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इंजेक्शन लगाया, मरीज की मौत, हंगामा
नारनौल/ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2013 09:25 PM IST
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निजी चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद महेंद्रगढ़ निवासी सुरेश सैनी (38) की मंगलवार को मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक डॉ. रजनीश यादव पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगा कर उसके खिलाफ सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
सिटी थानाध्यक्ष डॉ. हरिओम ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान पर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरेश ने करीब दो महीने पहले बुखार आने पर स्थानीय चिकित्सक से इंजेक्शन लगवाया था। बताया जाता है कि वह इंजेक्शन कुछ दिन बाद ही पक गया और फोड़ा बन गया। फोड़ा ठीक न होने पर सुरेश सैनी 28 अक्तूबर को इलाज के लिए नारनौल के सिंघाणा रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज करवाने आए।
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निजी चिकित्सक ने फोड़े को चीरा लगा कर मरीज को घर भेज दिया, लेकिन फोड़ा ठीक न होने पर सुरेश चार नवंबर को इलाज के लिए दोबारा क्लीनिक पर गए। इस दौरान डॉ. रजनीश यादव ने सुरेश को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही सुरेश की तबियत बिगड़ गई।
इस पर निजी चिकित्सक ने अन्य बड़े डाक्टरों को क्लीनिक पर बुलाया तो उन्होंने सुरेश को मृत बताया। इसके बाद निजी चिकित्सकों ने परिजनों को मरीज को सिविल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। मरीज जब उसे सिविल अस्पताल ले गए तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
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सिटी थानाध्यक्ष डॉ. हरिओम ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान पर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरेश ने करीब दो महीने पहले बुखार आने पर स्थानीय चिकित्सक से इंजेक्शन लगवाया था। बताया जाता है कि वह इंजेक्शन कुछ दिन बाद ही पक गया और फोड़ा बन गया। फोड़ा ठीक न होने पर सुरेश सैनी 28 अक्तूबर को इलाज के लिए नारनौल के सिंघाणा रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज करवाने आए।
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निजी चिकित्सक ने फोड़े को चीरा लगा कर मरीज को घर भेज दिया, लेकिन फोड़ा ठीक न होने पर सुरेश चार नवंबर को इलाज के लिए दोबारा क्लीनिक पर गए। इस दौरान डॉ. रजनीश यादव ने सुरेश को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही सुरेश की तबियत बिगड़ गई।
इस पर निजी चिकित्सक ने अन्य बड़े डाक्टरों को क्लीनिक पर बुलाया तो उन्होंने सुरेश को मृत बताया। इसके बाद निजी चिकित्सकों ने परिजनों को मरीज को सिविल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। मरीज जब उसे सिविल अस्पताल ले गए तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।