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Rewari News: पराली जलाने पर लगेगा 30 हजार रुपये तक जुर्माना, एफआईआर भी होगी दर्ज
Wed, 14 Oct 2026 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:01 AM IST
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रेवाड़ी। जिले में धान की कटाई शुरू हो गई है। ऐसे में पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी और रोकथाम के लिए 132 गांवों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। पराली जलाते पकड़े जाने पर संबंधित किसान पर पांच हजार से 30 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर भूमि रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज करने के साथ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने गांवों में लगातार गश्त करने और खेतों में आगजनी की घटनाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की जैविक गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे में किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें।
सहायक कृषि अभियंता इंजीनियर दिनेश शर्मा ने बताया कि पराली नहीं जलाने और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने वाले किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है। किसानों को जागरूक करने और प्रोत्साहन राशि से जुड़ी प्रक्रिया में मदद के लिए जिले के 132 गांवों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इस बार मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जिले में 4780 एकड़ भूमि का पंजीकरण हुआ है।
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मशीनों से करें फसल अवशेषों का प्रबंधन
कृषि विभाग ने किसानों से पराली जलाने के बजाय सुपर सीडर, रिवर्सिबल एमबी प्लॉ, जीरो टिल सीड ड्रिल, रोटावेटर और हैरो जैसी कृषि मशीनों की मदद से फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा सरकार की फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को पराली के उचित निपटान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने गांवों में लगातार गश्त करने और खेतों में आगजनी की घटनाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की जैविक गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे में किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें।
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सहायक कृषि अभियंता इंजीनियर दिनेश शर्मा ने बताया कि पराली नहीं जलाने और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने वाले किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है। किसानों को जागरूक करने और प्रोत्साहन राशि से जुड़ी प्रक्रिया में मदद के लिए जिले के 132 गांवों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इस बार मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जिले में 4780 एकड़ भूमि का पंजीकरण हुआ है।
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मशीनों से करें फसल अवशेषों का प्रबंधन
कृषि विभाग ने किसानों से पराली जलाने के बजाय सुपर सीडर, रिवर्सिबल एमबी प्लॉ, जीरो टिल सीड ड्रिल, रोटावेटर और हैरो जैसी कृषि मशीनों की मदद से फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा सरकार की फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को पराली के उचित निपटान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।