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अब प्रीपेड मोबाइल की तरह रिचार्ज हो सकेगी बिजली
सर्वेश कुमार/चंडीगढ़
Updated Wed, 28 Aug 2013 12:37 PM IST
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अब बिजली के यूनिट्स को भी रिचार्ज करना संभव होगा। प्री-पेड एनर्जी मीटर में बिजली की यूनिट्स को रिचार्ज किया जाएगा, ताकि जरूरत और बजट के मुताबिक बिजली की खपत की जा सके। बिजली के यूनिट्स खत्म होने से पहले मोबाइल पर आपके पास अलर्ट का एसएमएस भी आएगा।
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एनर्जी कार्ड का यूनीक नंबर होगा, जो मोबाइल की तर्ज पर ग्राहकों के इस नंबर पर यूनिट्स को रिचार्ज करेगा। चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग (एनआईटीटीआर) के छात्र शोध कर रहे हैं। शोधार्थी जम्मू कश्मीर के कुछ इलाकों में इसका ट्रायल भी कर रहे हैं।
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पांच हजार की आएगी लागत
बिजली की किल्लत और बिलों के भुगतान में आने वाली दिक्कतों को भी यह मीटर दूर करेगा। एनआईटीटीटीआर के इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रितुला ठाकुर ने बताया कि एनर्जी मीटर के विकास का उद्देश्य लोगों में ऊर्जा के सीमित संसाधनों के उचित इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना है।
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स्मार्ट ग्रिड के सिस्टम के तहत एनर्जी मीटर को मोबाइल की तरह रिचार्ज किया जाएगा। प्रीपेड कार्ड होने की वजह से उपभोक्ता जरूरत के मुताबिक यूनिट रिचार्ज कराएंगे, इससे बिजली की बर्बादी भी रुकेगी।
इस मीटर के विकास के लिए शोध कर रहे पावर डेवलेपमेंट कारपोरेशन में कार्यरत डॉ. रोहित ने बताया कि इसके निर्माण में करीब पांच हजार की लागत आएगी।
लेकिन उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं पड़े, इसलिए उन्हें सब्सिडी देने पर भी सरकार से विचार विमर्श किया जाएगा। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और माइक्रो प्रोसेसर की मदद से इसे तैयार किया जा रहा है।
मीटर में प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली की खपत होगी और जैसे ही इसकी रकम खत्म होने वाली होगी, दोबारा रिचार्ज कराने के लिए मैसेज भी भेजे जाएंगे। अगले साल इस मीटर के बाजार में उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है। इस बात पर भी शोध किया जा रहा है कि जिन इलाकों में किल्लत या घोषित कट लगते हैं, इसकी भी जानकारी मैसेज के जरिये मुहैया कराई जाए, ताकि लोगों तक इससे जुड़ी सूचना भी पहुंच सके।
मीटर ऐसे करेगा काम
-कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के जरिये यूनिट्स के रेट को निर्धारित कर प्री-पेड मीटर में फीड किया जाएगा।
-बिजली की मासिक खपत के आधार पर उपभोक्ता मीटर को कार्ड से रिचार्ज की सुविधा दी जाएगी।
-कार्ड में चिप होगी, जो यूनीक नंबर देगा और इसी आधार पर रिचार्ज संभव होगा।
-यूनिट्स खत्म होने से पहले अलर्ट भी मीटर पर जारी होगा और मोबाइल पर भी मैसेज मिलेगा।