{"_id":"3fefb8a4-778b-11e2-8deb-d4ae52bc57c2","slug":"pressuring-government-gopal-kanda-became-powerful-minister","type":"story","status":"publish","title_hn":"दबाव बनाकर पावरफुल मंत्री बने थे गोपाल कांडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दबाव बनाकर पावरफुल मंत्री बने थे गोपाल कांडा
चंडीगढ़/ब्यूरो
Updated Sat, 16 Feb 2013 05:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस को पूर्ण बहुमत न मिलने से भूपेंद्र सिंह हुड्डा की दोबारा सरकार बनवाने में सभी सातों निर्दलीय विधायकों की बेहद जरूरत थी। इसलिए सिरसा से निर्दलीय विधायक बने गोपाल कांडा दबाव बनाकर हुड्डा सरकार में न केवल मंत्री बने थे बल्कि गृह विभाग भी ले लिया था। बताते है कि कांडा की सरकार बनवाने में अहम भूमिका थी।
विज्ञापन
अक्तूबर 2009 में कांग्रेस के 40 विधायक जीते थे लेकिन सरकार बनाने के लिए कम से कम 46 विधायकों की जरूरत थी। प्रदेश में सात निर्दलीय विधायक जीते थे। छह विधायक तो परिणाम आते ही मुख्यमंत्री के संपर्क में हो गए थे लेकिन कांडा को परिणाम वाले दिन देर रात को पुलिस पहरे में भीड़ के बीचोंबीच सिरसा के तत्कालीन एसपी अपने साथ लेकर गए थे। कांडा उसके बाद सीधे मुख्यमंत्री के पास दिल्ली पहुंचे थे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने 28 अक्तूबर 2009 को विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया। उसके दस दिन बाद नवंबर में उन्होंने मंत्रिमंडल गठित किया। मंत्रिमंडल में सातों निर्दलीय विधायकों में से चार को मंत्री और तीन को मुख्य संसदीय सचिव बनाया था। हालांकि कांडा को राज्यमंत्री बनाया गया था लेकिन उन्हें शहरी स्थानीय निकाय विभाग का स्वतंत्र कार्यभार लिया था और गृह विभाग का जिम्मा मुख्यमंत्री के साथ मिला था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री पर दबाव बनाने के लिए कांडा बीच-बीच में कुछ नाराजगी जताते रहे और मुख्यमंत्री उन्हें मनाते रहे। सिरसा के सांसद अशोक तंवर को कांडा ने एक कार्यक्रम नहीं बुलाया तो मुख्यमंत्री ने कांडा पर गुस्सा जताया। कांडा अगले दिन नाराज होकर हिसार में अपनी सरकारी कार छोड़कर लापता हो गए थे। यह अलग बात है कि रणदीप सुरजेवाला उन्हें मनाया और मुख्यमंत्री के पास लेकर गए थे।
विवादों से पुराना रिश्ता है कांडा का
जूतों का शोरूम खोलकर व्यवसायी बने गोपाल कांडा का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। कभी इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला, उनके बेटों अजय चौटाला और अभय चौटाला के साथ कांडा के अच्छे संबंध थे। 2009 के विधानसभा चुनाव में कांडा ने इनेलो से अलग राह पकड़ी और सिरसा से निर्दलीय विधायक बने।
गृह राज्यमंत्री बनने के बाद तीन अप्रैल 2009 को सिरसा में इनेलो कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप उन पर लगा। इसके अलावा उनकी कंपनी के नाम पर लोन लेकर ली गई कार में कांडा के ड्राइवर पर एक लड़की के साथ दुराचार का आरोप लगा था।
क्रिकेटर अतुल वासन के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगा था। आयकर विभाग के अफसरों के साथ छापेमारी करने के दौरान झगड़ा करने का भी कांडा और उनके गुर्गों पर आरोप लगे। पिछले साल अगस्त में गीतिका खुदकुशी कांड के कई दिन बाद कांडा ने दिल्ली पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था। तब से वे जेल में हैं।
गोपाल कांडा: जूतों की दुकान से जेल तक
जन्म : 29 दिसंबर 1965 को सिरसा (हरियाणा) में
पिता : मुरली धर
पत्नी : सरस्वती देवी
बच्चे : एक पुत्र और दो पुत्री
अध्यक्ष एमडीएलआर एयरलाइंस
कारोबार
--शुरुआत में छोटे भाई गोबिंद कांडा के साथ मिलकर सिरसा में जूतों की दुकान की।
--1998-99 में सिरसा से गुड़गांव पहुंच प्रॉपर्टी डीलिंग करने लगे।
--प्रॉपर्टी डीलिंग से काफी संपत्ति अर्जी की।
--मार्च 2007 को एमडीएलआर एयरलाइंस बनाई, मगर तीन साल बाद एमडीएलआर घाटे का सौदा साबित हो गई और फिर उसे बंद करना पड़ा।
--गोवा में कैसिनो का कारोबार भी है।
राजनीति सफर :
--2009 में सिरसा विधानसभा सीट से निर्दलीय जीते।
--2009 में सिरसा विधानसभा सीट से इनेलो के उम्मीदवार को 6469 वोटों से हराया।
--हरियाणा कांग्रेस सरकार में गृह राज्य मंत्री है।
--विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के मुताबिक कांडा के पास 64 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
आरोप :
--5 अगस्त, 2012 को एमडीएलआर एयरलाइंस (कांडा की कंपनी) में एयर होस्टेस गीतिका शर्मा ने अपने दिल्ली के अशोक विहार स्थित आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
--सुसाइड नोट में गीतिका ने कांडा पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया ।
--13 अगस्त, 2012 को दिल्ली पुलिस ने अदालत के समक्ष एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि जनवरी 2011 में 60 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर जब गीतिका को रखा गया था, तो उसके नियुक्ति पत्र में लिखा गया था कि वह रोजाना शाम को घर जाते समय मैनेजिंग डायरेक्टर से मिलकर जाएगी। कांडा इस समय जेल में है। गीतिका की मां की आत्महत्या के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
गीतिका शर्मा खुदकुशी मामला
5 अगस्त, 2012 को दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में निजी एयरलाइंस एमडीएलआर की पूर्व एयर होस्टेस गीतिका शर्मा ने खुदकुशी कर ली थी। गीतिका ने अपने सुसाइड नोट में हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल गोयल कांडा और कांडा की एमडीएलआर एयरलाइंस की वरिष्ठ अधिकारी अरुणा चड्ढा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। मौके से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। कांडा का हरियाणा के गृह राज्य मंत्री पद से इस्तीफा।
तब से अब तक
6 अगस्त : पुलिस ने गीतिका के लैपटॉप व मोबाइल जब्त कर जांच के लिए भेजा, एफआईआर में धमकी की धारा भी जोड़ी गई।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया।
8 अगस्त : पुलिस ने अरुणा चड्ढा से 10 घंटे तक पूछताछ करने के बाद उसे गिरफ्तार किया।
एफआईआर में साजिश की धारा जोड़ी गई, कांडा की तलाश में छापेमारी शुरू।
9 अगस्त : रोहिणी कोर्ट से कांडा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज।
10 अगस्त : पुलिस ने कांडा की गिरफ्तारी को लेकर गुड़गांव, सिरसा सहित हरियाणा में छापेमारी की।
12 अगस्त : चंडीगढ़, सिलीगुड़ी, गोवा में भी कांडा की तलाश, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
13 अगस्त : कांडा ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की।
14 अगस्त : हाईकार्ट ने कांडा की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।
15 अगस्त : सिरसा स्थित कांडा के घर पर पुलिस ने फिर एक बार छापेमारी की।
16 अगस्त : रोहिणी अदालत ने कांडा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया।
18 अगस्त : कांडा ने अशोक विहार थाने में पहुंचकर अपने आप को सरेंडर किया।
21 अगस्त : दिल्ली पुलिस ने कांडा के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एक और मामला दर्ज किया।
6 अक्तूबर : दिल्ली पुलिस ने गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया
दोनों के खिलाफ धारा-306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), धारा-120बी (आपराधिक साजिश रचना), धारा-506 (धमकी देना), 201 (सबूत नष्ट करना), 467 (महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी), 469 (प्रतिष्ठा हनन के लिए जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज को असली बताना), और आईटी एक्ट-66 के तहत चार्जशीट दाखिल।
आरोप पत्र में कहा गया कि गीतिका को आरोपियों ने जान-बूझकर मानसिक तौर पर इतना प्रताड़ित किया, धमकी दी और ब्लैकमेल किया कि वह खुदकुशी के लिए मजबूर हो गई।
20 नवंबर : दिल्ली हाईकोर्ट ने कांडा की जमानत अर्जी खारिज की।
22 जनवरी, 2013 : दिल्ली पुलिस ने तीसरा चार्जशीट चनशिवरूप सिंह के खिलाफ कोर्ट में दाखिल की।
चनशिवरूप सिंह सरकारी गवाह बनने की मांग की थी और फिर जमानत मिलते ही अमेरिका भाग गया था।