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Rewari News: एम्स में 48 विद्यार्थियों ने शुरू की एमबीबीएस की पढ़ाई
Sat, 17 Oct 2026 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:25 AM IST
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कुंड। रेवाड़ी-जैसलमेर हाईवे स्थित गांव माजरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 11 माह के लंबे इंतजार के बाद एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। संस्थान में स्वीकृत 50 सीटों में से 48 विद्यार्थियों ने पढ़ाई शुरू कर दी है। शेष दो विद्यार्थियों के भी जल्द जुड़ने की संभावना है।
दिसंबर के पहले सप्ताह तक ओपीडी सेवाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है। इससे रेवाड़ी सहित दक्षिणी हरियाणा के आठ जिलों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
करीब 1700 करोड़ रुपये की लागत से 210 एकड़ (85 हेक्टेयर) क्षेत्र में एम्स का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को इसका शिलान्यास किया था। उस समय 22 माह के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
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शुरुआत में निर्माण कार्य की गति धीमी रही, लेकिन अब परिसर में विभिन्न ब्लॉकों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। संस्थान प्रबंधन का प्राथमिक उद्देश्य एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कराने के बाद जल्द से जल्द ओपीडी सेवाएं आरंभ करना है।
एम्स परिसर में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और मेस की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों के रहने और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थियों की समय सारणी तैयार करने के बाद कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को संस्थान के नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई है। दूसरी ओर, शिक्षकों की नियुक्ति के साथ करीब 1700 स्टाफ सदस्यों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। फैकल्टी और नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्तियां की जा रही हैं, ताकि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
सुविधाओं और शोध संबंधी बुनियादी ढांचे को विकसित करने का काम जारी है। अस्पताल पूरी तरह संचालित होने के बाद यहां 18 सुपर स्पेशियलिटी विभागों और करीब 750 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। प्रतिदिन लगभग 1500 मरीजों की ओपीडी और हर महीने करीब एक हजार भर्ती मरीजों के उपचार का लक्ष्य रखा गया है।
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दिसंबर के पहले सप्ताह तक ओपीडी सेवाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है। इससे रेवाड़ी सहित दक्षिणी हरियाणा के आठ जिलों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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करीब 1700 करोड़ रुपये की लागत से 210 एकड़ (85 हेक्टेयर) क्षेत्र में एम्स का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को इसका शिलान्यास किया था। उस समय 22 माह के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
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शुरुआत में निर्माण कार्य की गति धीमी रही, लेकिन अब परिसर में विभिन्न ब्लॉकों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। संस्थान प्रबंधन का प्राथमिक उद्देश्य एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कराने के बाद जल्द से जल्द ओपीडी सेवाएं आरंभ करना है।
एम्स परिसर में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और मेस की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों के रहने और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थियों की समय सारणी तैयार करने के बाद कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को संस्थान के नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई है। दूसरी ओर, शिक्षकों की नियुक्ति के साथ करीब 1700 स्टाफ सदस्यों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। फैकल्टी और नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्तियां की जा रही हैं, ताकि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
सुविधाओं और शोध संबंधी बुनियादी ढांचे को विकसित करने का काम जारी है। अस्पताल पूरी तरह संचालित होने के बाद यहां 18 सुपर स्पेशियलिटी विभागों और करीब 750 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। प्रतिदिन लगभग 1500 मरीजों की ओपीडी और हर महीने करीब एक हजार भर्ती मरीजों के उपचार का लक्ष्य रखा गया है।