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हरियाणा: कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि, मंडियों में पड़ी व खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान का अंदेशा
Sun, 24 Oct 2021 07:52 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा
अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 24 Oct 2021 07:52 PM IST
सार
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब के बाद रविवार को हरियाणा में तेज बारिश व ओलावृष्टि की गतिविधियां दर्ज की। इससे मंडियों में पड़ी व खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान का अंदेशा है।
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झज्जर में बारिश के कारण सड़कों पर हुआ जलभराव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा में रविवार अलसुबह से ही मौसम बदलना शुरू हो गया था। सुबह सिरसा के आसपास क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई तो वहीं दिन में अंबाला, कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद, यमुनानगर, करनाल आदि जिलों में बारिश की गतिविधियां दर्ज की गई। शाम के समय झज्जर, महेंद्रगढ़, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी मे बारिश की गतिविधियां दर्ज की गई।
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मौसम में बदलाव होने के बाद रविवार अलसुबह सिरसा में 10, गोलेवाला में 15, ओटू 4, पंजुआना में 9, रोड़ी में 10, कालांवाली में 6, खुईयां मलकाना में 6, अबूबशहर में 6, झंडा में 2 एमएम बारिश के साथ नहराणा में बूंदाबांदी हुई है। सुबह बारिश होने के कारण अब सर्दी भी पहले के मुकाबले बढ़ना शुरू हो चुकी है। बारिश और तेज हवा के कारण कई क्षेत्रों में धान की फसल जमीन पर भी बिछ गई। इसके कारण किसानों को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं जिले में अब सरसों की बिजाई का कार्य भी किया जा रहा है। बारिश से सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है।
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वहीं मंडियों में हालात सामान्य रहे। भिवानी में धान की फसल को 40 फीसदी नुकसान हुआ है। जिले में धान का कोई खरीद सेंटर नहीं है। फिलहाल सरसों की बिजाई और धान की कटाई का काम चल रहा है। बारिश आती है तो दोनों ही काम प्रभावित होंगे। फतेहाबाद में 60 प्रतिशत धान अभी भी खेतों में है। मंडी में सिर्फ 40 प्रतिशत धान पहुंची है। ऐसे में बारिश के आसार बनने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। टोहाना क्षेत्र में शनिवार देर रात हल्की बारिश हुई। रविवार सुबह भी जिले में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई।
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जिले की मंडियों व खरीद केंद्रों में अब तक तीन लाख 22 हजार 919 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इसमें से दो लाख 27 हजार 331 मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। अभी भी 95 हजार 588 मीट्रिक टन धान अनाज मंडियों में रखा है। उधर, चरखी दादरी और हिसार में बादल छाए रहे। मौसम में ठंडक रही।
वहीं, हरियाणा के कई इलाकों में रविवार दिन में मौसम बदलना शुरू हुआ। अंबाला, कुरुक्षेत्र, जींद के कुछ इलाकों, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़ में बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ है। कई इलाकों में इस दौरान ओलावृष्टि भी हुई।
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झज्जर के बेरी की अनाज मंडी में बारिश से धान भीग गया। महेंद्रगढ़ के दुलोट गांव में 5 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। रोहतक में तेज बारिश और महम में ओलावृष्टि हुई। झज्जर शहर में करीब 15 एमएम बारिश से शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया। यहां अनाज मंडी में तीन हजार क्विंटल बाजरा भीग गया। जिले के कई गांवों में हल्की ओलावृष्टि हुई। इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
सोनीपत के गांवों में हुई ओलावृष्टि
सोनीपत में औसतन 5 एमएम बारिश हुई है। जिसने सोनीपत ब्लॉक में 16 एमएम बारिश हुई। अन्य 5 ब्लॉक में 1 या 2 एमएम बारिश हुई है। सोनीपत के गांव रोहट, फतेहपुर, ककरोई, नकलोई, भटगांव के साथ खरखोदा शहर और खांडा गांव तथा गोहाना के गांव सरगथल, कासंडा, कासंडी, दुभेटा में ओले गिरे हैं।