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लापता नाबालिग का सुराग न मिलने पर हंगामा
डबवाली (सिरसा)/ब्यूरो
Updated Mon, 14 Oct 2013 09:38 PM IST
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लापता नाबालिग का आठ दिन बाद भी सुराग न लगने से आक्रोशित लोगों ने सोमवार को लघु सचिवालय को घेराव कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पकड़े गए तीन आरोपियों को छुड़वाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी (मीडिया) डॉ. केवी सिंह के खिलाफ भी जोरदार नारेबाजी की गई।
दो घंटे बाद उपमंडलाधीश और डीएसपी के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए। डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी एएसआई जगदीश चंद्र को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एएसआई को निलंबित करने के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों को आरोपियाें की गिरफ्तारी नाबालिग को शीघ्र बरामद करने का आश्वासन दिया।
डबवाली निवासी बनवारी लाल, राजकुमार, सुमित्रा देवी, मोहन लाल, मदन लाल, सुरेंद्र सोनी, राधा रानी, काला, सन्नी सोनी, पिंकी रानी, मंगत सोनी, लाभचंद , कश्मीरी लाल, पूर्णराम, सुषमा देवी, संतोष, सीता देवी, शकुंतला के नेतृत्व अनेक लोग सोमवार सुबह 11 बजे लघु सचिवालय पहुंचे और पुलिस व ओएसडी (मीडिया) डॉ. केवी सिंह के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया।
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पीड़ित ने बताया कि छह अक्तूबर को वह अपने परिवार सहित घर पर सोए हुए थे। सात अक्तूबर को सुबह करीब छह बजे उसकी बेटी घर से लापता थी। उन्होंने अपने स्तर पर तलाश की। पता चला कि उनकी बेटी को अमृतसर निवासी हरजिंद्र सिंह बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। इस मामले में उनके पड़ोस में रहने वाली हरजिंदर की बहन सर्वजीत कौर, जीजा सुरेंद्र सिंह और मनप्रीत कौर पत्नी जसवीर सिंह भी शामिल है।
उन्हाेंने बताया कि उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. केवी सिंह के कहने पर आरोपियों को छोड़ दिया गया। जब उन्होंने मामले की जांच कर रहे एएसआई जगदीश चंद से पूछा तो उनके साथ बदसलूकी की गई।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि वे जब भी पुलिस के पास न्याय की गुहार लेकर गए तो पुलिस ने हर बार उनसे बदसलूकी की। दो घंटे तक प्रदर्शनकारी पुलिस और कांग्रेस नेता के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बाद में मौके पर आए उपमंडलाधीश सतीश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया। उपमंडलाधीश के बुलाने पर कार्यकारी डीएसपी रविंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे।
एएसआई लाइन हाजिर : डीएसपी
डीएसपी रविंद्र कुमार ने कहा कि एएसआई जगदीश चंद्र ने बदसलूकी करते हुए गाली-गलौच की थी, जिसके लिए उसे लाइन हाजिर कर दिया गया है। उस दिन उसने शराब पी हुई थी। इसकी भी पुष्टि हो चुकी है। उन्हाेंने बताया कि एएसआई को निलंबित करने के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों से आरोपियाें की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का समय मांगा साथ ही आश्वासन दिया कि नाबालिग को शीघ्र बरामद कर लिया जाएगा।
मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र : डॉ.सिंह
मुख्यमंत्री के ओएसडी मीडिया डॉ. केवी सिंह का कहना है कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। पीड़ित और आरोपी पक्ष का कोई व्यक्ति उनके पास नहीं आया है। जिन लोगों का राजनीति से वजूद खत्म हो चुका है। वे ही उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है।
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दो घंटे बाद उपमंडलाधीश और डीएसपी के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए। डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी एएसआई जगदीश चंद्र को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एएसआई को निलंबित करने के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों को आरोपियाें की गिरफ्तारी नाबालिग को शीघ्र बरामद करने का आश्वासन दिया।
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डबवाली निवासी बनवारी लाल, राजकुमार, सुमित्रा देवी, मोहन लाल, मदन लाल, सुरेंद्र सोनी, राधा रानी, काला, सन्नी सोनी, पिंकी रानी, मंगत सोनी, लाभचंद , कश्मीरी लाल, पूर्णराम, सुषमा देवी, संतोष, सीता देवी, शकुंतला के नेतृत्व अनेक लोग सोमवार सुबह 11 बजे लघु सचिवालय पहुंचे और पुलिस व ओएसडी (मीडिया) डॉ. केवी सिंह के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया।
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पीड़ित ने बताया कि छह अक्तूबर को वह अपने परिवार सहित घर पर सोए हुए थे। सात अक्तूबर को सुबह करीब छह बजे उसकी बेटी घर से लापता थी। उन्होंने अपने स्तर पर तलाश की। पता चला कि उनकी बेटी को अमृतसर निवासी हरजिंद्र सिंह बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। इस मामले में उनके पड़ोस में रहने वाली हरजिंदर की बहन सर्वजीत कौर, जीजा सुरेंद्र सिंह और मनप्रीत कौर पत्नी जसवीर सिंह भी शामिल है।
उन्हाेंने बताया कि उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. केवी सिंह के कहने पर आरोपियों को छोड़ दिया गया। जब उन्होंने मामले की जांच कर रहे एएसआई जगदीश चंद से पूछा तो उनके साथ बदसलूकी की गई।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि वे जब भी पुलिस के पास न्याय की गुहार लेकर गए तो पुलिस ने हर बार उनसे बदसलूकी की। दो घंटे तक प्रदर्शनकारी पुलिस और कांग्रेस नेता के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बाद में मौके पर आए उपमंडलाधीश सतीश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया। उपमंडलाधीश के बुलाने पर कार्यकारी डीएसपी रविंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे।
एएसआई लाइन हाजिर : डीएसपी
डीएसपी रविंद्र कुमार ने कहा कि एएसआई जगदीश चंद्र ने बदसलूकी करते हुए गाली-गलौच की थी, जिसके लिए उसे लाइन हाजिर कर दिया गया है। उस दिन उसने शराब पी हुई थी। इसकी भी पुष्टि हो चुकी है। उन्हाेंने बताया कि एएसआई को निलंबित करने के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों से आरोपियाें की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का समय मांगा साथ ही आश्वासन दिया कि नाबालिग को शीघ्र बरामद कर लिया जाएगा।
मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र : डॉ.सिंह
मुख्यमंत्री के ओएसडी मीडिया डॉ. केवी सिंह का कहना है कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। पीड़ित और आरोपी पक्ष का कोई व्यक्ति उनके पास नहीं आया है। जिन लोगों का राजनीति से वजूद खत्म हो चुका है। वे ही उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है।