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जमीन का मुआवजा नहीं मिला तो 18 गांव के किसान करेंगे चुनाव बहिष्कार

Fri, 20 Sep 2019 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2019 12:57 AM IST
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farmers will boycott election
मुआवजे की मांग को लेकर नेहरू पार्क में बैठक करते किसान। - फोटो : Rewari
क्षेत्र के 1274 किसानों की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 71 पर स्थित गांव बांबड से नारनौल रोड को जोड़ने वाले बाईपास के लिए अधिग्रहण करने के 9 माह बाद भी मुआवजा नहीं दिया गया है। इससे क्षुब्ध 18 गांव के किसानों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। साथ ही वीरवार को गांव देवलावास में महापंचायत होगी। जिसमें आगे के आंदोलन के लिए रणनीति बनाई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, गांवों में वोट मांगने आने वाले नेताओं के गांव में घुसने पर भी रोक लगाए जाने पर फैसला लिया जा सकता है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी की ओर से 12 दिसंबर 2018 को अंतिम अवार्ड की घोषणा कर दी गई थी। अथॉरिटी की ओर से गांव बांबड़, मांढैय कला, कालाका, माजरा गुरदास, बैरियावास, शहबाजपुर खालसा, डवाना, छुरियावास, धामलाका, देवलावास, कमालपुर, भवाड़ी, भाड़ावास, जाटूवास, डालियाकी, हुुसैनपुर, नारायणपुर व साहरणवास के 1274 किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर इंतकाल भी अथॉरिटी के नाम हो गया था। अर्थात जमीन का मालिकान हक अब एनएचआई के नाम पर है। इन किसानों को मुआवजे के रुप में 580 करोड़ रुपये एक सप्ताह में दिये जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक एक रुपया भी नहीं मिला।
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सांसद, मंत्री विधायकों तक मिलने के बाद भी समाधान नहीं
किसान सुरेश यादव, दीपक, सतबीर सिंह, राजपाल, गोविंद शर्मा व अन्य किसानों ने बताया कि वे सीएम, सांसद, मंत्री व विधायकों के सामने अपनी बात रख चुके हैं। आश्वासन के अलावा आज तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। वीरवार को महापंचायत में बड़ा फैसला लिया जाएगा। यदि चुनाव से पहले किसानों का मुआवजा नहीं दिया गया तो किसान चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
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किसान क्रेडिट कार्ड तक नहीं बनवा पा रहे किसान
अपनी ही जमीन से मालिकाना हक गंवा चुका किसानों का कहना है कि जरुरतों के लिए किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की जरुरत होती है। जमीन को हाईवे अथॉरिटी अपने नाम ले चुकी है। ऐसे में बैंक उनको लोन तक नहीं दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर में जमीन जाने पर एक सप्ताह के अंदर पैसा मिल गया था, लेकिन यहां पर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
नौ माह का 103 करोड़ रुपये ब्याज
किसानों का कहना है कि 12 फीसदी ब्याज के हिसाब से 508 करोड़ रुपये का करीब 103 रुपये ब्याज बनता है। ऐसे मेें किसानों की मांग है कि उनकी मुआवजे की राशि ब्याज के साथ दी जाए, अन्यथा किसान अपनी जमीन अथॉरिटी को नहीं देंगे। बता दें कि बांबड से लेकर नारनौल रोड तक करीब 11.8 किमी. लंबा व 62 मीटर चौड़ा बाईपास बनाया जाना है। इस बाईपास से तीन हाईवे को जोड़ा जाएगा। रेवाड़ी से झुंझुनू तक निर्माणाधीन एनएच-11 पर कार्य चल रहा है। बाकी सभी जगह पर किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। लेकिन महज 11 किमी. के हिस्से के किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।

सिफारिश के साथ एनएचएआई को भेजा हुआ है ज्ञापन
जिला राजस्व अधिकारी मानव मलिक ने कहा कि किसानों की ओर से ज्ञापन मिलने के बाद प्रशासन की तरफ से जल्द मुआवजा देने की बात रखते हुए एनएचआई पत्र को भेजा जा चुका है। अभी तक एनएचआई की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
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