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Rewari News: ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 तक खोलने का निर्णय
Mon, 08 Sep 2025 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 08 Sep 2025 11:52 PM IST
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फोटो : 5खेत में भरा बारिश का पानी। संवाद
रेवाड़ी। भारी बारिश और जलभराव से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। अब प्रभावित 107 गांवों के किसानों की खराब फसलों का विवरण अपलोड करने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर तक खोलने का निर्णय लिया गया है।
रेवाड़ी के 107 गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं। इनमें पाल्हावास तहसील के 29, धारूहेड़ा कि 37, बावल तहसील के 23 और डहीना तहसील के 2 गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों के किसानों के लिए 15 सितंबर तक पोर्टल खोल दिया गया है। किसान अपनी फसल खराबे की जानकारी अपलोड कर सकते हैं।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला राजस्व अधिकारियों की ओर से ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्राप्त दावों का विशेष गिरदावरी के रूप में सत्यापन किया जाएगा और आकलन के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा जारी किया जाएगा।
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प्रभावित किसान द्वारा दावा दर्ज करने के बाद, संबंधित पटवारी, कानूनगो, सर्कल राजस्व अधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी, उप मंडल अधिकारी, उपायुक्त नुकसान का आकलन करेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल क्षति का पंजीकरण जल्द से जल्द पोर्टल पर दर्ज कराएं।
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रेवाड़ी के 107 गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं। इनमें पाल्हावास तहसील के 29, धारूहेड़ा कि 37, बावल तहसील के 23 और डहीना तहसील के 2 गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों के किसानों के लिए 15 सितंबर तक पोर्टल खोल दिया गया है। किसान अपनी फसल खराबे की जानकारी अपलोड कर सकते हैं।
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डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला राजस्व अधिकारियों की ओर से ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्राप्त दावों का विशेष गिरदावरी के रूप में सत्यापन किया जाएगा और आकलन के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा जारी किया जाएगा।
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प्रभावित किसान द्वारा दावा दर्ज करने के बाद, संबंधित पटवारी, कानूनगो, सर्कल राजस्व अधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी, उप मंडल अधिकारी, उपायुक्त नुकसान का आकलन करेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल क्षति का पंजीकरण जल्द से जल्द पोर्टल पर दर्ज कराएं।