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Rewari News: त्योहारी सीजन में बसों की कमी बढ़ा सकती है यात्रियों की परेशानी
Wed, 14 Oct 2026 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:10 AM IST
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डिपो में खड़ी अधिकांश निजी परमिट की बसें। संवाद
रेवाड़ी। त्योहारी सीजन में लोग न सिर्फ अपने घर जाते हैं बल्कि खरीदारी के लिए गांवों से शहर में आते हैं। इससे बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। वर्तमान में रेवाड़ी डिपो में 177 बसों की जरूरत जबकि 155 बसें उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। स्थिति यह है कि 135 बसें ही सड़कों पर दौड़ रही है। ऐसे में बसों की कमी से यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है।
सामान्य दिनों में प्रतिदिन 25 हजार यात्री रोडवेज बसों में सफर करते हैं। त्योहारी सीजन में यह संख्या बढ़कर 35 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में यात्रियों को समय पर बसं उपलब्ध कराना रोडवेज के लिए चुनौती होगी।
त्योहारी सीजन में दिल्ली, गुरुग्राम, नारनौल, महेंद्रगढ़, जयपुर और अन्य प्रमुख रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इसके अलावा आसपास के गांवों और कस्बों में आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा होता है।
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नौकरीपेशा लोगों के साथ खरीदारी करने वाले लोग बसों पर निर्भर रहते हैं। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को बसों के इंतजार में अधिक समय बिताना पड़ सकता है। वहीं, प्रमुख रूटों पर भीड़ बढ़ने से बसों में सीट मिलना भी मुश्किल हो सकता है।
बेड़े की औसतन 20 बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। ऐसे में त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली मांग को पूरा करने के लिए बसों का नियमित संचालन और रूटों पर निगरानी जरूरी होगी। यात्रियों को राहत देने के लिए रोडवेज प्रबंधन को भीड़ वाले समय और प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान देना होगा।
निजी बसों का है सहारा:
हालांकि 100 से अधिक निजी व परमिट की बसों को भी जिले के साथ-साथ अन्य रूटों पर परमिट मिला हुआ है। बसों के अभाव में अधिकांश रूटों पर निजी बसों के टाइम निर्धारित किए गए हैं। लेकिन यह निजी बसें जरूरत के समय कई बार चक्कर मिस कर देती हैं। डिपो में इंस्पेक्टर के 25 पदों में से महज चार पर ही तैनाती है जबकि 21 पद रिक्त हैं। ऐसे में निगरानी के अभाव में इनकी मनमर्जी भी बढ़ रही है।
वर्जन:
त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या और रूटों पर दबाव को देखते हुए जरूरत के अनुसार बसों के चक्कर बढ़ाए जाएंगे। प्रमुख रूटों पर यात्रियों की आवाजाही अधिक रहने के कारण वहां बसों की उपलब्धता बनाए रखना प्राथमिकता रहेगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की जाएगी और किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।-निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो।
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सामान्य दिनों में प्रतिदिन 25 हजार यात्री रोडवेज बसों में सफर करते हैं। त्योहारी सीजन में यह संख्या बढ़कर 35 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में यात्रियों को समय पर बसं उपलब्ध कराना रोडवेज के लिए चुनौती होगी।
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त्योहारी सीजन में दिल्ली, गुरुग्राम, नारनौल, महेंद्रगढ़, जयपुर और अन्य प्रमुख रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इसके अलावा आसपास के गांवों और कस्बों में आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा होता है।
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नौकरीपेशा लोगों के साथ खरीदारी करने वाले लोग बसों पर निर्भर रहते हैं। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को बसों के इंतजार में अधिक समय बिताना पड़ सकता है। वहीं, प्रमुख रूटों पर भीड़ बढ़ने से बसों में सीट मिलना भी मुश्किल हो सकता है।
बेड़े की औसतन 20 बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। ऐसे में त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली मांग को पूरा करने के लिए बसों का नियमित संचालन और रूटों पर निगरानी जरूरी होगी। यात्रियों को राहत देने के लिए रोडवेज प्रबंधन को भीड़ वाले समय और प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान देना होगा।
निजी बसों का है सहारा:
हालांकि 100 से अधिक निजी व परमिट की बसों को भी जिले के साथ-साथ अन्य रूटों पर परमिट मिला हुआ है। बसों के अभाव में अधिकांश रूटों पर निजी बसों के टाइम निर्धारित किए गए हैं। लेकिन यह निजी बसें जरूरत के समय कई बार चक्कर मिस कर देती हैं। डिपो में इंस्पेक्टर के 25 पदों में से महज चार पर ही तैनाती है जबकि 21 पद रिक्त हैं। ऐसे में निगरानी के अभाव में इनकी मनमर्जी भी बढ़ रही है।
वर्जन:
त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या और रूटों पर दबाव को देखते हुए जरूरत के अनुसार बसों के चक्कर बढ़ाए जाएंगे। प्रमुख रूटों पर यात्रियों की आवाजाही अधिक रहने के कारण वहां बसों की उपलब्धता बनाए रखना प्राथमिकता रहेगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की जाएगी और किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।-निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो।