवे ड्राॅमेटिक क्लब की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव के आठवें दिन सीता की खोज, हनुमान की ओर से लंका जलाने के प्रसंग का मंचन किया गया।
रामलीला में दिखाया कि माता सीता की खोज में सुग्रीव वानर सेना को चारों दिशाओं में भेजते हैं। इसी दौरान हनुमान, जामवंत, अंगद और नल-नील समुद्र तट पर पहुंचते हैं, जहां उनकी मुलाकात संपाती से होती है। संपाती उन्हें माता सीता के लंका में होने की जानकारी देते हैं।
समुद्र पार करने की चुनौती सामने आने पर जामवंत हनुमान को उनकी शक्ति का स्मरण कराते हैं। इसके बाद हनुमान समुद्र लांघकर लंका पहुंचते हैं। उनको विभीषण माता सीता के अशोक वाटिका में होने की जानकारी देते हैं।
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हनुमान अशोक वाटिका पहुंचकर माता सीता को भगवान श्रीराम की अंगूठी देते हैं और स्वयं को प्रभु का सेवक बताते हैं। हनुमान अशोक वाटिका में फल खाते हैं और वाटिका को उजाड़ देते हैं।
पकड़े जाने पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई जाती है। इसके बाद हनुमान पूरी लंका को जला देते हैं। लंका से लौटने से पहले हनुमान माता सीता से मिलकर उन्हें प्रभु श्रीराम का संदेश देते हैं।
सीता उन्हें अपनी चूड़ामणि सौंपते हुए कहती हैं कि प्रभु श्रीराम आने में अधिक विलंब न करें। इसके बाद हनुमान लौटकर भगवान श्रीराम को पूरा घटनाक्रम बताते हैं और माता सीता की चूड़ामणि उन्हें सौंपते हैं। रामलीला में राम की भूमिका दिवेश शर्मा, लक्ष्मण की मोहित यादव, सीता की सागर, सुग्रीव की भगत, जामवंत की मुकेश भारद्वाज, लंकिनी की सतीश, हनुमान की उमेश शर्मा, अंगद की महेश कौशिक, रावण की मुकेश भारद्वाज, मंदोदरी की संजय सोनी, मेघनाद की बृजेश शर्मा, विभीषण की राजेश शर्मा, अक्षय कुमार की रोहित, नल की लक्ष्य कौशिक, नील की प्रियांशु सोनी और संपाती की नरेंद्र गोयल ने भूमिका निभाई।
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रामलीला में दिखाया कि माता सीता की खोज में सुग्रीव वानर सेना को चारों दिशाओं में भेजते हैं। इसी दौरान हनुमान, जामवंत, अंगद और नल-नील समुद्र तट पर पहुंचते हैं, जहां उनकी मुलाकात संपाती से होती है। संपाती उन्हें माता सीता के लंका में होने की जानकारी देते हैं।
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समुद्र पार करने की चुनौती सामने आने पर जामवंत हनुमान को उनकी शक्ति का स्मरण कराते हैं। इसके बाद हनुमान समुद्र लांघकर लंका पहुंचते हैं। उनको विभीषण माता सीता के अशोक वाटिका में होने की जानकारी देते हैं।
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हनुमान अशोक वाटिका पहुंचकर माता सीता को भगवान श्रीराम की अंगूठी देते हैं और स्वयं को प्रभु का सेवक बताते हैं। हनुमान अशोक वाटिका में फल खाते हैं और वाटिका को उजाड़ देते हैं।
पकड़े जाने पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई जाती है। इसके बाद हनुमान पूरी लंका को जला देते हैं। लंका से लौटने से पहले हनुमान माता सीता से मिलकर उन्हें प्रभु श्रीराम का संदेश देते हैं।
सीता उन्हें अपनी चूड़ामणि सौंपते हुए कहती हैं कि प्रभु श्रीराम आने में अधिक विलंब न करें। इसके बाद हनुमान लौटकर भगवान श्रीराम को पूरा घटनाक्रम बताते हैं और माता सीता की चूड़ामणि उन्हें सौंपते हैं। रामलीला में राम की भूमिका दिवेश शर्मा, लक्ष्मण की मोहित यादव, सीता की सागर, सुग्रीव की भगत, जामवंत की मुकेश भारद्वाज, लंकिनी की सतीश, हनुमान की उमेश शर्मा, अंगद की महेश कौशिक, रावण की मुकेश भारद्वाज, मंदोदरी की संजय सोनी, मेघनाद की बृजेश शर्मा, विभीषण की राजेश शर्मा, अक्षय कुमार की रोहित, नल की लक्ष्य कौशिक, नील की प्रियांशु सोनी और संपाती की नरेंद्र गोयल ने भूमिका निभाई।