{"_id":"68c703df0fe17595a008be08","slug":"dits-employees-expressed-anger-did-not-get-salary-hike-for-last-five-years-rewari-news-c-198-1-rew1001-225679-2025-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: डीआईटीएस कर्मचारियों ने जताया रोष, पिछले पांच से नही मिली वेतन वृद्धि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: डीआईटीएस कर्मचारियों ने जताया रोष, पिछले पांच से नही मिली वेतन वृद्धि
विज्ञापन
फोटो : 7मांगों को लेकर रोष जताते डीआईटीएस कर्मचारी। स्रोत : संघ
रेवाड़ी। हरियाणा कंप्यूटर प्रोफेशनल्स संघ की एक आवश्यक बैठक बड़ा तालाब स्थित गुर्जर धर्मशाला में राज्य प्रधान विजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में उनके साथ दादरी से भंवर सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में वर्तमान जिला इकाई को भंग कर नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से दया शंकर को जिला प्रधान, देवेंद्र शर्मा को कार्यकारी जिला प्रधान, देवेंद्र कुमार को कोषाध्यक्ष, सुभाष चंद्र यादव को जिला सहमंत्री, हरीश आहुजा को सह कोषाध्यक्ष, कपिल शर्मा को सदस्य तथा राहुल भारद्वाज को मीडिया सचिव चुना गया।
बैठक में जिला कमेटी की ओर से उपायुक्त कार्यालय के अधीन डीआईटीएस में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई गई। सदस्यों ने बताया कि डीआईटीएस के अंतर्गत कार्यरत स्टाफ को अभी तक रोजगार सुरक्षा अधिनियम का लाभ नहीं मिला है। इसके अलावा, पिछले 15-20 वर्षों से सेवाएं दे रहे लगभग 18 कर्मचारियों के वेतन में पिछले पांच साल से कोई वृद्धि नहीं हुई है। इस मुद्दे पर कर्मचारियों ने गहरी नाराजगी जताई।
विज्ञापन
राज्य प्रधान विजय सिंह ने कहा कि रेवाड़ी जिला के कर्मचारियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के अन्य जिलों में डीआईटीएस कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जा चुका है, चाहे वे कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत हों या बाहर। ऐसे में रेवाड़ी जिले में वेतन वृद्धि न होना कर्मचारियों के हितों के साथ भारी अन्याय है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि संघ इस मामले को प्रदेश सरकार के समक्ष जोरदार तरीके से उठाएगा और जब तक रेवाड़ी के कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक आंदोलनात्मक कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा।
-- -- -- -- -- --
कौशल रोजगार एक्ट का लाभ देने की मांग पर बनी सहमति
विजय सिंह ने बताया कि आगामी 5 अक्तूबर को संगठन द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें डीआईटीएस कर्मचारियों की सभी मांगों को मनवाने की रणनीति तैयार की जाएगी। यदि सरकार हमारी मांगों को पूरा नही करती है तो मजबूर होकर हमें फिर से आंदोलन की राह पर अग्रसर होना पड़ेगा। मीटिंग में जिन कर्मचारियों की कार्य अवधि पांच साल पूरी नही हुई है, उन्हें भी कौशल रोजगार एक्ट का लाभ देने की मांग उठाने पर सहमति बनी।
विज्ञापन
बैठक की शुरुआत में वर्तमान जिला इकाई को भंग कर नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से दया शंकर को जिला प्रधान, देवेंद्र शर्मा को कार्यकारी जिला प्रधान, देवेंद्र कुमार को कोषाध्यक्ष, सुभाष चंद्र यादव को जिला सहमंत्री, हरीश आहुजा को सह कोषाध्यक्ष, कपिल शर्मा को सदस्य तथा राहुल भारद्वाज को मीडिया सचिव चुना गया।
विज्ञापन
बैठक में जिला कमेटी की ओर से उपायुक्त कार्यालय के अधीन डीआईटीएस में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई गई। सदस्यों ने बताया कि डीआईटीएस के अंतर्गत कार्यरत स्टाफ को अभी तक रोजगार सुरक्षा अधिनियम का लाभ नहीं मिला है। इसके अलावा, पिछले 15-20 वर्षों से सेवाएं दे रहे लगभग 18 कर्मचारियों के वेतन में पिछले पांच साल से कोई वृद्धि नहीं हुई है। इस मुद्दे पर कर्मचारियों ने गहरी नाराजगी जताई।
विज्ञापन
राज्य प्रधान विजय सिंह ने कहा कि रेवाड़ी जिला के कर्मचारियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के अन्य जिलों में डीआईटीएस कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जा चुका है, चाहे वे कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत हों या बाहर। ऐसे में रेवाड़ी जिले में वेतन वृद्धि न होना कर्मचारियों के हितों के साथ भारी अन्याय है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि संघ इस मामले को प्रदेश सरकार के समक्ष जोरदार तरीके से उठाएगा और जब तक रेवाड़ी के कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक आंदोलनात्मक कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा।
कौशल रोजगार एक्ट का लाभ देने की मांग पर बनी सहमति
विजय सिंह ने बताया कि आगामी 5 अक्तूबर को संगठन द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें डीआईटीएस कर्मचारियों की सभी मांगों को मनवाने की रणनीति तैयार की जाएगी। यदि सरकार हमारी मांगों को पूरा नही करती है तो मजबूर होकर हमें फिर से आंदोलन की राह पर अग्रसर होना पड़ेगा। मीटिंग में जिन कर्मचारियों की कार्य अवधि पांच साल पूरी नही हुई है, उन्हें भी कौशल रोजगार एक्ट का लाभ देने की मांग उठाने पर सहमति बनी।